Read latest updates about "कहानी" - Page 1

  • बालकथा: देशभक्त बालक

    सुबह से ही गांव में हलचल मची हुई थी। पहाड़ी पर स्थित गांव का हर एक व्यक्ति मानो एकदूसरे से पूछ रहा था कि अब क्या होगा? 'मां, क्या सचमुच अंग्रेज हमारे घरों में आकर लूटपाट मचाएंगे?' 12 वर्ष के बालक बंता सिंह ने मां से पूछा। 'पिताजी, क्या अंग्रेज हमें मार डालेंगे?' मां से जवाब मिलता न देख बालक ने...

  • बाल कहानी: धर्म का मार्ग

    वाराणसी में सेठ राधेश्याम नामक एक धनी व्यापारी रहते थे। उनका लम्बा-चौड़ा कारोबार दूर-दूर तक फैला हुआ था। सेठ और सेठानी बड़े ही नेकदिल और धार्मिक प्रवृत्ति के इंसान थे। दोनों दीन दुखियों की सेवा में बढ़-चढ़कर भाग लेते। उनके दो पुत्र थे, अरूण और चंदन। दोनों शहर के एक बड़े स्कूल में पढ़ते थे। सेठ जी...

  • बाल कथा: सत्य का मार्ग

    विक्रम सिंह एक माना हुआ चोर था। वह अब तक छोटी-बड़ी सैंकड़ों चोरियां कर चुका था लेकिन अपनी चतुराई के कारण एक बार भी पकड़ा नहीं जा सका था। देश के राजा बलभद्र सिंह ने उसे जिंदा या मुर्दा पकडऩे के लिए भारी इनाम की घोषणा कर रखी थी। एक दिन विक्र म सिंह ने राजा बलभद्र सिंह के राजमहल में चोरी करने का...

  • बाल कथा: टेढ़ी खीर

    पुराने समय की बात है, मेरठ शहर के पास एक छोटे से गांव में एक अंधा आदमी रहा करता था। वह बच्चों को कहानियां तथा चुटकुले सुनाया करता था। बच्चे उसके पास बैठकर खुश होते थे। आस-पास के घरों से उस सूरदास को खाने-पीने की चीजें मिल जाया करती थी। एक दिन गांव के किसी घर में त्यौहार का उत्सव मनाया जा रहा था। उस...

  • बाल कथा: लालू की उड़ान

    लालू बंदर को हवाई जहाज में बैठकर उडऩे का बहुत शौक था लेकिन उसके पास इतने पैसे नहीं थे कि वह टिकट कटाकर हवाई जहाज में बैठ सके। एक दिन उसे पता चला कि उसका दोस्त मीकू खरगोश हवाई जहाज का पायलट बन गया है तो वह बहुत खुश हुआ। 'अब मेरे मन की मुराद जरूर पूरी हो जाएगी', यह सोच कर वह यात्र की तैयारी करके...

  • बाल कहानी: सुपरमैन

    श्रेयांश को बड़ा मजा आता था, सुपरमैन, स्पाइडरमैन, बैटमैन, फैंटम जैसे काल्पनिक 'महामानवों' की कहानियां पढऩे में। जब ये महामानव किसी मुश्किल को चुटकियों में हल कर डालते थे, तब उसे बहुत मजा आता था। जब वे बदमाशों को धूल चटा डालते थे, तब तो उसकी खुशी का ठिकाना न रहता। अक्सर श्रेयांश अपनी मम्मी से इस...

  • बाल कथा: सुधर गया नीरज

    नीरज कॉलेज से आने के बाद राजू के साथ घूमने चला जाता था। यह बात नीरज की मां को पसन्द नहीं थी। वह जानती थी राजू एक अच्छा लड़का नहीं है। इसलिए वह नीरज को उसके साथ घूमने से मना करती थी परन्तु उस पर मां की बातों का कोई असर नहीं पड़ता था। एक दिन नीरज जब राजू के साथ घूमने गया, तब एक जगह कुछ लड़कों ने उन...

  • बाल जगत / जानकारी: कोयल: कुछ रोचक जानकारी

    कोयल रूप और रंग से तो कौवे से बिल्कुल मिलती-जुलती ही होती है, किंतु बोली और स्वभाव में कौवे से भिन्न होती है। कौवा पक्षियों में नीच प्राणी माना जाता है क्योंकि वह सड़े-गले को अपना भोजन बना लेता है। बसन्त ऋतु के समय आम की अमराइयों में तथा अन्यत्र वृक्षों पर बैठी कोयल अपनी मीठी-कूक से सबका ध्यान...

  • बाल कथा: तलवार की खोज

    चंद्रगढ़ के राजा असित सेन के पास एक सोने की तलवार थी। असित सेन उसे बहुत संभाल कर रखते थे। उस तलवार से राजा असित सेन ने कई लड़ाइयां जीती थीं। तलवार की कीमत भी लाखों में थी। एक रात राजा की वह तलवार चोरी चली गई। तलवार के चोरी जाने से राजा परेशान हो गए। उन्होंने काफी तलाश करवाई, लेकिन तलवार न मिली। ...

  • बाल जगत / जानकारी: चतुर लकड़हारा

    एक गांव में एक लकड़हारा था, जो लकडिय़ां काटकर अपने परिवार का भरण पोषण करता था। वह रोज सुबह जंगल में जाता और दिन भर लकडिय़ां काटता। शाम को लकडिय़ों का ग_र बांधता व शहर बेचने चल देता और फिर खाने का राशन लेकर घर लौटता। जंगल में जाते वक्त उसे काफी राहगीर मिलते, जो जंगल के रास्ते दूसरे गांव जाते थे। रोजाना...

  • मुझे समझौता स्वीकार नहीं

    ''मान जा जीत मान जा, तू क्यों इस तरह जिद पर अड़ी हुई है। आखिर क्या बुराई है उस लड़के में। लड़का जात-बिरादरी का है, कमाता-खाता है, देखने भालने में भी कोई बुरा नहीं है फिर क्या आपत्ति है तुझे उससे शादी करने में। और फिर हम उन लोगों से तेरा रिश्ता पहले ही तय कर चुके हैं हम क्या जवाब देंगे उन लोगों को।...

  • बाल कथा: पहचान

    बहुत पहले की बात है। माघ पंडित को साथ ले कर राजा भोज निरूद्देश्य घूमने निकले और घूमते-घामते काफी दूर निकल गए। अब तो वे अपना रास्ता भी भूल गए थे। काफी सिर मारा, पर सही रास्ता नजर नहीं आया। हार कर दोनों एक बुढिय़ा के पास पहुंचे। हाथ जोड़ कर माघ पंडित ने कहा, 'मां, पांव लागूं।' 'जीते रहो बेटे।'...

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