Read latest updates about "धर्म" - Page 1

  • मालामाल होने के लिए करें ये चमत्कारी टोटका

    ऋण से छुटकारा पाने के लिए सर्वप्रथम पांच लाल गुलाब के पूर्ण खिले हुए फूल लें। इसके पश्चात् डेढ़ मीटर सफेद कपड़ा लेकर अपने सामने बिछा लें। इन पांचों गुलाब के फूलों को उसमें गायत्री मंत्र पढ़ते हुए बांध दें। अब आप स्वयं जाकर इन्हें गंगा या यमुना में प्रवाहित कर दें। भगवान ने चाहा तो घर में...

  • धर्म संस्कृति/ पर्यटन: जानकी का विवाहस्थल-जनकपुर

    सीतामढ़ी बिहार से करीब 42 किलोमीटर उत्तर और नेपाल की तराई में स्थित जनकपुर, हिन्दू धर्मावलम्बियों का प्रधान तीर्थ है। यहीं जानकी का विवाह हुआ था। प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु वहां जाते हैं। प्राचीनकाल में यह मिथिला की नाभिभूमि या राजधानी थी जहां जनक से कर्मयोग के व्यवहारिक ज्ञान हेतु देश विदेश के...

  • इस लकड़ी को घर में रखने से होती है धन में बढ़ोत्तरी

    जसवंतनगर की रामलीला में लंकापति रावण के वध के बाद पुतले का दहन नहीं होता है, बल्कि उस पर पत्थर बरसा कर और लाठियों से पीटकर पुतले को धराशायी कर देते हैं। इसके बाद लोग रावण के पुतले की लकड़ियां बीन - बीन कर घरों में ले जाकर रखते हैं। लोगों की मान्यता है कि इस लकड़ी को घर में रखने से विद्वता आती है और...

  • इस एकमात्र एकादशी का उपवास कर लें तो कभी यम यातना नहीं होती प्राप्त

    पापांकुशा एकादशी सब पापों को हरने वाली, स्वर्ग और मोक्ष प्रदान करने वाली, शरीर को निरोग बनाने वाली तथा सुन्दर स्त्री, धन तथा मित्र देने वाली है। यदि व्यक्ति इस एकमात्र एकादशी को उपवास कर ले तो उसे कभी यम यातना नहीं प्राप्त होती। एकादशी के दिन उपवास और रात्रि में जागरण करने वाले मनुष्य गरुड़ की ध्वजा...

  • शनिदेव को प्रसन्न करना चाहते हैं तो राशि अनुसार आज करें इन वस्तुओं का दान

    शनिवार का दिन शनिदेव को बहुत प्रिय है और इस दिन अगर राशि अनुसार कुछ खास उपाय किए जाएं तो इससे शनिदेव प्रसन्न होते है। शास्त्रों के अनुसार जिस व्यक्ति पर शनिदेव मेहरबान रहते हैं उसे धन-धान्य की कमी नहीं होती है। आइए आपको बताते हैं राशि अनुसार किए जाने वाले इन उपायों के बारे में............... ...

  • रावण से जुड़ी ऐसी बातें जो आज से पहले नहीं जानते होंगे आप

    रावण का नाम सुनते ही लगभग सभी के मन में घृणा पैदा हो जाती हैं। जैसे ही उसका नाम जुबान पर आता है, हर कोई उसके बुरे कर्मों की गिनती करने लगता है। लेकिन सच्चाई यह है रावण एक ज्ञानी इंसान था। वो एक कुशल राजनीतिज्ञ, सेनापति और वास्तुकला का मर्मज्ञ होने के साथ-साथ तत्व ज्ञानी और बहु-विद्याओं का भी जानकार...

  • शक्तिपीठ : रियासत की विजय का प्रतीक है श्यामाकाली टारना मंदिर

    मंडी। मंडी शहर की टारना पहाड़ी पर स्थित भगवती टारना श्यामाकाली का मंदिर श्रद्धालुओं की श्रद्धा और आस्था का केंद्र है। माता श्यामाकाली का यह मंदिर मंडी रियासत की विजय के प्रतीक के रूप में स्थापित है। वहीं पर माता टारना को भक्तों की तारनहार देवी के रूप में भी पूजा जाता है। शारदीय नवरात्रों के दौरान...

  • नवरात्र विशेष: देवी पूजा पर्व-नवरात्रि

    प्रत्येक वर्ष 4 नवरात्रि होती है। इसमें दो जागृत एवं दो सुप्त अर्थात गुप्त हैं। जागृत नवरात्रि आश्विन (क्वांर) एवं चैत्र मास में मनाई जाती है। इसे भक्ति-भाव-पूर्वक सभी मनाते हैं जबकि पौष एवं आषाढ़ की गुप्त या सुप्त नवरात्रि को तांत्रिक विशेष रूप से मनाते हैं। आश्विन एवं चैत्र की जागृत नवरात्रि को...

  • पवन-ऊर्जा को रिचार्ज करती है नवरात्र-साधना

    हिन्दू पंचांग के अनुसार आश्विन मास के शुक्लपक्ष की प्रतिपदा तिथि में 'नवरात्रों' का प्रारम्भ होता है। शीत ऋतु में होने के कारण इसे शारदीय नवरात्रों के नाम से जाना जाता है। प्रतिपदा तिथि से लेकर नवमी तिथि तक की रात्रि को 'नवरात्रे' कहकर पुकारा जाता है। नवरात्रों में किये जाने वाले ध्यान, अर्चना,...

  • देवी के इस धाम में श्राप मुक्त हुए थे चन्द्रमा

    नवाबों के शहर लखनऊ से करीब-करीब 28 किलोमीटर की दूरी पर चन्द्रिका देवी का प्राचीन मंदिर है। ये मंदिर यहां रहने वाले लोगों के लिए श्रद्धा और आस्था का प्रतीक है। लखनऊ-नई दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग-24 के पास बख्शी का तालाब है, वहीं से 11 किलोमीटर दूर कठवारा गांव में चंडी देवी का यह मंदिर है, जो मां...

  • माता दुर्गा को पसंद है लाल रंग..

    नवरात्र के शुरू होते ही हर कोई मां दुर्गा की उपासना करने में व्यस्त हो जाता है। हम आपको इससे संबंधित बहुत सी बातें बता चुके हैं, आज भी हम आपको कुछ एेसी ही बातें बताने जा रहे हैं, जिनको नवरात्र में अपनाने से देवी दुर्गा का भरपूर आशीर्वाद मिलता है। कहा जाता है कि इस समय देवी को प्रसन्न करना बहुत ही...

  • कालरात्रि-7

    एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता। लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी।। वामपादोल्लसल्लोहलताकण्टकभूषणा। वर्धनमूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयंकरी।। मां दुर्गा जी की सातवीं शक्ति कालरात्रि के नाम से जानी जाती हैं। इनके शरीर का रंग घने अंधकार की तरह एकदम काला है। सिर के बाल बिखरे हुए हैं।...

Share it
Top