Read latest updates about "बाल जगत" - Page 1

  • जानकारी: बच्चों में लोकप्रिय: हेलोवी

    इसमें कोई ताज्जुब की बात नहीं कि भारत में आजकल पश्चिमी सभ्यता और पश्चिमी देशों में मनाए जाने वाले रस्म-रिवाजों व पर्वों को दिल खोल के अपनाया जा रहा है। इनमें सबसे प्रचलित त्यौहार है क्रिसमस जो हर साल 25 दिसंबर को भारत में भी बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। टेक्नोलाजी के लगातार बढ़ते विकास के चलते...

  • बाल जगत / जानकारी: पशु-पक्षियों संबंधी कुछ रोचक एवं आश्चर्यजनक बातें

    सभी पक्षी गाते हैं या चहचहाते हैं, ऐसी बात नहीं है। जंघील या दोख तथा इसकी जाति के कई पक्षी गूंगे होते हैं, उसी प्रकार पशुओं में जिराफ भी गूंगा होता है। सारस हमारे देश का सबसे बड़ा पक्षी है। सारस की जोड़ी का प्रेम सर्वविदित है। इतना ही नहीं, यह पक्षी मनुष्यों की भांति एक पत्नीव्रत व एक पतिव्रत का...

  • बोध कथा: अच्छी पढ़ाई के लिए टिप्स

    एग्जाम डेज पास आते ही विद्यार्थियों में तनाव बढ़ जाता है। तनाव इतना अधिक होता है कि वे अपनी पढ़ाई के साथ ताल मेल बिठाने में असमर्थ महसूस करते हैं और उनका ध्यान भटक जाता है। विद्यार्थियों को पढऩा अच्छा नहीं लगता पर एग्जाम के समय विद्यार्थियों को चाहिए कि वे अपना ध्यान एकाग्र करें। उनके लिए उन्हें...

  • जानकारी/बाल जगत: क्रांतियां जिन्होंने बदल दी जीवन शैली

    दस पंद्रह वर्ष पूर्व और आज की जीवनशैली में इतना अंतर है जिसका अंदाजा शायद किसी ने नहीं सोचा होगा। कितनी भागदौड़ है जीवन में। जितनी भागदौड़ है, उतनी ही सुविधाएं भी हैं, तब भी सबके चेहरे तनावग्रस्त ही रहते हैं क्योंकि सब दूसरे से आगे बढऩा चाहते हैं और स्वयं को अधिक बुद्धिमान साबित करना चाहते हैं। इस...

  • विकसित करें बच्चों का शैक्षिक माहौल

    यह एक तथ्य है कि जो बच्चा शुरूआती दौर में पढ़ाई-लिखाई में तेज होता है, वही आमतौर पर आगे चलकर शैक्षिक जीवन में अच्छा प्रदर्शन करता है। ऐसा इसलिए क्योंकि जब बच्चे के अध्ययन की नींव मजबूत हो जाती है, तब उसे आगे की पढ़ाई-लिखाई में कोई दिक्कत महसूस नहीं होती। बच्चों के शैक्षिक विकास की दृष्टि से उनके...

  • बच्चे को दुलारिए मगर....

    बचपन में मां का भरपूर प्यार मिलने पर बच्चा बड़ा होकर संतुष्ट और सुखी इंसान बन जाता है। जिन बच्चों को उनकी माताएं सही-गलत का भेद नहीं समझा पाती, वे अनजाने में ही अपने बच्चे का भविष्य बिगाड़ देती हैं। नासमझ माताओं के बच्चे कठोर हो जाते हैं और समाज में अवांछित नागरिक बनकर रह जाते हैं। बच्चों की...

  • बाल कहानी: कैसे हुआ सिलाई मशीन का जन्म

    लगभग 200 वर्ष पूर्व अमरीका के 'वरमीण्ट' नामक स्थान पर एक कुशल कारीगर रहता था। उसके मन में सबसे पहले सिलाई मशीन के निर्माण की बात पैदा हुई। उसने एक ढांचा तो बनाया किन्तु अपने लापरवाह स्वभाव के कारण वह लोगों के समक्ष उसे प्रकट नहीं कर सका। बस, उसकी खोज यों ही बेकार गई। रेवरेण्ड जान के बाद 1830 में...

  • बाल कहानी: स्मार्ट बनाएं अपने बच्चों को

    आज के इस महंगाई के युग में पति-पत्नी दोनों का काम करना कोई आश्चर्य या नई बात नहीं रही है। परिवार के अच्छे पालन पोषण और अच्छी शिक्षा के लिए पति-पत्नी दोनों का काम करना लगभग आवश्यक सा हो गया है। ऐसे में यह बात बेहद आवश्यक बन जाती है कि आप अपने बच्चों को आपके घर में न होने की स्थिति में मेहमानों व...

  • जब जल्दी में हों बच्चे

    कभी-कभी बच्चे एक दम शोर करते हैं कि भूख लगी है, जल्दी कुछ खाने को दो तो अक्सर मांओं को कुछ परेशानी सी लगती है कि क्या दें नन्हें मुन्नों को जो कुछ नया भी हो। कई बार जब बच्चे अपने मित्रों के साथ घर आते हैं तो भी मां को सोचना पड़ता है कि क्या रखें ताकि बच्चे अपने दोस्तों में मां की निपुणता की धाक जमा...

  • नियंत्रित किया जा सकता है अति चंचल बच्चों को

    बच्चों का नाम आते ही उनके मस्त, शैतानी भरे स्वभाव की तस्वीर आंखों के आगे घूमने लगती है। बच्चा अगर शरारत न करे, तब भी वह बुद्धु लगता है पर यदि जरूरत से अधिक शरारतें करे, तब भी मुसीबत लगती है। हर बच्चा अपना अलग स्वभाव लिए होता है। कुछ चंचल तो कुछ चुपके से शैतानी करने वाले, कुछ खुल कर शरारतें करने...

  • बच्चों के लिए खतरनाक हो सकता है नमक

    कुछ मनोचिकित्सकों के अनुसार कुछ नये जन्मे बच्चों में, नमक की थोड़ी भी अधिक मात्रा से उनका ब्लडप्रेशर सामान्य बच्चों से कहीं अधिक बढ़ जाता है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के डॉक्टरों ने एक शोध में यह पता लगाया है कि कुछ नवजात बच्चों को नमक खाना बहुत अच्छा लगता है लेकिन यह उनके लिए बहुत ही खतरनाक सिद्ध...

  • बाल कथा: बच्चों पर बढ़ता बोझ

    आजकल की भाग दौड़ भरी जिंदगी में मातापिता अपने बच्चों की देखभाल एवं पालन पोषण के लिए उचित समय भी नहीं निकाल पाते। माता-पिता तो दिन भी अपने कामों में लगे होते ही हैं। बच्चे भी भाग दौड़ में शामिल हो चुके हैं। सुबह स्कूल फिर घर, ट्यूशन, शाम को हॉबी क्लासीज वगैरह। सुनीता और उसके पति विशाल दोनों ही...

Share it
Top