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पाकिस्तानी मीडिया पर सरकारी पहरेदारी
-मोहम्मद शहजादहिंदुस्तान और पाकिस्तान दोनों हमसाया मुल्क हैं। यही वजह है कि दोनों में काफी समानताएं हैं। एक जैसी रंगत और चेहरे-मोहरे के लोग, भाषा, संस्कृति, कला और रस्मो-रिवाज सरहद के इधर के भी हैं और उधर भी। जुगराफियाई और सामाजिक संरचनाएं भी लगभग एक जैसी हैं लेकिन बात जब लोकतांत्रिक मूल्यों,...
क्या वाकई भूतिया है राजस्थान की विधानसभा?
-योगेश कुमार गोयल जिस राजस्थान विधानसभा के भीतर निर्वाचित जनप्रतिनिधि के रूप में प्रवेश करने के लिए 2293 प्रत्याशियों के बीच जोर आजमाइश चल रही है, आपको जानकर हैरानी होगी कि उसी विधानसभा को पिछले कई वर्षों से भूतिया माना जा रहा है। विधानसभा को अपशकुनी मानने वाले विधायकों को फिर से विधानसभा भवन में...
क्यों मैंनेजमेंट-मुलाजिम हो गए एक-दूसरे से दूर?
-आर.के.सिन्हा... यह दिवाली के अगले दिन की ही बात है। दिल्ली से सटे औद्योगिक क्षेत्र फरीदाबाद में एक नामी गिरामी कंपनी में यह हुआ था। कंपनी से ही कुछ समय पहले नौकरी से बर्खास्त किए गए एक मुलाजिम ने एचआर विभाग के प्रमुख की उन्हीं के दफ्तर में गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्यारा नौकरी से निकाले...
सीएम योगी आदित्यनाथ को ओवैसी का जवाब
तेलंगाना विधानसभा चुनाव के मद्देनजर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चुनावी रैलियां कर रहे हैं और सीधे एआईएमआईएम पर निशाना साध कह रहे हैं कि यदि भाजपा की सरकार बनी तो ओवैसी को ठीक वैसे ही भागना पड़ेगा जैसे कि हैदराबाद निजाम भागे थे। योगी के इस बयान को गंभीरता से लेते हुए असदुद्दीन ओवैसी...
सिद्धू जी! कूटनीति क्रिकेट नहीं है
-सुरेश हिन्दुस्थानीप्रसिद्ध क्रिकेटर और कॉमेडियन से राजनेता बने नवजोत सिंह सिद्धू 'बदनाम हुए तो क्या हुआ नाम तो होगा' की तर्ज पर अपनी राजनीति कर रहे हैं। उनके क्रियाकलाप से ऐसा ही लगता है कि वे स्वयं भारत से भी बड़ा मानने की भूल कर रहे हैं। अपनी मर्जी से पाकिस्तान की यात्रा करने वाले नवजोत सिंह...
गड़बड़ी ईवीएम में या राजनीतिक दलों की सोच में?
- योगेश कुमार गोयल विधानसभा चुनावों तथा अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों में ईवीएम के बजाय मतपत्रों के इस्तेमाल सम्बंधी 17 राजनीतिक दलों की दलील को आधार बनाते हुए एक जनहित याचिका को आखिरकार सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया। कोर्ट स्पष्ट कर दिया कि ये धारणा गलत है कि ईवीम के बजाय मतपत्रों के जरिये...
अयोध्या राम मंदिर निर्माण और भगवान श्रीराम की जन्मपत्री
हिन्दू धर्मशास्त्रों में भगवान श्रीराम जी के कुंडली का सुंदर रुप में चित्रण किया गया है। तुलसीदासकृत वाल्मीकि रामायण में एक स्थान पर भगवान श्रीराम के जन्म समय की जानकारी मिलती है- कि नौमी तिथि मधु मास पुनीता। सुकल पच्छ अभिजित हरिप्रीता॥ मध्यदिवस अति सीत न घामा। पावन काल लोक बिश्रामा॥ भावार्थ- ...
मनोहर पर्रिकर का त्यागपत्र
यह तो सभी जानते हैं कि लंबे समय से गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर बीमार चल रहे हैं, जिस कारण विपक्ष लगातार इस्तीफे की मांग कर रहा है। ऐसे में गोवा के मंत्री विजय सरदेसाई का दावा सामने आया जिसमें उन्होंने कहा कि पर्रिकर तो पद से त्यागपत्र देना चाहते थे लेकिन भाजपा आला कमान ने उन्हें रोक दिया।...
मिजोरम, कांग्रेस का गढ़ बचाना कठिन
-योगेश कुमार गोयल करीब 21 हजार किलोमीटर क्षेत्रफल वाले आबादी के लिहाज से बहुत छोटे से राज्य मिजोरम में 28 नवम्बर को सभी 40 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव होने हैं। असम तथा पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों को मिलाकर अस्तित्व में आए पूर्वोत्तर के 8 जिलों वाले इस छोटे से आदिवासी बहुल राज्य की कुल आबादी महज...
दहशत फैलाता डेंगू का रौद्र रूप
- योगेश कुमार गोयलदेखा जाता रहा है कि ठंड के दस्तक देने के बाद रात के तापमान में गिरावट आने पर डेंगू के मच्छर स्वतः ही खत्म हो जाते हैं लेकिन इस बार स्थिति खतरनाक है। अलग-अलग राज्यों में प्रशासन द्वारा भले ही कितने भी दावे किए जा रहे हों,हकीकत यही है कि अधिकांश स्थानों पर मच्छरों को पनपने से रोकने...
धर्मसभा में केवल मंथन होगा या कुछ और भी ?
-सियाराम पांडेय 'शांत' राजतंत्र में विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए राजसभा होती थी और जनता को सही राह दिखाने के लिए धर्म सभा की उपस्थिति थी। राजा को कर्तव्य बोध कराने के लिए साधु समाज आगे आता था। संगोष्ठियां करता था। बौद्धिक चिंतन हुआ करते थे। राजसभा को लेकर तो हलचल मचती थी कि मंत्री क्या कहेंगे?...
हवा से बातें करते लखनऊ, पटना, रांची
आर.के. सिन्हा.... आप दिल्ली, मुंबई या बेंगलुरु जैसे महानगरों की तो बात ही छोड़िए, अब तो स्थिति यह है कि छोटे और मझोले, दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों के हवाई अड्डों के अंदर-बाहर भी मुसाफिरों की भारी भीड़ लगी रहती है। प्रतीक्षालयों में बैठना तो दूर, खड़े होने की जगह में भी दिक्कत है। ये सब...

