क्या यू.पी. की कायाकल्प कर पायेगें योगी जी?

क्या यू.पी. की कायाकल्प कर पायेगें योगी जी?

यूपी पिछले कई साल बाद भाजपा के योगी राज के सानिध्य में आया। आरम्भ से ही भ्रष्टाचार व अपराध के दमन के लिए भाजपा को माना जाता है। अब यूपी में भाजपा की कमान योगी आदित्यनाथ के हाथों में है। जब उन्होंने यूपी की कमान संभाली तो चीख-चीख कर खुलेआम कहा कि अपराधी व भ्रष्टाचारी यूपी को छोड दे नहीं तो परिणाम अच्छा नहीं होगा, किंतु योगी की बातों की किसी ने कोई परवाह नहीं की। अपराधी व भ्रष्टाचारी योगी के इस फरमान को हल्के में लेे गये व सोचा कि सभी सरकार शुरू में ऐसे ही गीदड धमकी देती है। कुछ सख्ती के बाद सब कुछ पहले जैसा ही चलता रहेगा। पर सब ने योगी जी के आदेश की परवाह किये बिना अपनी कार्यप्रणाली पूर्व की भांति ही जारी रखी। सरकार की सख्ती के बाद अपराधियों व माफियाओं की धडपकड शुरू हो गई। एक के बाद एक बदमाश के एनकांउडर आरम्भ हो गये। मानवाधिकार के हस्तक्षेप के बाद बदमाशों को सीधे गोली न मारकर उनके पैरों में गोली दागी गई व उन्हें सलाखों के पीछे डाला गया।

बदमाशों से निपटना चल ही रहा था कि भ्रष्टाचारियों ने भी उनसे कोई सबक न लेकर पूर्व की भांति ही अपना काम बेधडक चलाते रहे। जब परते खुलनी शुरू हुई तो सब चकित रह गये। लाखों बच्चों ने अपनी बोर्ड की परीक्षा छोड दी। हजारों अवैध सैंटरों पर ताला लगा। हजारों नकल माफिया सलाखों के पीछे गये। यूपी में होने वाली सरकारी नौकरी की परीक्षा में हजारों मुन्ना भाई गिरफ्त में आये, हजारों नकल माफिया पकडे गये। बात यही तक सीमित नहीं रही कुछ जगह तो सरकारी तंत्र भी इसमें लिप्त पाया गया। हजारों नकली फर्जी मदरसों व स्कूलों का खुलासा हुआ। बच्चों की छात्रवृत्ति हडपने वाले स्कूल, कालेज व मदरसे तक गिरफ्त में आये। अवैध कालौनियों का भी भंडाफोड हुआ। अवैध बिल्डिंगों का भी खुलासा हुआ। घूसखोर सरकारी तंत्र पर कार्यवाही हुई। इतना ही नहीं माफियों ने आधार कार्ड तक में सेंध लगाकार सरकारी तंत्र से मिलकर गरीबों का निवाला तक निगल लिया। राशन डीलर व पूर्ति विभाग एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करने में एक दूसरे को फंसाने व खुद बच निकलने की जुगत लगा रहा हैं। कही पुल गिर रहे हैं तो कहीं नई बनी सडकें बननेे से पहल ही गड्ढों में बदल गई। कितनी ही अवैध कालौनियों का भंडाफोड हुआ। कितनी ही अवैध बिल्डिगों का अवैध नक्शा पास किया जाता रहा। योगी ने शंख नाद किया तो सालों से कुम्भकरण की नींद सोये लालफीता स्याही व खाकी की नींद भी टूटी, प्रशासन अपने कडे रूख में शायद पहली बार दिखा। यही नहीं मजनुओं पर भी आफत के बादल मंडराने लगे। बेखौफ स्कूल के बाहर लडकियों पर व्यंग्य कसने वाले अब पुलिस के हत्थे चढने शुरू हो गये। दफ्तरों से नदारत बाबू व अफसर समय पर आकर अपना काम करते नजर आने लगे हैं। यूपी में अब सब कुछ ही बदला-बदला सा लग रहा है। यही नहीं सरकारी तंत्रों की प्राईवेट प्रैक्टिस पर भी अंकुश लग गया। रॉयल बुलेटिन की नई एप प्ले स्टोर पर आ गयी है।royal bulletin news लिखे और नई app डाउनलोड करें

समाजसेवी व राजनैतिक के विरिष्ठ वी०के० अनेजा एडवोकेट के अनुसार सरकार केवल एक अच्छा प्रयास कर सकती है, लेकिन जनता जब तक जागरूक व ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वाहन नहीं करेगी, तब तक कभी अच्छे दिन नहीं आ सकते। आज जिन भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों को सरकार से शिकायत है, वे अपना व्यकितगत स्वार्थ छोडकर अगर आम जन की भाति सोचें कि यदि वे अपराध व भ्रष्टाचार छोड दें तो उनकी आने वाली पीढी खुले में राहत की सांस लेगी। अपराध व भ्रष्टाचार कभी किसी के लिए अच्छा नहीं हो सकता। यह समाज के लिए विष के समान है।

अब सवाल यह है कि यदि सरकार सख्त न होती तो सरकारी तंत्र में घोटाले चलते ही रहते न जाने कितने करोडों का चपत सरकार को लगाते रहते। बिना पढे ही बच्चे न ही पास होते, बल्कि पढने वालों को मात देते। नकल व ठेकेदार माफिया पैसे के बल पर अयोग्य अभ्यर्थी को सरकारी तंत्र में आसीन कर देते व पढने वाले केवल पढाई करते ही रह जाते। अपराधी बेखौफ घूमते रहते। अभी तक रोज नये घोटाले सरकार के सामने उजागर हो रहे हैं, पर योगी सरकार की खास बात यह है कि भ्रष्टचारियों व अपराधियों की वोट बैंक की चिंता किये बिना इन पर कोई नरमी के मूड में नहीं लग रही। अनाज घोटाले चलते ही रहते, सरकारी तंत्र भी अपनी मन मरजी करते रहते। अफसर भी अपनी मौज-मस्ती में मस्त घूमते रहते। पर अब सब कुछ पहले जैसे नहीं है। नौकरी करनी है, तो सरकारी तंत्र को काम करना ही होगा वो भी ईमानदारी से लापरवाह व कामचोर सरकारी तंत्र अब ज्यादा दिन तक अपनी मरजी नहीं कर पायेंगे। अब सरकारी अफसरान को आम जनता की सुनवाई करनी ही होगी। लगता है कि ईमानदार व कर्मठ आदमी के अच्छे दिन आ गये हैं तथा भ्रष्टाचारियों और घूसखोरों को योगी राज के खत्म होने का इंतजार है। योगी राज में यदि सब कुछ इसी प्रकार से चलता रहा तो यूपी में अच्छे दिन आने में देरी न होगी।

-अवतोष शर्मा (स्वतंत्र पत्रकार)

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