देवबंद : देवबंद के दो भाजपा नेताओं की हत्या के खुलासे को डीजीपी ने अब एसटीएफ को लगाया

देवबंद : देवबंद के दो भाजपा नेताओं की हत्या के खुलासे को डीजीपी ने अब एसटीएफ को लगाया


देवबंद (गौरव सिंघल)। देवबंद के भाजपा सभासद और पार्टी उपाध्यक्ष और देवबंद चीनी मिलों के गन्ना तौल केंद्रों पर वाहनों की व्यवस्था के बड़े ठेकेदार 50 वर्षीय धारा सिंह गुर्जर की हत्या के खुलासे को डीजीपी ओपी सिंह ने आज एसटीएफ को जिम्मेदारी सौंपी है। धारा सिंह की हत्या को पांच दिन हो गए हैं, एसएसपी दिनेश कुमार प्रभु की अगुवाई में पुलिस की एक दर्जन टीमें दस बिंदुओं पर हत्या के खुलासे की जांच कर रही थी। लेकिन पुलिस को भरसक प्रयासों के बावजूद कोई सफलता नहीं मिल पाई हैं। डीजीपी स्वयं सहारनपुर पुलिस का मार्गदर्शन कर रहे हैं। किसी भी नतीजे पर ना पहुंचने और घटना का खुलासा ना होने से एसएसपी दिनेश प्रभु मायूस बताए जा रहे हैं। धारा सिंह और दूसरे भाजपा नेता यशपाल सिंह गुर्जर की आज उनके गांवों बंदरजुड्डा और मिरगपुर में आयोजित हुई श्रद्धांजलि सभाओं में विभिन्न वर्गों के हजारो लोग शामिल हुए। लोगों ने दोनों भाजपा नेताओं की हत्या पर गहरा शोक व्यक्त किया और पुलिस से हत्या कराने वाले और हत्या करने वाले दोनों को गिरफ्तार करने की जोरदार मांग की। दोनो स्थानों पर भाजपा के सैकडो बड़े नेता, पूर्व सांसद राघव लखनपाल शर्मा, पूर्व विधायक महावीर सिंह राणा, पूर्व विधायक मनोज चौधरी, पूर्व विधायक शशिबाला पुंडीर आदि ने मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी और भरोसा जताया कि हत्याकांड का खुलासा जल्द होगा और हत्यारोपी अपराधी जल्द ही गिरफ्तार किए जाएंगे।

सभासद धारा सिंह के चाचा भाजपा नेता और जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन चौधरी राजपाल सिंह गुर्जर ने पत्रकारों को बताया कि एसएसपी दिन-रात हत्याकांड के खुलासे में लगे हुए हैं और जो भी जांच में प्रगति हो रही है, उन्हें वे उनके परिवारों को जरूर अवगत कराते हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और डीजीपी ओपी सिंह खुद इस मामले में रूचि ले रहे हैं। सहारनपुर में मुख्यमंत्री के 18 अक्टूबर के दौरे को लेकर कैंप किए हुए सहारनपुर के प्रभारी मंत्री, प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्यप्रताप साही और परिवहन मंत्री अशोक कटारिया भी पुलिस प्रशासन पर दोनों भाजपा नेताओं की हत्या खुलासे के बावत दबाव बनाए हुए हैं। महिला पुलिस ने बीती रात कई घंटे तक देवबंद की कमला विहार कालोनी निवासी एक लड़की से कई घंटे तक पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक सभासद धारा सिंह ने 12 अक्टूबर को घटना से पूर्व प्रातः आठ बजे अंतिम काॅल इसी लड़की को की थी। पुलिस जांच दल को पूरी उम्मीद थी कि शायद इस लड़की से पूछताछ में हत्यकाांड का पर्दाफाश हो जाएगा किंतु पुलिस को कोई ठोस सबूत हाथ नहीं लगे। पुलिस की जांच अब देवबंद चीनी मिल की ओर फोकस हो रही है। जहां धारा सिंह गुर्जर कई वर्षों से नौकरी के साथ-साथ ठेकेदारी भी कर रहे थे। मृतक के परिजनों और पुलिस अधिकारियों दोनों का कहना था कि चीनी मिल प्रबंधक धारा सिंह पर इस बात के लिए दबाव बनाए हुए था कि या तो नौकरी करें या ठेकेदारी करें। पुलिस ने इस मामले में पड़ोसी जनपदों के साथ-साथ उत्तराखंड के बड़े बदमाश गिरोह की कुंडलियां भी खंगालने का काम किया है। जेलों में बंद बदमाशों से भी जानकारी लेने का काम किया है लेकिन पुलिस को कहीं से भी कोई सफलता नहीं मिल पाई। मिरगपुर के चौधरी यशपाल हत्याकांड मामले में पुलिस ने सभी आठ नामजद आरोपियों को हिरासत में लिया हुआ है लेकिन पुलिस उन्हें इसलिए जेल नहीं भेज रही है क्योंकि पुलिस को वे संदिग्ध प्रतीत होता है। हालांकि मृतक के परिजनों का आज भी यही कहना है कि उन्होंने नामजदगी सही कराई है।

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