भाई और बहन हो जाओ तैयार, लो आ गया राखी का त्यौहार। ठंडी बारिश की बूँदे, सावन की सौंधी महक। भाई के आने की उम्मीद बहना को लगी है कसक। राखी और...
भाई और बहन हो जाओ तैयार,
लो आ गया राखी का त्यौहार।
ठंडी बारिश की बूँदे,
सावन की सौंधी महक।
भाई के आने की उम्मीद बहना को लगी है कसक।
राखी और मिठाई से सजा होगा पूजन थाल,
अक्षत रोली सोहेगा प्यारे भाई के भाल।
अटूट रेशमी धागे से कलाई पे चमक आ जाएगी,
भाई को कभी न भूलने का वचन अमर कर जाएगी।
छोटे भाई से स्नेह बङे से मिलती है दुआ।
सारे जग में सबसे सच्चा रिश्ता है यही हुआ।
मुसीबत आने पर भाई का साथ निभाना,
बहन की खातिर हर पल कुर्बान कर जाना।
वादा मुझसे कर लो भैया अबकी बार जब आओगे,
साथ में प्यारी भाभी को घर लाओगे।
राखी की इस लाज को उम्र भर निभाना तुम,
दुनियादारी के चक्कर में मुझे न भुलाना तुम।
मन में सपना सजाती रहूँगी
हर साल यूँही राखी बाँधती रहूंगी।
रब ने ऐसा अटूट बंधन बनाया है,
तभी जग में ये त्यौहार रक्षाबंधन कहलाता है।
रिश्ता बना रहे सदियों तक,
मिले भाई को खुशियाँ अपार।
मिश्री के मीठे रस सा, झलकता रहे भाई बहन का अनोखा प्यार।
-शालू मिश्रा
नोहर, हनुमानगढ़, राजस्थान

