'गर्दन काट दूंगा' बयान देना पड़ा सीएम को महंगा...मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के खिलाफ मामला दर्ज

हिसार। जान से मारने की धमकी देने, प्रमुख जनप्रतिनिधि होने के बावजूद कथित तौर पर अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल तथा मानवाधिकारों का हनन करने की भगवान परशुराम जन कल्याण संस्थान के मुख्य संयोजक ज्योति प्रकाश कौशिक की शिकायत पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। भगवान परशुराम जन कल्याण संस्थान के मुख्य संयोजक ज्योति प्रकाश कौशिक ने आज यहां पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन से उन्हें सुरक्षा मुहैया कराने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की जन आशीर्वाद यात्रा गत चार सितम्बर को बरवाला पहुंची थी। इस दौरान मुख्यमंत्री के प्रचार रथ में सवार हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के पूर्व सदस्य डॉ. हर्षमोहन भारद्वाज ने जब बरवाला पहुंचने पर स्वागत एवं सम्मान के तौर पर मुख्यमंत्री को चांदी का मुकुट पहनाने का प्रयास किया तो इस पर मुख्यमंत्री बिफर गए और सार्वजनिक तौर पर डॉ. भारद्वाज को गर्दन काटने की धमकी दे दी। जान से मारने की धमकी देते समय मुख्यमंत्री के हाथ में ब्राह्मण समाज के लोगों द्वारा भेंट किया गया और धार्मिक चिन्ह फरसा भी था। उन्होंने कहा कि श्री खट्टर ने सार्वजनिक मंच पर एक वरिष्ठ नागरिक से इस प्रकार का व्यवहार कर अपने पद की गरिमा को ठेस पहुुंचाई वहीं गर्दन काटने की धमकी देना कानूनन अपराध है। यह पूरा मामला गत 11 सितम्बर को उनके संज्ञान में सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो के जरिये आया। उन्होंने भगवान परशुराम जन कल्याण संस्थान की ओर से इस मामले में मुख्यमंत्री के खिलाफ जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज करने की मांग करते हुए उसी दिन हिसार के जिला प्रवर पुलिस अधीक्षक शिवचरण अत्री को एक पत्र उनकी ई-मेल आईडी पर भेजा था और अगले दिन शहर के मौजिज लोगों को साथ लेकर उनसे व्यक्तिगत तौर पर मिलकर भी उन्हें इस मामले की शिकायत की। लेकिन पुलिस की तरफ से इस सम्बंध में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। श्री कौशिक के अनुसार इस बाद गत 2० सितम्बर को केंद्रीय मानवाधिकार आयोग के महासचिव एवं कार्यकारी अधिकारी को उन्होंने लिखित शिकायत देकर इस मामले में कार्रवाई करने की अपील की थी। आज सुबह उन्हें मोबाइल फोन पर आयोग की ओर से संदेश प्राप्त हुआ जिसमें सूचित किया गया है कि उनकी शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। इसकी पुष्टि मानवाधिकार आयोग की वेबसाइट से भी हुई।

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