Read latest updates about "आपकी बात"

  • मतदान कर उपेंद्र शुक्ला बोले, 'योगी के कार्यों को आगे बढ़ाऊंगा'

    गोरखपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी उपेंद्र शुक्ला ने रविवार सुबह 7:30 बजे मतदान किया। तुलसीदास इंटर कॉलेज अलहालदपुर स्थित बूथ में मतदान कर बाहर निकले शुक्ला ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सांसद के रूप में किये गए कार्यों को आगे बढ़ाने की बात कही।उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने हमेशा...

  • दम तोड़ती इंसानियत का रूदन हम कब सुन पायेंगे

    "अपना दर्द तो एक पशु भी महसूस कर लेता है लेकिन जब आँख किसी और के दर्द में भी नम होती हो, तो यह मानवता की पहचान बन जाती है।" मैक्स अस्पताल का लाइसेंस रद्द करने का दिल्ली सरकार का फैसला और फोर्टिस अस्पताल के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने का हरियाणा सरकार का निर्णय, देश में प्राइवेट अस्पतालों की मनमानी...

  • क्या कभी नारी को गुस्सा आया है..?

    आज से पांच साल पहले 16 दिसम्बर 2012 को जब राजधानी दिल्ली की सड़कों पर दिल दहला देने वाला निर्भया काण्ड हुआ था, तो पूरा देश बहुत गुस्से में था । अभी हाल ही में हरियाणा के हिसार में एक पाँच साल की बच्ची के साथ निर्भया कांड जैसी ही बरबरता की गई, देश एक बार फिर गुस्से में है।3 नवंबर 2017 को भोपाल में एक...

  • कांग्रेस के लिए भस्मासुर बनते अपने ही नेता

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को नीच कह कर राजनीति के स्तर को धरातल पर ला दिया है। इससे पूर्व 2014 के लोकसभा चुनाव में अय्यर ने मोदी को 'चाय बेचने वाला कभी देश का प्रधानमंत्री नहीं बन सकता' बोलकर पूरे लोकसभा चुनाव की धारा ही बदल दी थी। मोदी ने लोकसभा चुनाव को...

  • हदिया जैसी लड़कियां लव नहीं जिहाद का शिकार होती हैं

    परिवर्तन तो संसार का नियम है। व्यक्ति और समाज के विचारों में परिवर्तन समय और काल के साथ होता रहता है लेकिन जब व्यक्ति से समाज में मूल्यों का परिवर्तन होने लगे तो यह आत्ममंथन का विषय होता है। अखिला अशोकन से हदिया बनी एक लड़की आज देश में एक महिला के संवैधानिक अधिकारों और उसकी 'आजादी' की बहस का पर्याय...

  • दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण का जिम्मेदार कौन ?

    - प्रभुनाथ शुक्लदिल्ली की आबोहवा दमघोंटू हो चुकी है। सांस लेना भी मुश्किल हो चला है। हमारे लिए यह कितनी बड़ी बिडंबना है। जहरीली होती दिल्ली हमारे लिए बड़ा खतरा बन गई है। पर्यावरण की चिंता किए बगैर विकास का सिद्धांत मुश्किल में डाल रहा है। यह पूरी मानव सभ्यता के लिए चिंता का विषय है। समय रहते अगर इस...

  • "सत्यमेव जयते" संग "शक्तिमेव जयते" का उपयुक्त समय

    दक्षिण व मुम्बईया फिल्मों में लम्बी पारी खेल चुके कमल हासन अपने व्यक्तिगत जीवन के सम्बंधों में एक असफल व्यक्ति रहे हैं। जिन्हें हम जीवन सम्बंध कहते हैं व उनके प्रति निष्ठावान व गंभीर रहते हैं ऐसे उनके जीवन सम्बंध अत्यंत तदर्थ, अस्थायी व विवादास्पद ही नहीं बल्कि हास्यास्पद और भौंडे...

  • क्रिस्टल से घर सजाएं

    घर को सजाने के लिए इन दिनों क्रिस्टल और कांच के सामान का खूब इस्तेमाल किया जा रहा हे। यह आकर्षक होने के साथ-साथ घर को विशेष लुक भी देता है। क्रिस्टल के सामान को अलमारियों, टेबल और शोकेस में सजाया जाता है। दुनियाभर में उत्तम क्रिस्टल की वस्तुओं में स्वरोवस्की संग्रह का नाम सबसे अधिक है। इन पीसिज के...

  • पति की दीर्घायु के लिए रखती हैं सुहागिन करवा चौथ व्रत

    इलाहाबाद,सफल और खुशहाल दाम्पत्य जीवन की कामना के साथ कल उत्तर प्रदेश समेत समूचे देश में सुहागिन महिलायें करवा चौथ का व्रत रखेंगी।आधुनिकता की चकाचौंध ने भले ही सभी तीज-त्यौहार को प्रभावित किया हो लेकिन सदियों पुराना करवा चौथ का व्रत सुहागिन स्त्रियाँ पति की दीर्घायु के लिए श्रद्धा एवं विश्वास के साथ...

  • जागरूक जनता ही करेगी स्वच्छ भारत का निर्माण

    दो अक्टूबर 2014 को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू किए गये स्वच्छ भारत अभियान को अक्टूबर 2017 में तीन वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। स्वच्छ भारत अभियान के मकसद की बात करें तो इसके दो हिस्से हैं, एक सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर साफ सफाई तथा दूसरा भारत के गाँवों को खुले में शौच से मुक्त करना। बात निकली ही है...

  • काश कि रेल बजट तकनीक केन्द्रित होता

    आगे बढ़ने के लिए यह जरूरी नहीं कि गलतियाँ न हों लेकिन यह आवश्यक है कि उनकी पुनरावृत्तियाँ न हों। इस कथन के आलोक में भारतीय रेल व्यवस्था का आकलन जरूरी हो गया है। भारतीय रेल की स्थापना 1853 में की गई थी। आज वह विश्व का चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है एवं रोजगार देने के क्रम में सम्पूर्ण विश्व में आठवें...

  • देश तो देशवासी बनाते हैं

    "इतिहास केवल गर्व महसूस करने के लिए नहीं होता, सबक लेने के लिए भी होता है। जो अपने इतिहास से सीख नहीं लेते वो भविष्य के निर्माता भी नहीं बन पाते। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जिस प्रकार 'मन की बात' कार्यक्रम से पूरे देश से सीधा संपर्क साधा है, वो वाकई काबिले तारीफ है। इस कार्यक्रम के द्वारा...

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