Read latest updates about "बाल जगत" - Page 1

  • बाल कथा: बिल्ली का बच्चा

    बिल्ली का बच्चा म्याऊं.........म्याऊं...... कर रहा था। वह भूखा था। वह अपनी मां को ढूंढऩे की कोशिश कर रहा था लेकिन वह सड़क पर नहीं जाना चाहता था क्योंकि उसे कुत्तों और कौओं से डर लगता था। वह एक झाड़ी के नीचे बैठा म्याऊं......म्याऊं कर रहा था। पास में ही एक मुर्गी बड़ी शान से मिट्टी में से...

  • बाल जगत: घड़ी के पाबंद पौधे

    वैसे तो समय की कीमत हम सभी जानते हैं परंतु इस कीमत को हम मनुष्यों के अलावा वनस्पति जगत के कुछ पौधे भी पहचानते हैं तथा अपनी 'दिनचर्या' में उसी के अनुसार 'व्यवहार' करते हैं। ऐसा ही एक समय का पाबंद पौधा है 'इलैवन ओ-क्लॉक-लेडी' अर्थात, 'ग्यारह बजे वाली स्त्री।' इस पौधे का नाम उन अमीर महिलाओं की आदत पर...

  • बाल कथा: साहस की पराकाष्ठा-पेशवा बाजीराव

    औरंगजेब 25 वर्षों तक मराठों के विरूद्ध लड़ते-लड़ते 1707 ई? में दक्षिण में ही मर गया मगर मराठों को कुचल न सका। एक इतिहासकार का कहना है कि दक्षिण न केवल औरंगजेब के शरीर की कब्र बना बल्कि उस के विशाल साम्राज्य की भी कब्र साबित हुआ। बादशाह की उत्तर भारत से लंबी अनुपस्थिति के कारण अव्यवस्था फैलनी शुरू...

  • बाल जगत/जानकारी-झींगुर: एक प्राकृतिक थर्मामीटर

    रात के सन्नाटे में घास के खुले मैदानों, नदी के पास या घर के बाहर खुली जगहों पर आपने एक मधुर व तीक्ष्ण सीटीनुमा आवाज कुछ रूक-रूक कर गूंजती सुनी होगी। यह कैसी आवाज है जो रात के सूनेपन को और बढ़ा देती है। ऐसा प्रतीत होता है कि जैसे कोई रह-रह कर धुन छेड़ रहा हो। यह अनजाना संगीतकार कहीं नजर नहीं आता।...

  • बाल जगत / जानकारी: विमान दुर्घटना के कारण बताता है ब्लैक बॉक्स

    विमान दुर्घटनाएं अक्सर होती रहती हैं। जब विमान दुर्घटना के कारणों की जांच करने के लिए जांचकर्ताओं को नियुक्त किया जाता है तो जांचकर्ता सबके पहले ब्लैक-बॉक्स को ढूंढते हैं। इसी यंत्र से दुर्घटना के कारण का पता चल जाता है। ब्लैक-बॉक्स का नाम लेते ही जेहन में एक काले डिब्बे का नक्शा उभर आता है।...

  • बाल जगत: अद्भुत संसार मकडिय़ों का

    संसार भर में मकडिय़ों की लगभग 40 हजार किस्में पाई जाती हैैं। यह सिद्ध हो चुका है कि मकड़ी का रेशमी धागा इस्पात के तार से भी अधिक मजबूत होता है। लगभग एक वर्ष के अपने जीवनकाल में मकड़ी हजारों मील लंबा धागा बुनती है जो उसके पेट के एक द्रव्य से बुना जाता है। कई मकडिय़ों का धागा तो इतना सूक्ष्म होता है...

  • बाल कथा: परोपकार के लिये एक झूठ

    ईश्वर चन्द्र विद्यासागर ने जब अपना अध्ययन कार्य पूरा कर लिया तो उन्होंने कलकत्ता में ही रहकर अध्यापन कार्य शुरू कर दिया था। विद्यासागर का छात्र जीवन धन के अभाव में कटा था, इसलिये वे गरीबों और गरीब छात्रों की समस्याओं को अच्छी तरह समझते थे। यही कारण था कि वे अपनी आय का बहुत थोड़ा हिस्सा ही गृहस्थी...

  • बाल कथा: सबसे खूबसूरत

    एक बार एक बूढ़े किसान ने अपनी संपत्ति का बंटवारा परिवार के बीच करने का फैसला किया। एक दिन उसने अपने बेटों से कहा कि तुम बस मेरे लिए एक-एक कमीज लेकर आओ। जो सबसे अच्छी कमीज लाएगा, उसे मेरा मकान मिलेगा। दोनों बड़े लड़के शहर की ओर चल दिए, पर जो छोटा और भोला था, वह सीधा जंगल की ओर निकल पड़ा। वह...

  • बाल कथा: आदमी और जानवर

    एक शेर के तीन बच्चे थे। उन्हें अपने पापा की ताकत पर बहुत गर्व था। वे तीनों जब अपने मम्मी-पापा के साथ जंगल में घूमते, सारा जंगल डर से कांप उठता। पशु इधर-उधर अपनी जान बचाने के लिए भागने लगते। पक्षी शोर करते हुए पेड़ों से उडऩे लगते। शेर के बच्चे जब अपनी आंखों से यह सब देखते तो गर्व से उनका सीना फूल...

  • बाल कथा: मनुष्य से दूर जा रहा है हाथी

    यह सच है कि हाथी आने वाले भूकम्प का अनुमान पहले से ही लगा लेता है और अपनी भाषा में इसकी सूचना देने का प्रयास भी करता है परन्तु यह भाषा हर किसी की समझ से परे है। भारतीय (एशियाई) हाथी में सिर्फ नर के ही दांत होते हैं जबकि अफ्रीकी हाथी में नर व मादा दोनों के ही दांत होते हैं। अपने जीवन काल में करीब 24...

  • युवाओं में बढ़ती हिंसात्मकता

    कहीं मजे के लिये बैंक में डकैती, कहीं चलती टेऊन से किसी को नीचे फेंक देना, कहीं रेप कर मर्डर कर देना, बाप ने वी आर एस में मिले पैसे नहीं दिये तो गुस्से में बाप की जान ले लेना, यह तस्वीर है आज के युवा वर्ग की। एक तरफ बढ़ती बेरोजगारी, दूरी तरफ टीवी और फिल्मों में दिखाया जाने वाली ग्लैमरस लाइफ स्टाइल।...

  • बाल कथा: मकान अपना-अपना

    किसी गांव में एक किसान रहता था। उसके तीन बेटे थे। किसान की पत्नी का स्वर्गवास हो चुका था। फिर भी वह अपने बेटों की अच्छी देखभाल करता था। उस समय गांव में कोई स्कूल नहीं था, इसीलिए किसान के लड़के लिखना-पढऩा नहीं सीख सके। किसान के पास जायदाद के नाम पर गांव में केवल एक मकान था जिसमें वह अपने बेटों के...

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