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  • बोध कथा: मन की अपवित्रता

    कबीरदास जांति-पाति, छुआछूत और समाज की दूसरी कुरीतियों के खिलाफ थे। उन्होंने अपने दोहों में हिन्दू-मुसलमान दोनों पर कटाक्ष करके उन्हें आड़े हाथों लिया है। रोज की तरह एक दिन कबीरदास सुबह सवेरे गंगा के किनारे स्नान कर रहे थे। उसी समय तीन ब्राह्मण जो तीर्थयात्र पर आये थे, गंगा में स्नान करने के लिये...

  • 23 अक्टूबर- आज ही नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने सिंगापुर में आजाद हिंद फौज का 'झांसी की रानी ब्रिगेड' की स्थापना की थी

    नयी दिल्ली। भारतीय और विश्व इतिहास में 23 अक्टूबर की प्रमुख घटनायें इस प्रकार हैं:- 1623 – प्रसिद्ध कवि तुलसीदास का निधन। 1764 – बक्सर की लड़ाई में मीर कासिम की पराजय। 1850 – महिलाओं के अधिकारों को लेकर पहली बार अमेरिका में नेशनल वुमेन राइट कन्वोकेशन शुरू हुआ। 1872 – फ्रांस के प्रसिद्ध कवि...

  • एन.सी.सी. का इतिहास

    किसी भी राष्ट्र के विकास के लिये उसके युवक युवतियों की शारीरिक मानसिक स्थिति का विकास आवश्यक है। देश स्वतंत्र होने के पश्चात हमारे नेताओं का ध्यान इस ओर आकर्षित हुआ। भारतीय युवकों को नये रूप से संगठित कर उनमें अनुशासन, कर्तव्य परायणता, उत्साह, धैर्य, मनोबल आदि को जागृत करने की आवश्यकता महसूस हुयी।...

  • चिंतन: अंदर की खुशियों को जगायें

    बचपन में सभी बच्चे भावनात्मक शोषण करके तथा अन्य किसी तरह की तरकीब के द्वारा अपने मां-बाप से अपनी सभी मांगें पूरी करवा लेते हैं परंतु बड़े होने पर अगर उन्हें सही जीवन साथी नहीं मिलते तो अकेलापन उनका सबसे बड़ा शत्रु बन जाता है क्योंकि जिस तरह वे मां-बाप पर आश्रित रहे होते हैं उसी तरह उन्हें अपने...

  • महिलाओं के भी होते हैं विशिष्ट अधिकार

    जैसे-जैसे समाज में स्वतंत्रता और आधुनिकीकरण बढ़ता जा रहा है, वैसे-वैसे आदमी और अधिक पाशविक होता जा रहा है उसकी नजर मात्र औरत पर है चाहे वह मासूम, अबोध बच्ची हो या असहाय वृद्धा। आदमी, मां, बहन, चाची, दादी आदि जैसे रिश्तों को भुलाकर उसे सिर्फ एक ही नजर से देखता है और उसे अपनी हवस का शिकार बनाना चाहता...

  • शिशु की देखभाल के लिए कुछ जरूरी टिप्स

    नवजात शिशुओं की देखभाल सही ढंग से करना माताओं के लिए एक समस्या बन जाती है। थोड़ी सी चूक अथवा अज्ञानता के कारण बड़ी मुश्किल का भी सामना करना पड़ सकता है। पहले ऐसा होता था कि घर की बड़ी बूढ़ी महिलाएं इन बच्चों की देखभाल में काफी ध्यान रखती थी लेकिन आधुनिक शहरी परिवेश में जहां परिवार का दायरा काफी...

  • धर्म संस्कृति/ पर्यटन: जानकी का विवाहस्थल-जनकपुर

    सीतामढ़ी बिहार से करीब 42 किलोमीटर उत्तर और नेपाल की तराई में स्थित जनकपुर, हिन्दू धर्मावलम्बियों का प्रधान तीर्थ है। यहीं जानकी का विवाह हुआ था। प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु वहां जाते हैं। प्राचीनकाल में यह मिथिला की नाभिभूमि या राजधानी थी जहां जनक से कर्मयोग के व्यवहारिक ज्ञान हेतु देश विदेश के...

  • बोध कथा: समय की कीमत पहचानें

    संसार में सबसे अमूल्य चीज समय है। बीता हुआ समय कभी वापस नहीं आता। हर दिन हमारे लिए एक नया दिन होता है जो हमें आगे बढऩे की प्रेरणा देता है। हमारे पास बुद्धि है। फिर क्यों न हम समय का उचित उपयोग करें? प्रकृति के सब कार्य समय पर पूर्ण होते हैं जैसे कि समय पर फसलें खेतों में लहलहाती हैं। समय पर ऋतु...

  • 22 अक्टूबर: आज ही प्रसिद्ध हिन्दी फ़िल्म अभिनेता अौर पटकथा लेखक कादर खान का जन्म हुआ था

    नयी दिल्ली। भारतीय और विश्व इतिहास में 22 अक्टूबर की प्रमुख घटनायें इस प्रकार हैं :1796 - पेशवा माधव राव द्वितीय ने आत्महत्या की। 1867 - नेशनल यूनिवर्सिटी आॅफ कोलंबिया की आधारशिला रखी गयी। 1875 - अर्जेंटीना में पहले टेलीग्राफिक कनेक्शन की शुरुअात। 1879 - ब्रिटिश शासन में पहला राजद्रोह का...

  • पर्यटन: रसगुल्ले व भुजिया का नगर - बीकानेर

    कभी जांगल प्रदेश के नाम से जाने-जाने वाला बीकानेर आज विश्व में भुजिया उत्पादन के क्षेत्र में काफी प्रसिद्ध है। बीकानेर राजस्थान के उत्तरी-पश्चिमी भाग में स्थित एक बहुत ही दर्शनीय स्थल है। राजधानी जयपुर से 300 कि.मी. दूर स्थित बीकानेर राजस्थान का एक आकर्षक पर्यटक स्थल है। नगर में प्रवेश हेतु पांच...

  • धर्म संस्कृति: देवी-देवताओं और उनके वाहनों के गुण

    देवी देवताओं के चित्रों में हम देखते हैं कि वे किसी न किसी वाहन पर सवार हैं। यहां यह बात उल्लेखनीय है कि देवताओं-देवियों का जो गुण-स्वभाव है, वही गुण-स्वभाव लगभग उसके वाहन का भी होगा। पुराने समय में जानवर ही मनुष्य का वाहन होता था अत: जिसने भी देवी-देवताओं के लिए वाहन की कल्पना की होगी, उसने...

  • कानून की तलवार, स्त्रियों की रखवार

    घर की जिस चारदीवारी को स्त्री की सुरक्षा की सबसे बड़ी गारंटी माना जाता है, वस्तुत: वही कई बार स्त्रियों के लिए उनके हिंसक शारीरिक-मानसिक उत्पीडऩ का सबसे बड़ा और स्थायी स्रोत बन जाती है। सार्वजनिक अपमान की ठोस घटनाओं और कटु-कर्कशी सच्चाइयों से भरे परिवारों के उत्पीडऩ से, बिना अपनी अस्मिता छोड़े,...

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