Read latest updates about "अजब गज़ब" - Page 1

  • बागपत: स्वर्णिम इतिहास का साक्षी...सिनौली गांव

    क्या आपके दिमाग में कभी यह सवाल आया है कि महाभारत काल में इंसान कैसे दिखते होंगे? कैसी उनकी भेष-भूषा होगी? क्या महाभारत के पात्रों को जैसा आपने पोस्टर्स या फिर टीवी पर देखा है वे बिल्कुल वैसे ही दिखते होंगे? दरअसल, ये सारे प्रश्न पूछने के पीछे का कारण यह है कि पश्चिम यूपी के बागपत जिले के सिनौली...

  • हैरत अंगेज डेज

    पिछले दिनों एक समाचार पत्र में पढ़ा था कि आजकल डेज़ का प्रचलन खूब बढ़ गया है, जैसे फादर्स डे, मदर्स डे, किसचर डे, टीचर्स डे आदि। अब पिछले कोई 10-12 सालों में एक नया 'डे' देश में खूब लोकप्रिय होता जा रहा है-'वेलेन्टाइन डे'। इसमें हमारे यहां कुछ प्रेमी युगलों की विशेष भूमिका है, जो विदेशी स्टाइल में...

  • रहस्य रोमांच: दुर्घटनाएं उन्हें बना गयी सौभाग्यशाली

    अक्सर देखा गया है कि दुर्घटनाओं को दुर्भाग्य माना जाता है। किसी व्यक्ति विशेष के साथ हुई दुर्घटना उसे दुर्भाग्यशाली बना देती है। लोग दुर्घटना को दुर्भाग्य का पर्याय मानते हैं लेकिन कुछ दुर्घटनाएं ऐसी भी हैं जो संसार के प्रसिद्ध महान व्यक्तियों से संबंधित हैं। ये दुर्घटनाएं उन्हें एक विशिष्ट व्यक्ति...

  • रहस्य रोमांच: ...और पहिये के कई टुकड़े हो गये

    कभी-कभी मानव जीवन में ऐसी घटनाएं हो जाती हैं जिन पर सहज विश्वास नहीं होता। जिस पर सहज विश्वास न हो, वही तो रहस्य होता है। यह घटना उत्तर-प्रदेश के जनपद बिजनौर की तहसील नगीना के क्षेत्र पुरैनी की है। एक किसान अचानक बीमार हो गया। बीमार भी इतना कि दिन ब दिन हालत बिगड़ ही रही थी। कई चिकित्सकों को...

  • अनोखी शादी : आमंत्रण में कार्ड के साथ गीता, विदाई के वक्त पौधा

    दरभंगा- बिहार में मिथिलांचल की राजधानी कहा जाने वाला दरभंगा शहर एक ऐसी अनोखी शादी का गवाह बनने जा रहा है, जहां विवाह में आमंत्रित हर मेहमान को शादी कार्ड के साथ न सिर्फ जीवन का सार बताने वाली महान धार्मिक पुस्तक गीता दी जायेगी बल्कि ग्लोबल वार्मिंग के आसन्न खतरों के प्रति आम लोगो को जागरूक...

  • 12 फुट से अधिक की जटाओं वाले नागा बने आकर्षण का केन्द्र

    कुम्भनगरी (प्रयागराज)। कुम्भनगरी नगरी सोमवार को दूसरा शाही स्नान शुरू हुआ। भोर पहर अखाड़ों ने स्नान शुरू कर दिया जो लगातार जारी है। हर अखाड़े में हजारों की संख्या में नागा साधु और संत स्नान करने संगम तट पर पहुंचे। सभी अखाड़ों की सोभा बड़ा रहे नागा अलग-अलग रंग रूप में नजर आये।12 फुट से ज्यादा लम्बी...

  • जब मुर्गी को बुलवाया गया थाने

    शिवपुरी। मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिला मुख्यालय के फिजिकल कॉलेज पुलिस थाने में आज उस समय रोचक नजारा देखने को मिला, जब एक मुर्गी को पकड़ कर लाया गया।मुर्गी पर आरोप था कि उसने अपने पड़ोस में रहने वाली एक मासूम बच्ची को काट कर घायल किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार फिजिकल कॉलेज थाना अंतर्गत यहां...

  • रहस्य कथा: अबूझ है हत्यारे 'बरमूडा त्रिकोण' का रहस्य

    प्यूर्तो रिको और बरमूडा के बीच का त्रिकोणीय क्षेत्र 'बरमूडा त्रिकोण' के नाम से जाना जाता है। यह स्थान पश्चिमी एटलांटिक महासागर (फ्लोरिडा राज्य, अमेरिका) के नजदीक है। बरमूडा त्रिकोण की 'मौत का त्रिकोण, 'एटलांटिक का कब्रिस्तान' और 'शैतानी त्रिकोण' इत्यादि कई नामों से भी जाना जाता है। यह खूनी क्षेत्र...

  • पचास लीटर दूध की रबड़ी प्रतिदिन बांट रहे रबड़ी बाबा

    कभी चार धाम की यात्रा पर निकले थे अब प्रयागराज कुंभ में बांट रहे रबड़ी कुंभ नगरी (प्रयागराज)। अठारह वर्ष की आयु में संसार सागर की मोह माया से थक हारकर मन में चारधाम यात्रा का संकल्प लेकर उत्तराखण्ड से निकला एक युवक 47 वर्षीय नागा साधू बनकर आज प्रयागराज कुम्भ में लोगों को रबड़ी खिलाकर उन्हें खुशियां...

  • जोनबिल मेला जहां आज भी बिना पैसे का होता कारोबार

    विधि विधान के साथ तीन दिवसीय मेला शुरू, देश- विदेश से मेला देखने आते हैं सैलानी मोरीगांव (असम)। प्राचीन समय में व्यवसाय के लिए चलन में रहे विनिमय प्रथा पर आधारित ऐतिहासिक जोनबिल मेला गुरुवार को पूरे विधि विधान के साथ मोरीगांव जिले के जागीरोड स्थित प्रसिद्ध जूनबिल क्षेत्र में आरंभ हो गया। मेले में...

  • पैरों में चिपक जाते थे पिल्ले इसीलिए नर्सों ने पीट-पीटकर मार डाला

    कोलकाता। कोलकाता के एनआरएस अस्पताल में कुत्ते के 16 बच्चों की पीट-पीटकर हत्या मामले में गिरफ्तार की गई दोनों नर्सों ने चौंकाने वाली वजह का खुलासा किया है। पुलिस पूछताछ में पता चला है कि जब वे मेडिकल कॉलेज से वापस लौटती थीं तब ये कुत्ते उनके पैरों में चिपक जाते थे इसके अलावा कथित तौर पर नर्सों...

  • आकाशीय बिजली में है बड़ा दम

    आकाशीय बिजली का हम सबको ही कभी न कभी सामना करना पड़ता है। जब बिजली चमकती या कड़कती है तो कई बार हम कांप उठते हैं। डर तो लगता ही है। हर साल हजारों लोग आकाशीय बिजली के कारण मर जाते हैं। बिजली मनुष्यों को ही नहीं मारती। वह मछली, पशु-पक्षी या वनस्पति आदि किसी को भी अपनी ज़द में ले सकती है। पचासों वर्ष...

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