विपक्ष को चाहिए विखंडित और लड़ता हुआ भारत....कहा- अनुच्छेद 37० हटने से सभी खुश हैं, लेकिन विपक्ष का चेहरा उतर गया

विपक्ष को चाहिए विखंडित और लड़ता हुआ भारत....कहा- अनुच्छेद 37० हटने से सभी खुश हैं, लेकिन विपक्ष का चेहरा उतर गया

अकोला। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत की एकता एवं अखंडता की रक्षा के लिए जम्मू कश्मीर में महाराष्ट्र के जवानों के बलिदान को याद करते हुए आज विपक्ष पर प्रहार किया कि वह विखंडित और लड़ता हुआ भारत चाहता है, लेकिन उनकी चालें कामयाब नहीं होंगी। श्री मोदी ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में अकोला में बुधवार को एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्ष के राजनीतिक तर्कों का करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर और लद्दाख में बाबा साहब अंबेडकर के संविधान को पूरी तरह लागू न करने के प्रयासों के पीछे विपक्षी दलों की दुर्भावना रही है। उन्होंने पूछा, 'मैं हैरान हूं कि छत्रपति शिवाजी की धरती पर आजकल राजनीतिक स्वार्थ के कारण ऐसी आवाजें उठायी जा रही हैं और इनकी बेशर्मी देखिये कि ये खुलेआम कह रहे हैं कि महाराष्ट्र के चुनाव से अनुच्छेद 37० का क्या लेना देना। महाराष्ट्र से जम्मू कश्मीर का क्या संबंध। प्रधानमंत्री ने कहा कि अनुच्छेद 37० हटने से सभी खुश हैं, लेकिन उनका चेहरा उतर गया है, उन्हें दर्द हो रहा है। जैसे पाल-पोसकर कर रखा जाने क्या चला गया। इनके द्वारा संभाल के रखी 37० देशवासियों के चरणों में न्यौछावर हो गई। उन्होंने कहा, 'इन्हें एक भारत-श्रेष्ठ भारत नहीं चाहिए। इन्हें बंटा भारत चाहिए, बिखरा भारत चाहिए, लड़ता हुआ भारत चाहिए। यही इनकी राजनीतिक चालें हैं, जो आज चौपट होती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि हमें गर्व है महाराष्ट्र के उन सपूतों पर जिन्होंने जम्मू-कश्मीर के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। और आज राजनीति के स्वार्थ और अपने परिवार में डूबे हुए ये लोग ये कहने में लगे हुए हैं कि महाराष्ट्र का जम्मू कश्मीर से क्या लेना देना। उन्होंने कहा, 'महाराष्ट्र का कोई जिला ऐसा नहीं होगा जहां से गए वीर सैनिकों ने जम्मू-कश्मीर की शांति के लिए त्याग नहीं किया होगा। महाराष्ट्र के वीर जवान के दिल में यही बात रही होगी कि मैं छत्रपति शिवाजी महाराज की धरती से आया हूं, मैं देश पर आंच भी नहीं आने दूंगा। श्री मोदी ने कहा, 'आज राजनीतिक स्वार्थ और अपने परिवार के कल्याण में खोये हुए ये लोग कहने में लगे हुए हैं कि महाराष्ट्र का जम्मू कश्मीर से क्या लेना देना। इन्हें शर्म आनी चाहिए अपनी सोच पर। इन्हें याद रखना चाहिए कि देश इनसे पाई-पाई का हिसाब लेगा। