Read latest updates about "संबंध" - Page 1

  • देह शोषण के अनदेखे सच

    एक सरकारी अस्पताल में पीड़ा से कराहती महिला के साथ वार्ड बाय छेडख़ानी करता है। महिला के एतराज करने पर वह उसे बेहोशी की दवा देकर बेइज्जत कर देता है। क्या यही है महिलाओं की आजादी, उन्हें बराबरी का हक दिया जाना? हैवानियत की ऐसी भूख का निवाला अलग-अलग रूपों में बार-बार बनती रहती है औरत। एक अधेड़ औरत को...

  • संभल कर रहें इमोशनल ब्लैकमेलिंग से

    प्यार, मानव को सृष्टि की ओर से मिला एक तोहफा है जो रिश्तों के बीच सेतु बनकर रिश्तों को मजबूत बनाता है। दुनियां में कदम रखने के साथ ही मानव इस स्नेहिल प्यार को महसूस करने लगता है और जीवन भर प्यार के नए-नए रिश्तों को बनाने का प्रयत्न करता है। प्यार के कई रूप होते हैं-मां का वात्सल्यमयी प्यार, पिता...

  • मतभेद न बन जाए मनभेद

    पति-पत्नी का रिश्ता एक महत्त्वपूर्ण रिश्ता है परन्तु समाज में शायद कोई रिश्ता ऐसा नहीं जहां आपस में मतभेद न हो। यहां तक कि पति पत्नी का रिश्ता भी इसमें शामिल है। पति पत्नी में कभी-कभी मतभेद होना स्वाभाविक है और इस मतभेद के बाद दोनों में प्रेम और भी बढ़ जाता है किंतु पति पत्नी के बीच शब्द युद्ध...

  • पुरूष के लिए यौन ही सबसे बड़ा सच है

    दुनिया के सब संबंध, सारे नाते झूठे, एक पति-पत्नी का मिलन इस धरती का सबसे बड़ा सत्य है। यही सत्य शिव है और शिव ही सुंदर है। यदि पत्नी बनी युवती शुरू से ही पुरूष की अदम्य प्यास, उसकी यौन विषयक चाहत के बारे में जान ले तो दांपत्य व उम्र के उस मोड़ पर, जब शरीर शिथिल होने लगता है, गृहस्थी के दायित्व लगभग...

  • पुरूष के लिए यौन ही सबसे बड़ा सच है

    दुनिया के सब संबंध, सारे नाते झूठे, एक पति-पत्नी का मिलन इस धरती का सबसे बड़ा सत्य है। यही सत्य शिव है और शिव ही सुंदर है। यदि पत्नी बनी युवती शुरू से ही पुरूष की अदम्य प्यास, उसकी यौन विषयक चाहत के बारे में जान ले तो दांपत्य व उम्र के उस मोड़ पर, जब शरीर शिथिल होने लगता है, गृहस्थी के दायित्व लगभग...

  • चर्चा: समलैंगिकता: विधिक व सामाजिक मान्यता

    अभी हाल ही में माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने देश के मौजूदा दंड विधान संहिता के धारा 377 में उपबंधित और सालों से समलैंगिकता को रखे गए अपराध की श्रेणी को असंवैधानिक और नागरिक अधिकारों के प्रतिकूल करार देते हुए इसे अपराध की श्रेणी से मुक्त कर दिया. जनहित याचिका (आपराधिक) संख्या 76/2016 को यौनिक व्यवहार...

  • दो दिलों को जोड़ता है रोमांस

    रोमांस पहले भी था और आज भी है किंतु दुर्भाग्य से नई पीढ़ी के लिए इसके मायने बदलते जा रहे हैं। नई पीढ़ी रोमांस को मात्र दैहिक सुख यानी वासना की दृष्टि से ही देखती है। रोमांस पुराने जमाने में भी था, जिसे नई पीढ़ी पुरानी फिल्मों में देख सकती है। उस समय प्रेमी-प्रेमिका खुले तौर पर नहीं मिलते थे। उनकी...

  • रोमांस के लिए वक्त नहीं है उनके पास

    आज ऐसी हजारों स्त्रियां मिलेगी जो तीस पार करने के बाद भी मिस्टर राइट नहीं ढूंढ सकीं। इनमें कई करियर में बेहद कामयाब लाखों रूपयों के पैकेज लेने वाली हैं। उनके सबऑर्डिनेट पुरूष हैं जिन्हें वे डिक्टेट करती हैं। विशेषज्ञों की मानें तो वे औरतें जो दिल से लीडर हैं, हर किसी लल्लू पंजू के साथ सुखी नहीं रह...

  • बैचलर रहेंगे तो हृदय रोग का खतरा अधिक

    यदि कोई व्यक्ति क्रॉनिक बैचलर हो अथवा लम्बे समय तक अविवाहित रहेगा तो उसको हृदय रोग का खतरा बढ़ जाएगा। शादीशुदा लोगों में हृदय रोगों का खतरा कम होगा। वाशिंगटन में जो शोध हुआ तथा फरवरी 2010 में सामने आया, वह हमें सचेत करता है। शोध परिणाम में आया है कि तन्हाई दिल पर भारी पड़ सकती है, विशेषकर पुरूषों...

  • आत्मविश्वास की कमी नपुंसकता को जन्म देती है

    मानव के शुक्राणु उसके अंडकोष में पैदा होते हैं। 16 वर्ष से लेकर 90 वर्ष तक निरंतर शुक्राणुओं का निर्माण होता रहता है। मानव नर के अंडकोष में से प्रति सेकंड 100 शुक्राणु या वीर्यकण पैदा होते हैं। एक मिलीलीटर सीमन या वीर्य में 60 मिलियन या छह करोड़ शुक्राणु होते हैं जो कभी-कभी 20 करोड़ भी हो सकते हैं।...

  • अरेंज मैरिज बनाम लव मैरिज

    पहले माता-पिता अपने बच्चों के लिए अपनी ही बिरादरी में कोई रिश्ता ढूंढ लेते थे लेकिन अब उनके बच्चे गैरबिरादरी में से किसी को भी पसंद कर प्रेम विवाह रचा लेते हैं। आज के युवक-युवतियां आजाद ख्यालों के हैं। वे धर्म, जाति, बिरादरी इन सबमें विश्वास नहीं रखते मगर फिर भी सबके अलग-अलग विचार हैं। जहां आज लव...

  • मिल जुल कर ही महकता है दांपत्य

    जब वैवाहिक सूत्र में बंध ही गए हैं तो उसे सफल बनाना पति-पत्नी दोनों पर ही निर्भर करता है। परिवार के सदस्यों का योगदान तो बहुत कम होता है। यदि दोनों पार्टनर अपनी जिम्मेदारियों को सही रूप देते रहें तो यह बगिया हमेशा महकती रहेगी। दोषारोपण न करें:- कुछ गलतफहमी होने पर एक दूसरे को दोष न दें। स्पष्ट रूप...

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