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उपवास में दूध, घी, मेवे और फल ही आहार के तौर पर मान्य हैं
उपवास दरअसल शरीर और मस्तिष्क को सत्व की स्थिति में रखने की एक कोशिश है। यह कोशिश एक दिन से शुरू हो कर तीन चार, आठ दस दिन या महीने साल बाहर तक किसी भी अवधि के लिए भी हो सकती हैं। मूल बात है समर्पण और अनुशासन। उपवास के दौरान बीच में कुछ खाया भी जा सकता है- जैसे फलाहार या दिन में एक समय भोजन। ...
सूर्यदेव को जल चढ़ाते समय बोलें ये मंत्र, होगी सारी मनोकामना पूरी
रविवार का दिन सूर्य देव का दिन माना जाता है। इस दिन सूर्य देव की पूजा की जाती है और अर्घ्य दी जाती है। हिन्दू धर्म में पांच ईष्ट देव बताए गए है, उनमे से एक सूर्य देव भी हैं। कहा जाता है कि ईष्ट देव की पूजा विघि के अनुसार करने फल की प्राप्ति होती है। कहा जाता है कि ईष्ट देव की पूजा हर दिन करने पर घर...
शाम के समय यह 5 काम नहीं करें, होती है धन और स्वास्थ्य की हानि
शास्त्रों में बेहतर और खुशहाल जीवन के लिए कई उपाय और नियम बताए गए हैं। इनमें खान-पान, रहन-सहन, आचार-व्यवहार से लेकर स्त्री पुरुष संबंधों तक की बात की गई है। शास्त्र कहता है व्यक्ति द्वार किए जाने वाले हर काम का उसके जीवन पर प्रभाव पड़ता है। अपने कर्मों के प्रभाव से ही व्यक्ति स्वस्थ्य और...
अध्यात्म/धर्म सस्कृति: मृत्यु एवं पुनर्जन्म का रहस्य
पुनर्जन्म आध्यात्मिक विषय है। दुनिया भर में वैज्ञानिक मापदण्डों पर इसकी सत्यता पर रखने के लिए अनेक शोध किए जा रहे हैं। वेदों से लेकर जातक ग्रन्थों, अनेक मत, सम्प्रदायों की धार्मिक, दार्शनिक पुस्तकों और जनश्रुतियों तक में इसके बारे में अनेक प्रमाणिक तथ्य व घटनाएं पढऩे और सुनने में आती है। वहीं...
धर्म संस्कृति: श्रद्धा और विश्वास का अनूठा स्थल: वैष्णो देवी दरबार
वैष्णो देवी के दरबार में पहुंचते ही देश-विदेश से आए यात्री अपनी यात्र की कठिनाइयों को भूल जाते हैं। 'जय माता की' के जयघोष में हर श्रद्धालु जातिगत भेदभाव को भुला देता है। श्रद्धा और विश्वास का ऐसा संगम स्थल आपको विश्व में शायद ही कहीं देखने को मिले। जम्मू शहर से मात्र 46 किलोमीटर की दूरी पर छोटा...
पर्यटन: देवभूमि के साक्षात्कार की पौड़ी: कोटद्वार से लैंसडाउन
उत्तराखंड को देवभूमि कहा जाता है। देवों के देव महादेव यहां के कण-कण में विराजमान हैं। बहुत प्यारे हैं यहाँ के लोग। ईमानदार, मेहनतकश लेकिन मृदुभाषी उत्तरांचली देशभर में अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं। वर्षो पूर्व जब उत्तराखंड अलग राज्य नहीं बना था, पौड़ी के जिला अधिकारी ने हमें उस क्षेत्र के प्राकृतिक...
आर्ष गुरूकुल एटा: जहां शिक्षा के साथ मिलते हैं संस्कार,गुरूकुल का मुख्य आकर्षण 84 खंबों पर बनी 108 कुण्डीय यज्ञशाला
आर्ष गुरूकुल का परिसर लगभग 44 एकड़ में फैला है, बेहद ही खूबसूरत है। परिसर में 7 एकड़ का आम का बाग। 20 एकड़ में बनी विश्व की सबसे बड़ी 108 कुण्डीय यज्ञशाला, विद्यालय-भवन, छात्रावास, गौशाला, भोजनालय, औषधिभवन व अतिथिशाला। प्रातःकालीन वेदमंत्रों की आहुति से होनेवाला हवन-यज्ञ और विद्यार्थियों द्वारा...
गुप्त नवरात्रा शुरू, उपवास के संकल्प के साथ हुई घट स्थापना
जोधपुर। गुप्त नवरात्रा शुरू हो गये हैं। 9 दिनों तक उपवास का संकल्प लेकर पहले दिन घरों में घट स्थापना की गई। गुप्त नवरात्रि के दौरान तांत्रिक और अघोरी अपनी मनोकामना पूरी करने और शक्ति हासिल करने के लिए ख़ास विधि से मां की पूजा करते हैं। इस दौरान तांत्रिक गुप्त तरीके से सबकी नजरों से बचाकर मां की...
घर में वास्तु दोष, भगवान गणेश करेंगे दूर, जानिए कैसे
प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश को सुख, शांति और समृद्धि के दाता हैं और इसलिए किसी भी शुभ काम को करने से भगवान गणेश की पूजा की जाती है। उनकी पूजा मात्र से ये सारे काम निर्विघ्न रूप से सम्पन्न होते हैं। माना जाता है कि गणेशजी की आराधना के बिना वास्तु देवता की संतुष्टि नहीं होती है। इसलिए माना जाता है कि...
यहां भगवान जगन्नाथ स्वामी की एक झलक पाने हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुँचते हैं
पन्ना,। मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में हर साल आयोजित होने वाली रथयात्रा के लिए प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। देश की तीन सबसे पुरानी व बड़ी रथयात्राओं में पन्ना की रथयात्रा भी शामिल है। ओडिशा के जगन्नाथपुरी की तर्ज पर यहां आयोजित होने वाले इस भव्य धार्मिक समारोह में राजसी ठाट-बाट और वैभव की...
ऋग्वेद विश्वदर्शन का प्रथम उद्भव
-हृदयनारायण दीक्षित ऋग्वेद विश्वदर्शन का प्रथम उद्भव है। ऋग्वेद के कवि ऋषि सोचने की दार्शनिक दृष्टि के प्रथम अग्रज हैं। वे प्रकृति के गोचर प्रपंचों को ध्यान से देखते हैं। इन प्रपंचों की गति व विधि के प्रति जिज्ञासु होते हैं। वे प्रत्यक्ष को स्वीकार करते हैं लेकिन प्रत्यक्ष देखने से प्राप्त...
घर के मंदिर में सूर्य देव की प्रतिमा जरूर रखें और हर दिन उनकी पूजा करें
रविवार का दिन सूर्य देव का दिन माना जाता है। इस दिन सूर्य देव की पूजा की जाती है और अर्घ्य दी जाती है। हिन्दू धर्म में पांच ईष्ट देव बताए गए है, उनमे से एक सूर्य देव भी हैं। कहा जाता है कि ईष्ट देव की पूजा विघि के अनुसार करने फल की प्राप्ति होती है। कहा जाता है कि ईष्ट देव की पूजा हर दिन करने पर घर...

