Read latest updates about "वे कहते हैं" - Page 1

  • मुद्दा: सीबीआई का राजनीतिकरण किया जाना लोकतंत्र के हित में कदापि नहीं!

    किसी भी भ्रष्टाचार से जुड़े आर्थिक अपराध संबंधित गलत कार्य पर जांच का पूरा अधिकार सीबीआई विभाग को है। इस तरह के कार्य में सरकार एवं प्रशासन सहित समाज के हर जागरूक वर्ग को सहयोग देना नैतिक कर्तव्य बन जाता है पर अभी पं. बंगाल में सारदा और रोजवैरी चिटफंड घोटाले के मामलों में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश...

  • विश्लेषण: रेल बजट खत्म के बाद भी हो रहे हैं हादसे

    रेलबजट का आम बजट में विलय करने का मकसद था भारतीय रेल नेटवर्क को मजबूत करना लेकिन रिजल्ट कुछ खास नहीं निकला। रेलवे की स्थिति पहले ही जैसी है। हादसे रूके नहीं बल्कि लगातार बढ़ते जा रहे हैं। एक और बड़ा रेल हादसा हो गया। शनिवार को रात के समय सीमांचल एक्सप्रेस ट्रेन के 11 डिब्बे सहदेई बुजुर्ग रेलवे...

  • राजनीति: अंतरिम बजट 2019 की कसौटी पर कसते सवाल दर सवाल

    केंद्र में सत्तारूढ़ मोदी सरकार के विकास सम्बन्धी अपने दावे-प्रतिदावे हैं जबकि उसके चक्कर में उलझी हुई अवाम की अपनी-अपनी आर्थिक त्रासदियां। देखा जाए तो सबकी अलग-अलग और नित्य नई उठती परेशानियां ऐसा रूप अख्तियार कर चुकी हैं कि सबका साथ-सबका विकास का नारा भी अब बेमानी प्रतीत होने लगा है। यह सही है...

  • मुद्दा: चुनाव प्रधान देश है भारत

    भारत एक ऐसा विचित्र देश है जहां हर समय कहीं न कहीं, किसी न किसी अथारिटी के चुनाव चलते रहते हैं। विधानसभा के हुए तो लोकसभा के हाजिर। यह निपटे तो राज्यसभा सामने है। इससे निपटे तो पंचायत आदि में जुटो। इनसे निजात पाई तो विधान परिषद, नगर परिषद आदि के लिए न्यौता तैयार। एक समय कहा जाता था कि भारत एक कृषि...

  • राजनीति: छात्र नेता जो राजनीति में शिखर पर पहुंचे

    वैसे तो देश की राजनीति हर व्यवसाय, वर्ग या कहें सबके लिए के लिए खुली है परन्तु वंशवाद की इसमें गहरी छाप देखी जा सकती है। इस सबके बाद भी हमारे देश में कई ऐसे नेता हैं जो छात्र राजनीति के मार्ग से देश की मुख्यधारा की राजनीति में प्रवेश हुए और सफल हुए। देश के अलग-अलग विश्वविद्यालयों से चुने गए कई...

  • राजनीति: कैसे हर दल का समीकरण बना-बिगाड़ सकती है प्रियंका की एंट्री

    देश की राजनीति में राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी की एंट्री यूपी में बड़े सियासी समीकरण बना और बिगाड़ सकती है। ऐसे में राहुल के इस अप्रत्याशित फैसले से यूपी में भाजपा के अलावा सपा-बसपा का गठजोड़ बनाने वालों को नए सिरे से रणनीति बनाने को मजूबर होना पड़ सकता है। प्रियंका के सक्रिय राजनीति में...

  • क्या सत्ता के संग्राम में उलझेगी देश की जांच एजेंसी?

    वाह रे देश की राजनीति, देश में चुनाव का मौसम आते ही सभी प्रकार के राजनीतिक जिन्न जादुई बोतलों से बाहर आ जाते हैं। जनता के बीच प्रश्न यह उठता है कि जिन मुद्दों पर पहले ही कार्यवाही होनी चाहिए थी उन मुद्दों को संभालकर क्यों रखा जाता है। क्या उन सभी प्रकार के मुद्दों को चुनाव के मौसम के इंतजार में ही...

  • राजनीति: प्रियंका क्या इंदिरा गांधी सिद्ध हो पाएंगी?

    प्रियंका गांधी की तुलना उनकी दादी इंदिरा से की जाती है क्योंकि रूप और कद-काठी में वो बहुत हद तक इंदिरा गांधी जैसी दिखती हैं। इस बात को कांग्रेस भी अच्छी तरह जानती है इसलिए पार्टी में प्रियंका की महासचिव के रूप में लांचिंग का प्रस्ताव रखा गया और लांच किया गया किन्तु अब प्रश्न यह उठता है कि क्या...

  • राजनीति : कठिन है सबरीमाला की राजनीतिक राह

    भारतीय समाज की संरचना में जिस तरह से दलित और आदिवासी सामाजिक रूप से उपेक्षा के शिकार रहे हैं ठीक उसी तरह से यहां की पचास फीसदी आबादी यानी नारी जगत भी उपेक्षित रहा हैं। भारत में पुरूष प्रधान समाज होने के चलते अभी भी नारियों को अपने धार्मिक अधिकारों की स्वतंत्रतता नहीं है। भारतीय पुरूषों में महिलाओं...

  • मुद्दा: नदियों पर बांध - विकास या विनाश?

    भारत में बीसवीं शताब्दी के दौरान हुई प्रगति को देखते हुए अब कहा जा सकता है कि बांधों ने खाद्यान्न उत्पादन की वृद्धि में योगदान दिया है। जलविद्युत क्षमता में वृद्धि की है, घरेलू नगरीय और औद्योगिक उपयोगों के लिए पानी मुहैय्या कराया है और बाढ़ों पर नियंत्रण में कुछ हद तक सहायता की है किंतु कतिपय...

  • राजनीति: आज के राजनीतिक दर्पण का सच

    देश के कुछ दिलजले, कुछ चोर, कुछ उचक्के, कुछ महाभ्रष्टाचारी, कुछ ब्लैकमेलर, कुछ प्रधान मंत्री पद के महत्त्वाकांक्षी एक साथ कोलकाता में इकटठे हुए, एक सूत्रीय कार्यक्रम नरेंद्र मोदी को हटाने के लिए। अच्छा है लेकिन यक्ष प्रश्न यह है कि दल तो मिले लेकिन दिल भी मिले क्या। जाहिर है नहीं मिले। ये सभी 22...

  • राजनीति: अब छोटी पार्टियां मोदी के लिए बनेगी सिरदर्द

    देश में जैसे-जैसे केन्द्र के चुनाव नजदीक आते जा रहे हैं वैसे-वैसे राजनीतिक दलों की रणनीति हर प्रदेश में तेजी से बदल रही है। छोटी पार्टियों और क्षेत्रीय दलों के एक मंच पर आने से मोदी व भाजपा में बेचैनी साफ देखी जा सकती है। जब से यूपी में बसपा और सपा के बीच गठबंधन हुआ है, तब से भाजपा नेताओं में काफी...

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