Read latest updates about "हेल्थ" - Page 1

  • मिडिल एज में महिलाओं को होता डिप्रेशन..45 से 69 साल की महिलाओं पर किया है अध्ययन

    नई दिल्ली । एक नए अध्ययन में अलग-अलग उम्र में डिप्रेशन और फिजिकल ऐक्टिविटी के संबंध का पता लगाया गया है। कई महिलाओं में मिडिल एज डिप्रेशन देखा गया है। इस स्टडी में 45 से 69 साल की 1100 से ज्यादा महिलाओं को शामिल किया गया। इनमें से 15 पर्सेंट महिलाओं ने कहा कि उन्होंने डिप्रेशन का सामना किया है।...

  • मटठे की उपयोगिता

    ग्रामीण परिवारों में मटठे को सबसे उत्तम आहार माना जाता है। प्राचीन युग में इसे काल शेय, गोरस आदि नामों से भी पुकारा गया। यह कसैला खट्टा तथा स्वादिष्ट होता है। ताजे मटठे में सौंठ, पीपल तथा काली मिर्च मिलाकर पीने से कफ रोग दूर होते हैं। ताजे मटठे को शरीर पर मालिश करने से त्वचा स्वच्छ तथा मुलायम...

  • महिलाओं को थायराइड की मुसीबत

    भारत की अधिकांश महिलाएं अनेक कारणों से अपनी शारीरिक परेशानियों को दबाए रखती हैं और न ही किसी को बताती अथवा डाक्टरी जांच उपचार कराती हैं। उनके इस व्यवहार के कारण शरीर की परेशानियां अनेक अन्य बीमारियों को जन्मने और पनपने का अवसर दे देती है। थायराइड भी उनमें से एक है जो मेटाबालिज्म/चयापचय से जुड़ी...

  • डिप्रेशन: पहचानें और सही रास्ता अपनाएं

    डिप्रेशन न्यूरो से जुड़ा एक डिस्आर्डर है जो दिमाग के उस हिस्से में बदलाव आने पर होता है जो मूड को कंट्रोल करता हे। आज की भागदौड़ की जिंदगी (कैट रेस) में यह समस्या बढ़ती जा रही है। डिप्रेशन किसी भी उम्र में परिस्थितियां प्रतिकूल होने पर किसी को भी हो सकता है। डिप्रेशन भी तीन तरह का होता है...

  • गर्मियों में पैरों के छालों को अनदेखा न करें

    गर्मियों में त्वचा का टैन होना, सनबर्न होना, पिंपल्स का बढऩा यह साधारण त्वचा संबंधी समस्याएं हैं उसमें एक और समस्या भी कभी कभी किसी को हो सकती है पैरों की उंगलियों में छालों का होना। यह गर्मियों में त्वचा संबंधी होने वाली दर्दभरी समस्या है। अधिकतर छाले ज्यादा घर्षण से बढ़ते हैं। पैरों की उंगलियां...

  • आप भी रह सकती हैं चुस्त उन दिनों में

    महिलाओं के लिए माहवारी एक प्राकृतिक देन है। माहवारी के दिनों में महिलाएं अपने आप को सुस्त और ढीला महसूस करती हैं। सिर्फ इन दिनों में ही नहीं बल्कि 4-5 दिन पूर्व ही उन्हें आभास होने लगता है और वे सुस्त-सुस्त रहने लगती हैं। स्वभाव भी चिड़चिड़ा हो जाता है। हार्मोन्स की तब्दीली के कारण ही ऐसा होता है। ...

  • बच्चों को बचाएं ग्रीष्म काल की बीमारियों से

    ग्रीष्मकाल बच्चों के लिए ही नहीं, बड़ों के लिए भी कई बीमारियां लेकर आता है पर बच्चे अपनी कमजोर प्रतिरोधक क्षमता के चलते इन बीमारियों की चपेट में अधिक आते हैं। ग्रीष्म काल की प्रमुख बाल बीमारियां हैं-समर डायरिया, सीजनल फीवर, चिकन पॉक्स, स्किन डिजीज, लू लगना आदि। समर डायरिया (ग्रीष्मकालीन आंत्रशोध) ...

  • कब्ज से छुटकारा पाएं

    प्राचीन चिकित्साविदों से लेकर आधुनिक चिकित्साशास्त्रियों तक ने एक स्वर में इस तथ्य को स्वीकार किया है कि पेट मानव का भण्डारघर है और कब्ज रोगों की जड़। साधारण समझा जाने वाला यह मर्ज वाकई बहुत नुकसानदेह है। कब्ज के कारण अल्सर, बवासीर, यकृतदोष, पेटदर्द, सिरदर्द, घबराहट, अजीर्ण आदि अनेक रोगों के होने...

  • कोल्ड ड्रिंक्स-मित्र या शत्रु

    आधुनिकता पसंद लोगों के नज़रिए से देखें तो म_ा, लस्सी, नींबू पानी, जलजीरा इत्यादि भारत के पारंपरिक पेयों के सेवन करने वाले गरीब, पिछड़े, असभ्य और गंवार हैं। 'स्मार्टनेसÓ यह है कि आप बोतलबंद 'कोल्ड ड्रिंक्सÓ अर्थात पेप्सी, कोला, थम्स-अप, मिरिंडा, आदि कितनी मात्र में पी और पिला सकते हैं? इन कोल्ड...

  • व्यस्त डाक्टरों के पास न जाएं

    प्राय: देखा गया है कि जिन डाक्टरों के पास भीड़ होती है उनके यहां भीड़ ही लगी रहती है और जिनके यहां भीड़ नहीं होती, वे मरीजों की प्रतीक्षा में बैठे रहते हैं। एक सर्वे के अनुसार यह तथ्य सामने आया है कि मरीज को ऐसे डाक्टरों के पास नहीं जाना चाहिए जो बहुत व्यस्त रहते हैं क्योंकि उनकी सलाह या कार्य मरीज...

  • मच्छरों को करें बॉय

    - घर के आस-पास पानी जमा न होने दें। - अगर घर के पास गड्ढे हैं तो उन्हें मिट्टी से भर या भरवा दें। - अगर गमलों में या आसपास पानी जमा हो तो पेट्रोल या मिट्टी का तेल डालें। कूलर का पानी सप्ताह में एक बार बदलें, फूलदान का पानी भी सप्ताह में दो बार बदलें। कूलर में मिट्टी के तेल की कुछ बूंदें डालें। -...

  • ग्रीष्म ऋतु में स्वास्थ्य का ध्यान रखें कामकाजी महिलाएं

    अक्सर देखा जाता है कि एक ऋतु के बाद दूसरी ऋतु आती है तो मौसम परिवर्तन के कारण सभी उम्र के लोगों के स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ता है। ग्रीष्म ऋतु में कामकाजी महिलाओं पर मौसम का प्रभाव कुछ ज्यादा ही दिखाई देता है। कामकाजी महिलाएं प्राय: अपने स्वास्थ्य के प्रति लापरवाह होती हैं या कहना चाहिए कि उन्हें...

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