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  • बाल कहानी: आदर्श मित्रता

    डामन और पिथियस दो मित्र थे। दोनों में बहुत प्रेम था। एक बार उस देश के अत्याचारी राजा ने डामन को फांसी देने का हुक्म दे दिया। डामन के बीवी बच्चे बहुत दूर समुद्र के पार रहते थे। डामन ने उनसे मिलने की इच्छा प्रकट कंी। राजा ने कहलवाया 'यदि डामन के बदले कोई दूसरा आदमी जेल में रहने को तैयार हो और यदि...

  • बाल कथा: कुत्ता कुत्ते का वैरी

    कुत्ता शेरू और कुत्ता वीरू, दोनों लंगोटिया यार थे। जहां भी जाते, दोनों साथ जाते। दोनों मुहल्ले के दादा थे। दोनों साथ-साथ अपने मुहल्ले में घूम रहे थे कि शेरू ने कहा, 'यार वीरू, बहुत दिनों से भौंकने का मौका ही नहीं मिला क्या करें?' 'मेरा तो मौन व्रत हो गया' वीरू ने जवाब दिया। 'यार वीरू, चल आज दूसरे...

  • आओ जीना सीखें

    कुछ लोग जीते नहीं, जीने की तैयारी में ही जीवन गुजार देते हैं। जीना भी एक कला है। जीते तो सभी हैं लेकिन कलापूर्ण एवं सफल जीवन जीना एक कला से कम नहीं। जीवन में कुछ बातों को अपनाने एवं कुछ बातों को त्यागने से आने वाली मुसीबतों से बचा जा सकता है। बड़े बुजुर्गों की कही बातों से हमें सदा सीखते रहना ...

  • बाल कथा: ढोल की पोल

    रिटायर होकर अध्यापक गजराज सिंह ने जंगल में पाठशाला खोली। उस पाठशाला में पढऩे आते थे गधा ढेंचू राम, भालू मिठ्ठन प्रसाद, बिल्ली म्याऊं देवी, बंदर खो-खो सिंह, कुत्ता भौंकूचंद। सबकी कापी पर सिंह साहब लिखते 'बहुत अच्छा' और ढेंचू की कापी पर 'बेकार'। ढेंचू गुस्से में दांत किटकिटाता हुआ रह जाता। सारा दिन...

  • बाल कथा: इंसान का दिल

    सृष्टि के प्रारंभ में ईश्वर के चार बच्चे थे सूर्य, चंद्रमा, अंधकार और वर्षा। ईश्वर ने अपने इन बच्चों के खेलने के लिए मुक्त आकाश और विस्तृत पृथ्वी बनाई। सूर्य और चंद्र आकाश में लुकाछिपी का खेल खेलते जबकि वर्षा और अंधकार असीम पृथ्वी पर क्रीड़ाएं करते। उनके खेलने के लिए नदी, पहाड़,...

  • बोध कथा: प्रेम भाव

    एक करोड़पति बहुत परेशानी में था। करोड़ों का घाटा हो गया था और सारी जीवन की जमापूंजी डूबने के करीब थी। जीवन की नौका डगमगा रही थी। वह कभी मंदिर नहीं गया था, उसने कभी प्रार्थना भी न की थी। फुरसत ही न मिली थी कभी व्यापार से! हालांकि पूजा के लिए उसने पुजारी रख छोड़े थे, कई मंदिर भी बनवाये थे, जहां वे...

  • बाल कथा: प्रश्न का उत्तर

    पदमपुराण की कथा में एक स्थान पर एक प्रसंग आता है कि एक समय ईश्वर भक्त गजराज कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंडकी नदी में स्नान कर रहा था। स्नान करते समय उसका पैर एक विशालकाय मगरमच्छ ने पकड़ लिया। असहय पीड़ा से कराहते हुए हाथी विष्णु भगवान को पुकारने लगा। जैसे ही भगवान विष्णु के कानों में अपने प्र्रिय...

  • खुशामद खुदा को भी पसंद है

    एक बार शहंशाह अकबर ने उस व्यक्ति को 500 मोहरें देने की घोषणा की कि जो उसके दरबारी मुस्तफा के मन में क्या है, यह सही-सही बता देगा। मुस्तफा का चेहरा हमेशा निर्विकार और सपाट रहता जिससे यह कहना बहुत कठिन था कि वह क्या सोच रहा है किंतु बीरबल ने यह चुनौती सहर्ष स्वीकार की।'ठीक है। अभी बताओ कि वह...

  • व्यंग्य: नाम कथा

    नाम मनुष्यों के ही नहीं होते। पालतू पशुपक्षियों, मकानों, दुकानों, प्रतिष्ठानों, नगरों, गली मुहल्लों, सड़कों चौराहों के भी होते हैं। शेक्सपियर ने कहा है कि नाम में क्या रखा है। गुलाब को किसी नाम से भी पुकारो, गुलाब-गुलाब ही रहेगा, बहुत सही नहीं है। नाम की महिमा अपार है। देवी देवताओं के कई कई नाम...

  • बाल जगत/जानकारी: छिपकलियों का विचित्र संसार

    -सुनील परसाईऐंगुइस: इसे मंद कृमि भी कहते हैं। यह यूरोप तथा एशिया में पाई जाती है। यह सांप जैसी छिपकली है। इसमें पैर नहीं पाये जाते लेकिन मेखलाओं और स्टर्नम के अवशेष पाये जाते हैं। इसके शरीर पर चिकने एवं गोल शल्क पाये जाते हैं। यह मिट्टी में बिल बनाकर उसमें रहती है। यह शिशुप्रज होती है। इसकी खाल में...

  • नाम कथा

    नाम मनुष्यों के ही नहीं होते। पालतू पशुपक्षियों, मकानों, दुकानों, प्रतिष्ठानों, नगरों, गली मुहल्लों, सड़कों चौराहों के भी होते हैं। शेक्सपियर ने कहा है कि नाम में क्या रखा है। गुलाब को किसी नाम से भी पुकारो, गुलाब-गुलाब ही रहेगा, बहुत सही नहीं है। नाम की महिमा अपार है। देवी देवताओं के कई कई...

  • बाल जगत: लाल किला - कुछ रोचक जानकारी

    - अनिल शर्मा 'अनिल'- 5 अगस्त को प्रधानमंत्री देश को लालकिले की प्राचीर से ही सम्बोधित करते हैं। - विदेशी आक्रमणकारियों ने कई बार इस पर हमला किया। बेशकीमती सामान लूटा। अंग्रेज भी देश से जाते जाते लालकिले से कीमती वस्तुएं ले जाने से नहीं चूके।- महल में बादशाह के कर्मचारियों की रिहायश के भी भवन बने...

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