Read latest updates about "बाल जगत" - Page 1

  • बाल कथा: जीरो से बना हीरो

    बहुत समय पहले की बात है। चंपावत जनपद के पाटी ब्लॉक में गर्गचूला मंदिर के चरणों में बसे गांव गागर में चिंतामणि नामक एक व्यक्ति रहता था। उन दिनों शिक्षा का प्रचार-प्रसार आज की भांति नहीं था, अत: एक परिवार में ही कई लोग निरक्षर हुआ करते थे। चिंतामणि नामक वह व्यक्ति भी निरक्षर था। चिंतामणि नाम का वह...

  • क्यों होते जा रहे हैं बच्चे जिद्दी और उग्र?

    आज संयुक्त परिवारों का दौर नहीं है। प्राय: एकल परिवार ही हैं। एकल परिवार भी ऐसे जहां पति-पत्नी नौकरी पेशा हैं। उनके पास अपने लिए ही समय का अभाव है तो वे बच्चों को क्या समय दे पाएंगे। बच्चे को आया के सहारे छोड़ वे देर रात तक घर लौटते हैं। बच्चे के साथ चंद पल गुजारने का समय उनके पास नहीं है तो अच्छे...

  • बाल कथा: अपना काम स्वयं करो

    पीलू बंदर को चित्रकारी का बहुत शौक था। वह बहुत बड़ा चित्रकार बनना चाहता था लेकिन इसके लिए पूरी मेहनत और ईमानदारी की जरूरत थी जो पीलू के लिए संभव नहीं था। वह एक नंबर का आलसी था। कोई भी काम मन लगा कर नहीं करता था। शार्टकट तलाशता था। उसकी मां उसके शौक के बारे में जानती थी और यह भी जानती थी कि वह किसी...

  • बाल जगत: तूफान की वापसी

    बहुत पुरानी बात है। गोलू, राजू, समीर और दीपक के घर रेलवे कॉलोनी में थे। इसलिए चारों दोस्तों को घर से स्कूल और स्कूल से घर आने-जाने के लिए रेलवे लाइनों को पार करना पड़ता था। रेलवे लाइनों को पार करने के लिए एक पुल बना था लेकिन वह उनकी कॉलोनी से लगभग दो फर्लांग दूर था। फिर भी वे अक्सर उस पुल का प्रयोग...

  • क्यों बिगड़ते हैं बच्चे?

    प्रत्येक माता-पिता चाहते हैं कि उनके बच्चे शिक्षित, सभ्य, प्रतिभाशाली और सच्चरित्र बनें। इसके लिए वे शिक्षा, स्वास्थ्य, मनोरंजन, खेलकूद एवं भौतिक सुख-सुविधाओं का ढेर लगाते हैं। लोग सोचते हैं कि अच्छे विद्यालय में भर्ती करा देने एवं साधन-सुविधाएं देने से बच्चे अच्छी शिक्षा और अच्छे संस्कार प्राप्त...

  • बाल कहानी: सच्चा धन

    काशी में धर्मदास नामक एक प्रकांड पंडित रहते थे। वे ज्योतिष विद्या में अत्यंत निपुण थे। उनका गणित कभी गलत नहीं हुआ, फिर भी घर में सदा कंगाली छाई रहती थी। पत्नी किसी न किसी अभाव की चर्चा कर, सदा उन्हें उलाहने दिया करती कि तुम दूसरों के भाग्य बदलने के दिन देखते हो। कभी यह भी देखा, अपने घर के दिन कब...

  • बच्चों के दुर्घटनाग्रस्त होने पर क्या करें?

    सभी मां-बाप को इस बात की फिक्र रहती है कि कहीं उनके बच्चे किसी दुर्घटना में घायल न हो जाएं पर लाख सावधानियों के बावजूद छोटी-छोटी दुर्घटनाएं होती ही रहती हैं। दुर्घटना की हालत में तुरंत क्या करना चाहिए, इसके कुछ सुझाव यहां दिए जा रहे हैं पर यदि बच्चा गंभीर रुप से घायल हो गया है या वह सांस न ले पा...

  • बाल कथा: काला बादल आया

    आकाश में सफेद रंग का धुआं रहता था। उसको खुद पर बहुत घमंड था। एक दिन धुआं आकाश में घूम रहा था। वहां उसने हवा को देखा तो वह उससे बोला, 'नमस्ते, हवा बहन।' 'नमस्ते, कहो कैसे आना हुआ?' हवा ने मुस्कुरा कर कहा। 'ऐसे ही, बारिश का मौसम आ गया है तो सोचा थोड़ा घूम-फिर लूं। आपके हालचाल तो ठीक हैं न?' सफेद...

  • बाल कथा: परीक्षा के आखिरी दिनों में अच्छे अंक हासिल करने का मूल-मंत्र

    परीक्षा से पहले का अंतिम एक महीना किसी भी परीक्षा की तैयारी के लिए सबसे महत्त्वपूर्ण होता है क्योंकि यह महीना सेलेबस को पुन: आरंभ करने का नहीं अपितु उसको बांधने और यह सुनिश्चित करने का है कि आप की तैयारी सटीक दिशा में है या नहीं। यह वह समय है जो तय करता है कि आप परीक्षा में कितना बेहतर प्रदर्शन...

  • बाल जगत: गिरगिट रंग क्यों बदलता है

    गिरगिट की तरह रंग बदलना मुहावरा आपने अवश्य ही सुना होगा परन्तु आपको यह पता नहीं होगा कि गिरगिट रंग क्यों बदलता है? गिरगिट से तो आप परिचित हैं ही, इसलिए इस विषय में अधिक कुछ बताने की जरूरत नहीं है। गिरगिट कई तरह के होते हैं। यहां हम 'पमेलियन' और 'कैलोटिस' नामक गिरगिटों की बात करेंगे। गिरगिट एक...

  • जानकारी/बाल जगत: विचित्रताओं से भरे पेड़-पौधे

    यह सृष्टि कितनी विचित्र है, यह समझ पाना मुश्किल है। सृष्टि की इन विचित्रताओं से पेड़-पौधे भी अछूते नहीं लेकिन आज मनुष्य इन पेड़-पौधों को इस कदर नष्ट करने पर तुला है कि इनके अस्तित्व समाप्त होने के साथ-साथ पर्यावरण को भी गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया। इन पेड़-पौधों की विचित्रताओं एवं उपयोगिता को देखते...

  • बाल जगत/जानकारी: इतिहास के दर्पण हैं सिक्के

    सिक्का किसी भी देश की संस्कृति, सभ्यता, कला, इतिहास, शासन व्यवस्था व अर्थव्यवस्था का आईना होता है। इन सिक्कों की बदौलत ही हमें अपनी प्राचीन गौरवपूर्ण संस्कृति की झलक देखने को मिलती है और साथ ही साथ विभिन्न सभ्यताओं, राजवंशों और इतिहास की उथल-पुथल की जानकारी भी मिलती है। विश्व में लगभग सभी देश...

Share it
Top