Read latest updates about "राज काज" - Page 1

  • कहां तक जाएगी अधिकार की यह प्रक्रिया

    डॉ. प्रभात ओझा हमारे देश के सर्वोच्च न्यायालय ने खुद अपने बारे में एक फैसला देते हुए कहा है कि उसकी कार्यविधि और उससे सम्बंधित कोई जानकारी देश का हर नागरिक ले सकता है। दरअसल, यह सवाल लंबे समय से लंबित था कि सर्वोच्च न्यायालय को आरटीआई (सूचना का अधिकार) के अंतर्गत आना चाहिए अथवा नहीं।...

  • सत्ता की महत्वकांक्षा में फंसी महाराष्ट्र की राजनीति

    प्रभुनाथ शुक्ल महाराष्ट्र में अततः राज्यपाल की अनुशंसा के बाद राष्ट्रपति शासन लग गया। भाजपा के ना के बाद राजनीतिक पंड़ित मान रहे थे कि राज्य को राष्ट्रपति शासन के हवाले किया जा सकता है। क्योंकि राज्यपाल भगत सिंह कोशियारी शिवसेना और एनसीपी को सरकार बनाने का ...

  • किसी बड़े राष्ट्र अध्यक्ष की हत्या के बन रहे हैं आसार

    - 27 साल बाद शनि अपनी राशि में वापसी करेंगे ज्योतिष आचार्या रेखा कल्पदेव कुंडली विशेषज्ञ और प्रश्न शास्त्री 8178677715, 9811598848 शनि ग्रह ज्योतिष में अधिकार, अनुशासन, कड़ी मेहनत, श्रम और प्रतिबद्धता का प्रतिनिधित्व करता है। यह अपराधबोध, प्रतिरोध और देरी का भी कारक ग्रह है। जन्म...

  • वायु में ही आयु है, प्रदूषण को मिलकर रोकें

    हृदयनारायण दीक्षित प्राणों पर संकट है। वायु में विष है। भारत के आकाश में धुंध है। जीवन पर संकट है। प्राणों में थरथराहट है। वायु प्राण है। वायु में आयु है। पूर्वज वायु को देवता जानते थे। देवता प्रायः प्रत्यक्ष नहीं होते, लेकिन वायु प्रत्यक्ष देव हैं। ऋग्वेद के ऋषि की अनुभूति में वायु...

  • दिल्ली फिर बनी गैस चेम्बर

    -योगेश कुमार सोनी दीपावली के बाद से दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की वजह जीना दूभर हो रहा है। शासन-प्रशासन के तमाम प्रयासों के बावजूद लोगों ने पटाखे चलाने में कमी नहीं छोड़ी और न ही किसानों ने पराली जलाने में रियायत बरती। नतीजतन दिल्ली के आसमान पर प्रदूषण खतरनाक स्तर को पार कर गया है। हालांकि सरकारी...

  • सकारात्मक संकेत दे गई दीपावली

    आर. के. सिन्हा दीपावली का पर्व तो खुशी-खुशी देश ने मना ही लिया। कोई बड़ी दुर्घटना नहीं हुई। इसने यह भी ठोस संकेत दे दिए कि अभी भी करोड़ों हिन्दुस्तानियों की जेब में और बैंकों में अरबों रुपये का पर्याप्त पैसा है खरीददारी करने के लिए। इसलिए किसी तथाकथित अर्थशास्त्री का यह कहना कि मंदी के कारण...

  • झुकेगी भाजपा या जीतेगी शिवसेना की जिद ?

    -प्रभुनाथ शुक्ल महाराष्ट्र में मातोश्री क्या गठबंधन की राजनीति से इतर कोई नया फ़ार्मूला गढ़ेगी। भाजपा-शिवसेना की क्या तीन दशक पुरानी दोस्ती बिखर जाएगी। भाजपा-शिवसेना क्या तीसरे विकल्प की तरफ अपना कदम बढ़ाएंगे। भाजपा और शिवसेना क्या जनादेश को किनारे कर अगल-अगल रास्ते पर चलने को तैयार है। क्या...

  • क्रिकेटर्स - जिनकी शादियां विवादास्पद रही

    शादियां निश्चित रूप से स्वर्ग में तय और पृथ्वी पर संपन्न होती है, यह सात जन्मों तक साथ निभाने का वादा होता है। फिर भी कई बार यह टूट जाती है। बहुत प्रयास करने पर भी जब रिश्ता निभाना संभव ना हो तो पति पत्नी दोनों अलग होने का निर्णय लेते है, जिसे तलाक के नाम से जाना जाता है। हालांकि दोनों के अलग ...

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