Read latest updates about "सोशल चौपाल" - Page 1

  • विश्लेषण: जीत प्रत्याशी की नहीं, देश में लोकतंत्र की ही होगी

    इस बार देश लोकतंत्र का (17) सत्तरहवां महापर्व मना रहा है। देश में लोकसभा का चुनाव हो रहा है। इस महापर्व का प्रथम चरण समाप्त हो चुका है। भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और इसके चुनाव और चुनाव प्रक्रि याओं पर विश्व की नजर लगी रहती है। जिस तरह बिना किसी बड़ी अप्रिय घटना के सामान्यत: इतने बड़े देश...

  • राजनीति: बेनीवाल को अपने पाले में लाकर भाजपा ने बड़े नुकसान से बचा लिया?

    भाजपा ने राजस्थान में कांग्रेस को पछाड़ कर हनुमान बेनीवाल का साथ हासिल कर लिया है। अंत तक सूचनाएं हवा में तैर रही थीं कि बेनीवाल की आरएलपी और कांग्रेस में बातचीत चल रही है। दोनों में गठबंधन की खबर किसी भी क्षण आ सकती है लेकिन हुआ एकदम उलटा। आरएलपी अब राजस्थान से एनडीए का हिस्सा बन गई है। इसी गठबंधन...

  • क्या सुमित्रा खुद ही जिम्मेदार: राजनीति से यूं तकलीफदेह रवानगी के लिए

    सत्ता का सुख बड़ा ही बेहूदा होता है। इसका लालच भी हद दर्जे का होता है। जब सत्ता का सुख अपने हाथ से जाते दिखे तो तमाम ढोंग रचने पड़ते हैं यानी इसको बचाने के लिए साम-दाम-दंड भेद के साथ ही प्रेशर पोलिटिक्स भी करना पड़े तो हया किस बात की। वैसे भी अब राजनीति में सुचिता, आत्म सम्मान का क्या काम। गर...

  • राष्ट्ररंग: देश में ही रहकर देश का विरोध करना कैसी देशभक्ति

    भारत की वर्तमान राजनीतिक दशा व लोगों की विचारधारा को देखकर ऐसा नहीं लगता है कि देश की एकता और अखण्डता ज्यादा दिन बनी रह सकती है। आज सभी लोग केवल अपनी विचारधारा और समर्थन बढ़ाने के लिए हर हद तक जाने के लिए तैयार हैं। हालांकि सब का तर्क तो यही है कि उनका कार्य भारत के विरोध के लिए नहीं बल्कि किसी...

  • राष्ट्ररंग: एक विचार यह भी

    हर दूसरे मोबाइल में फिंगर प्रिंट स्कैनर है। दस प्रतिशत को छोड़कर लगभग हर आधार होल्डर की अंगुलियों के निशान उपलब्ध हैं। अरबों रुपये की लागत आती है चुनाव में। करोड़ों कर्मचारियों को भत्ता देना, लाखों वाहन और करोड़ों का डीजल-पेट्रोल, जो चुनाव ड्यूटी में लगे हैं उनके काम काज की क्षति तथा करोड़ों की...

  • विश्लेषण: क्या पाकिस्तान कभी समझ सकेगा प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी को?

    भारतीय जनता पार्टी के नरेन्द्र मोदी ने प्रधान मंत्री पद की शपथ 26 मई 2014 को ली थी और उन्होंने भारत के सभी पड़ोसी देशों के राष्ट्राध्यक्षों को शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया था। उसके उपरान्त नरेन्द्र मोदी की सारी कोशिशें पड़ोसी देशों के साथ मित्रता का संबंध स्थापित करने की रही। देश की जनता की...

  • मुद्दा: कहीं से भी मतदान का अधिकार हो

    स्वस्थ लोकतंत्र की पहली निशानी है कि ज्यादा से ज्यादा लोग अपने मतदान के अधिकार या कर्तव्य का इस्तेमाल करें। बढ़ती सोच, समझ और साधन के बावजूद पिछले सात दशक में मतदान प्रतिशत में अपेक्षित बढ़ोत्तरी न होना चिंता का विषय है। मेरे एक वोट से क्या बदल जाएगा? जैसी मानसिकता से उबरना होगा। एक वोट से बहुत...

  • राजनीति: मुश्किल होगी शॉटगन की राहें

    पिछले दो चुनावों में भारी मतों से जीत हासिल करने वाले सिने अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा की जीत पर इस बार ब्रेक लग सकता है। भाजपा ने इस चुनाव में उनके मुकाबले तेज तर्रार केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद को आगे किया है। बतौर मंत्री रविशंकर प्रसाद ने जमीनी स्तर पर बहुत कार्य किए हैं। पटना जिले के कई गाँवों...

  • राष्ट्ररंग: राजनीति के गिरते स्तर को रोकने की जिम्मेवारी मतदाता की

    देश एक बार फिर अपने प्रतिनिधि चुनने के लिए तैयार हैं। नेता मतदाताओं को रिझाने से भ्रमित करने तक कुछ भी करने को तैयार है। 'कुछ भी' में अभिनय से झूठ तक, भाषायी गिरावट से स्वयं को नीचे गिराने तक भी शामिल हो तो कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में हमारे देश की राजनीति का स्तर लगातार...

  • राजनीति: कांग्रेस 2024 के चुनावों की तैयारी में

    चाहे चुनाव आयोग द्वारा आम चुनावों की घोषणा से कुछ दिन पहले ही राजनीतिक दलों ने अपने लंगर लंगोट कसने शुरू कर दिए थे परंतु राजनीतिक रणभेरी बजने के एक सप्ताह में ही कुछ ऐसा दिखने लगा कि कल तक सत्ता परिवर्तन का दावा करने वाली कांग्रेस 2024 के चुनावों की तैयारी कर रही है। पार्टी के रणनीतिकार व नेता जोर...

  • राजनीति: फ्लाप शो रही प्रियंका की स्टीमर यात्रा

    एक समय मुझे लगा था कि प्रियंका गांधी उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के लिए संजीवनी बन कर आई हैं, एक संभावना बन कर आई हैं, कुछ न कुछ करिश्मा जरूर करेंगी लेकिन यह मेरा पूरी तरह गलत आकलन था। अब स्पष्ट हो गया है कि वह मृत कांग्रेस में प्राण फूंकने में निरंतर असफल होती दिख रही हैं। पूरी तरह स्पष्ट हो गया है...

  • राजनीति: मोदी की सियासी किलेबंदी में क्या ढह जाएगा राहुल गांधी का गढ़ अमेठी

    भाजपा मिशन-2019 की तैयारी में पूरी तरह जुट गयी है। उसने अपनी रणनीति के केंद्र में यूपी और कांग्रेस के सियासी गढ़ अमेठी को रखा है, जबकि महागठबंधन की चुनावी तस्वीर अभी जमीन पर उतरती नहीं दिखती। भाजपा किसी भी तरह से यूपी को अपने हाथ से नहीं निकलने देना चाहती। अबकी बार उसके निशाने पर गांधी परिवार की...

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