Read latest updates about "लाइफ स्टाइल" - Page 2

  • क्या यू.पी. की कायाकल्प कर पायेगें योगी जी?

    यूपी पिछले कई साल बाद भाजपा के योगी राज के सानिध्य में आया। आरम्भ से ही भ्रष्टाचार व अपराध के दमन के लिए भाजपा को माना जाता है। अब यूपी में भाजपा की कमान योगी आदित्यनाथ के हाथों में है। जब उन्होंने यूपी की कमान संभाली तो चीख-चीख कर खुलेआम कहा कि अपराधी व भ्रष्टाचारी यूपी को छोड दे नहीं तो परिणाम...

  • 20 नवंबर: आज ही के दिन मैसूर के शासक टीपू सुल्तान का जन्म हुआ था

    नयी दिल्ली । भारत एवं विश्व इतिहास में 20 नवंबर की प्रमुख घटनाएं इस प्रकार हैं: 1750- मैसूर के शासक टीपू सुल्तान का जन्म हुआ। 1815- यूरोप में शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए रूस, प्रशिया, आस्ट्रिया और इंग्लैंड ने गठबंधन बनाया। 1829- रूस के निकोलायेव और सेवेस्तोपोल क्षेत्र से यहूदियों को...

  • बाल कहानी: सात घड़े

    एक नाई था। राजा का नाई। राजा उसे अच्छा वेतन देता था। फिर भी नाई के मन को चैन न था। वह हमेशा सोचता कि काश, मेरे पास खूब धन होता। अपनी पत्नी को अच्छे-अच्छे गहने बनवाकर देता। वह हर महीने पैसे बचाने लगा। धीरे-धीरे काफी धन इकटठा हो गया। एक दिन वह बाजार जाकर पत्नी के लिए सोने का हार खरीद लाया। पत्नी...

  • बाल जगत/जानकारी: क्या आप बच्चे पर अधिक प्रेशर दे रहे हैं?

    आजकल माता पिता अपने बच्चों को अन्य बच्चों की तुलना में अग्रणी देखना चाहते हैं। वे उनमें वह सब गुण भरे देखना चाहते हैं जो अन्य बच्चों में नहीं हैं। कहने का मतलब उसे सर्वगुण संपन्न बनाना चाहते हैं। नतीजन बच्चों पर माता-पिता का अनावश्यक दवाब बढऩे लगता है और बच्चे मनो रूप से विचलित होने लगते हैं। ...

  • वृक्षों से संबंधित पौराणिक लोक कथाएं

    भारत में प्राचीन काल से ही वृक्षों का बहुत महत्त्व रहा है। कुछ वृक्षों की तो देवी-देवता के रूप में पूजा भी की जाती रही है मगर आज अनेक ऐसे असामाजिक तत्व हैं जो वृक्षों की अवैध कटाई करते हैं। फिर भी, भारत की अनेक आदिम जातियां वृक्षों को बहुत महत्व देती हैं तथा वृक्षों पर अपनी कुल्हाड़ी चलाने से पूर्व...

  • 19 नवंबर: आज ही के दिन पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का जन्म हुआ था

    नयी दिल्ली। भारत एवं विश्व इतिहास में 19 नवंबर की प्रमुख घटनाएं इस प्रकार हैं: 1824- सोवियत संघ (अब रूस) के सेंट पीटर्सबर्ग में बाढ़ से 10000 लोगों की मौत। 1838- समाज सुधारक केशव चंद्र सेन का कलकत्ता (अब कोलकाता) में जन्म। 1917- पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का जन्म। 1933- स्पेन में महिलाओं को...

  • कब होगी राम के आध्यात्मिक मूल्यों की धारणा

    रामायण महर्षि बाल्मीकी के द्वारा लिखित एक आध्यात्मिक पुस्तक है । हम यह जानते हैं कि महर्षि बाल्मीकी आध्यात्मिक जागृति के एक प्रेरक नायक थे। ईश्वरीय अनुभूति के द्वारा उनका जीवन दिव्य व महान हो गया था। जो भी ईश्वर की अनुभूति कर लेता है, वह दूसरों का शुभचिंतक हो जाता है व स्वयं की अनुभूतियों को समाज...

  • बाल कहानी: स्मार्ट बनाएं अपने बच्चों को

    आज के इस महंगाई के युग में पति-पत्नी दोनों का काम करना कोई आश्चर्य या नई बात नहीं रही है। परिवार के अच्छे पालन पोषण और अच्छी शिक्षा के लिए पति-पत्नी दोनों का काम करना लगभग आवश्यक सा हो गया है। ऐसे में यह बात बेहद आवश्यक बन जाती है कि आप अपने बच्चों को आपके घर में न होने की स्थिति में मेहमानों व...

  • महामृत्युंजय मंत्र की रचना कैसे हुई?

    शिवजी के अनन्य भक्त मृकण्ड ऋषि संतानहीन होने के कारण दुखी थे। विधाता ने उन्हें संतान योग नहीं दिया था।मृकण्ड ने सोचा कि महादेव संसार के सारे विधान बदल सकते हैं, इसलिए क्यों न भोलेनाथ को प्रसन्न कर यह विधान बदलवाया जाए।मृकण्ड ने घोर तप किया। भोलेनाथ मृकण्ड के तप का कारण जानते थे इसलिए उन्होंने शीघ्र...

  • ऊनी वस्त्रों की सुंदर धुलाई

    सर्दी के मौसम में आपका सबसे प्यारा और आरामदेह साथी ऊनी कपड़ा होता है चाहे वह सुन्दर नाजुक सी शाल हो, नन्हें-मुन्ने की टोपी या कोट और आपका ऊनी जैकेट, जर्सी या स्वेटर हो। ऊनी कपड़ों को यदि आप सावधानी और सही तरीकों से धोते हैं तो आपका ऊनी कपड़ा निखर उठेगा और यदि आपने उसे सावधानी से न धोया तो वह खराब...

  • सुंदरता बढ़ाने में सहायक है बादाम का तेल

    बादाम पौष्टिक व स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है। गर्मी व सर्दी, हर मौसम में इसका उपयोग लाभप्रद है। यह कच्चा हो या पका हुआ, हर तरह से इसका सेवन फायदेमंद है। यही नहीं, और भी बहुत लाभ हैं इस मेवाफल के। इसका तेल पौष्टिक होने के साथ-साथ सौंदर्यवर्धक भी है। आइए देखें यह सौंदर्य हेतु किस प्रकार उपयोग में...

  • पर्यटन : स्वर्ण नगरी-जैसलमेर

    मीरासी, मांगणियार, लंगा जाति के कलाकारों द्वारा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान पाने वाला नगर जैसलमेर स्वर्ण नगरी के रूप में विख्यात है। न केवल लोक सांस्कृतिक दृष्टि से बल्कि स्थापत्य कला, वास्तु, शिल्प तथा नक्काशी कला की विशिष्टता के कारण जैसलमेर विश्वभर में अपनी साख रखता है। पीले पत्थरों से बने...

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