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता प्रफुल्ल पटेल का नाम लिये बिना कहा कि एक समय था जब आए दिन यहां बम धमाके होते थे, मुंबई दहल जाता था। उस समय जो बम धमाके हुए उनके जो षडयंत्रकारी सामने आए वो बचकर निकल गए, दुश्मन देशों में बसेरा बना लिया। उन्होंने कहा, 'आज उन लोगों से ये देश पूछता है कि इतने बड़े गुनाहगार कैसे बचकर निकल गए। महाराष्ट्र को खून के रंग से रंग देने वालों के साथ, इन लोगों की रंगरेलियां चलती थीं। इन्हें पता था कि इनकी पोल खुलने वाली है, इन्हें पता था कि इनके कारनामें सामने आएंगे। इसलिए ये डरे हुए थे। उन्होंने कहा कि इसलिए पिछले कुछ दिनों से इन्होंने जांच एजेंसियों को बदनाम करना, केंद्र सरकार को बदनाम करना शुरु कर दिया था। लेकिन वक्त बदल चुका है। हर कारनामें का जवाब देश लेकर रहेगा। श्री मोदी ने महाराष्ट्र में भाजपा - शिवसेना गठबंधन के पक्ष में मतदान की अपील करते हुए कहा, 'आप सभी ने हमेशा मुझे और महायुति के साथियों को भरपूर आशीर्वाद दिया है। आज मैं आपके सामने पहले से ज्यादा मजबूत सरकार बनाने के लिए, मजबूत इरादों वाली सरकार बनाने के लिए, आपके साथ मजबूती से खड़ी रहने वाली सरकार बनाने के लिए, आपसे आशीर्वाद लेने आया हूं। उन्होंने कहा कि बीते पांच वर्ष में महायुति की सरकार ने दिखा दिया है कि महाराष्ट्र को कौन सा गठबंधन ईमानदारी के साथ आगे ले जा सकता है और कौन सा दल उसे विकास की नई ऊंचाइयों पर पहुंचा सकता है। उन्होंने कहा कि ये वीर सावरकर के ही संस्कार हैं कि राष्ट्रवाद को हमने राष्ट्र निर्माण के मूल में रखा है। वहीं दूसरी तरफ वो लोग हैं जिन्होंने बाबा साहेब का कदम-कदम पर अपमान किया, उन्हें दशकों तक भारत रत्न से दूर रखा। ये वो लोग हैं जो वीर सावरकर का अपमान करते हैं। उल्लेखनीय है कि भाजपा ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के लिए कल जारी संकल्प पत्र में वीर सावरकर को भारत रत्न दिये जाने की बात कही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते पांच वर्ष में गरीबों के सशक्तिकरण से सशक्त परिवार, सशक्त समाज और सशक्त राष्ट्र के निर्माण में हम जुटे हैं। उज्ज्वला योजना से लेकर आवास योजना तक, आयुष्मान योजना से लेकर मुद्रा योजना का लाभ समाज के सभी वर्ग के लोगों को मिल रहा है। पांच वर्ष पहले तक यहां सिंचाई और पानी के नाम पर क्या क्या खेल होते थे, उनसे आप अच्छी तरह वाकिफ हैं। कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की भ्रष्टवादी युति ने महाराष्ट्र को दशकों पीछे धकेल दिया था। उन्होंने कहा कि बीते पांच वर्ष में बिजली के क्षेत्र में केंद्र और महाराष्ट्र की सरकार ने अभूतपूर्व काम किये हैं। इसी का परिणाम है कि अब अकोला को, महाराष्ट्र को पर्याप्त बिजली मिल पा रही है। गरीबों को सौभाग्य योजना के तहत मुफ्त में बिजली कनेक्शन मिले हैं। गरीबों को सौभाग्य योजना के तहत मुफ्त में बिजली के कनेक्शन मिले हैं। अब तो बिजली के पंपों को सोलर पंपों में बदलने का काम शुरू हो चूका है। 2०22 तक यहां के हजारों किसानों को सोलर पंप मिलने वाले हैं, जिससे सिंचाई का खर्च बहुत कम हो जायेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले विदर्भ के नाम पर पैकेज घोषित होते थे, लेकिन यहां तक पहुंचते ही नहीं थे। पहले सरकार जो पैसे भेजती थी वो बिचौलियों के जेब में जमा होते थे। अब केंद्र और महाराष्ट्र सरकार द्वारा किसान को दी गई हर मदद सीधे किसानों के खातों में पहुंच रही है।

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