Read latest updates about "हेल्थ"

  • चांदी का वर्क, करे आपका बेड़ा गर्क

    विश्व भर में सिर्फ भारत ऐसा देश है जहां खाने की कुछ वस्तुओं को चांदी के वर्क में लपेटकर बेचा व खाया जाता है। विक्रेता और क्रेता भी इसे बड़े शान से बेचते व खाते हैं। ऐसा करके खाना शान की बात व महंगा शौक समझने वाले वास्तव में धोखे में होते हैं। सभी इसके बनाने के तरीके व वास्तविकता से अंजान हैं। ...

  • डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों से हो सकता है कैंसर

    आज की मशीनी तेज रफ्तार दिनचर्या ने मनुष्य को इतना व्यस्त कर दिया है कि उसके लिये समय बहुत मूल्यवान हो गया है। उसके लिये एक-एक क्षण की कीमत है। स्कूल हो या ऑफिस, कॉलेज, दुकान पहुंचना हो या कोई बिजनेस डील, हर जगह समय पर पहुंचना आवश्यक है, अत: समय का सही ढंग से नियोजन करने के उद्देश्य से अधिकांश लोग घर...

  • खाने के रंग करें, जीवन को बदरंग

    रंगों का प्रयोग सेहत के लिए अच्छा भी होता है तथा खराब भी। अगर खाद्य पदार्थों के साथ रंगों का प्रयोग किया जाता है तो उसका प्रभाव स्वास्थ्य पर खराब पड़ता है किंतु उसी रंग को अगर हम 'ध्यान-मुद्राÓ की स्थिति में देखते हैं तो वे अनेक रोगों की मुक्ति के लिए अचूक होते हैं। आइये, हम रंगों के दोनों पहलुओं पर...

  • ब्रोंकाइटिस: श्वांस नली में सूजन

    सांस लेने व छोडऩे में किसी भी तरह की परेशानी होने पर हर काम दूभर हो जाता है। ब्रोंकाइटिस अर्थात् श्वांस नलियों में सूजन एक आम बीमारी है जो बाहरी कारणों से होती है जिससे आगे सांस लेना व छोडऩा कठिन हो जाता है। इसकी चपेट में आने पर छाती से घर घर की आवाज आती है। सांस फूलती है। खांसी आती है। यह खांसी दिन...

  • जीवन को जीवंत बनायें

    मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। लंबे समय तक अकेला रहना उसके लिए सजा है। लोगों से हंसना बोलना नार्मल रहने के लिए जरूरी है चाहे वह कितना बड़ा आर्टिस्ट, वैज्ञानिक, लेखक हो। ताजा दम होने के लिए उसे कोई न कोई साधन ढूंढना ही पड़ता है। जीवन में ऊब भर जाना स्वाभाविक है। डेली रूटीन का बासीपन जीवन की ...

  • संजीवनी तुल्य है तुलसी

    तुलसी एक सर्वपरिचित पौधा है। भारतीय समाज में तुलसी का बड़ा ही महत्त्व है। तुलसी को कई नामों से पुकारा जाता है। धार्मिक महत्त्व के अलावा तुलसी औषधीय गुणों से भी भरपूर है। आयुर्वेद में तुलसी के औषधीय गुणों का वर्णन है। चरक संहिता में महर्षि चरक ने अनेक जगह तुलसी के पौधे का जिक्र किया है। यह...

  • कई औषधीय गुण छिपे हैं हल्दी में

    प्राचीन समय से ही हल्दी का प्रयोग घरों में होता आ रहा है। रसोई में हल्दी एक मसाले के रूप में प्रयोग होती है। रसोई के अलावा इसका प्रयोग कई बीमारियों के लिए भी किया जाता है। हल्दी को एंटीसेप्टिक (संक्रमणरोधी) माना जाता है। आज के वैज्ञानिक युग में वैज्ञानिक अपनी प्रयोगशालाओं में इस पर शोध कर रहे हैं और...

  • दवाइयों से छरहरा बनने का जनून खतरनाक है

    इसमें दो राय नहीं कि मोटापा स्वयं में एक बीमारी है। मोटे आदमी ज्यादातर आलसी और पेटू होते हैं। मोटे लोगों को कितनी ही बीमारियां घेर लेती हैं। बड़ी उम्र तक आते घुटनों पर भार पडऩे से चलने में दिक्कत, हार्ट प्रॉब्लम, सांस फूलना, हाई ब्लडप्रेशर इत्यादि हो जाते हैं। स्लिमिंग ड्रग्स के नुक्सान:-...

  • बीमार घर बनाए रोगी

    मरम्मत, साफ, सफाई एवं रंग रोगन का बड़ा महत्त्व है। साफ सुथरा घर लोगों को स्वस्थ रखता है किंतु यदि घर टूटफूट, गंदगी, सीलन, नमी व बदरंग दीवारों जैसी दुरावस्थाओं के चलते बीमार है तो इस बीमार घर के प्रभाव से वहां रहने वाले भी स्वस्थ न रहकर बीमार रहेंगे। सबके जीवन में साफ-सफाई का विशेष महत्त्व ...

  • मोतियाबिंद की सम्भावना को कम करती हैं हरी सब्जियां

    हाल ही में हुए एक नवीनतम शोध के अनुसार हरी सब्जियों व पत्तेदार सब्जियों का सेवन बढ़ती उम्र में मोतियाबिंद होने की संभावना को कम करता है। इस शोध में विशेषज्ञों ने पाया कि मनुष्य की आंखों के सेल्स को जब ल्यूटिन व ज़ेक्साथिन एंटीआक्सीडेंट मिले तो उनमें अल्ट्रावायलेट किरणों से होने वाले नुकसान की क्षति ...

  • अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाइये

    रोगों से बचाव की क्षमता को रोग प्रतिरोधक क्षमता कहते हैं। सामान्यत: पोलियो, क्षय रोग, पीलिया, टिटनेस, खसरा आदि बीमारियों के लिए टीका करण किया जाता है। गैर संक्रामक रोगों से प्रतिरक्षण के लिए अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर चिकित्सक वैज्ञानिक टीके को विकसित करने की कोशिश कर रहे हैं। दुनियां भर में मधुमेह और ...

  • सही खाने से जरूरी है सही ढंग से खाना

    अधिकतर लोग इस बात से तो सचेत रहते हैं कि क्या खा रहे हैं और ये खाद्य पदार्थ उनके स्वास्थ्य के लिए ठीक हैं या नहीं परन्तु अधिकांश लोग यह भूल जाते हैं कि सही खाने से ज्यादा आवश्यक है सही ढंग से खाना। अगर हम खाना सही ढंग से पचा नहीं पाएं तो क्या खाया, क्या न खाया, इसका महत्व ही नहीं रह जाता। आइए देखें ...

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