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  • अनमोल वचन

    उत्साह और आशा यदि मन में हैं तो कोई भी कार्य मनुष्य के लिये असम्भव नहीं। यह मत सोचो कि तुम गरीब हो, किसी काम के नहीं। तुम उठो और हृदय को उत्साह से भरकर उठो। अभाव और गरीबी के प्रत्येक विचार को मन से निकालकर फेंक दो। यदि आपकी महत्वाकांक्षा सर्वथा शुद्ध, पवित्र और सर्वहितकारी है, उसकी रूपरेखा आपके मन...

  • अनमोल वचन

    देखने में आता है कि अधिकांश लोग जीवन की सच्चाईयों का ठीक प्रकार से निर्वाह नहीं कर पाते। वे अपने ही प्रयासों में लगी ऊर्जा के बडे भाग को अपनी ही चेष्टाओं के द्वारा व्यर्थ कर देते हैं, क्योंकि उनकी मन:स्थिति में तथा उनके प्रयासों में आपस में कोई तालमेल नहीं बैठ पाता। दृढ संकल्प और आत्मविश्वास के साथ...

  • अनमोल वचन

    आज के आपाधापी के युग में तनाव और चिंताएं लगभग सभी के जीवन में हैं। चिंताओं के कारण ही इन्सान अन्दर ही अन्दर खोखला होता जा रहा है और कई प्रकार की बीमारियों से ग्रसित भी हो रहा है। हार्टअटैक, हाई ब्लड प्रेशर, सिरदर्द, मधुमेह तथा कैंसर जैसे रोगों का कारण चिंताएं ही हैं। फिर उनके उपचार में दिन गुजरने...

  • अनमोल वचन

    योग आनन्द ऐसा स्रोत है, जो मानव कल्याण के लिये अत्यंत आवश्यक है। योग से आनन्द और सुख की प्राप्ति होती है और योगी का आचार विचार परिष्कृत हो जाता है। भारतीय योग को जब विदेशों में योगा नाम से प्रसिद्धि मिली, तब जन मानस इसकी ओर अधिक आकृष्ट हुआ। वैसे तो इस मायावी संसार में व्यक्ति को केवल भौतिक सुख के...

  • अनमोल वचन

    चिंता चिता समान। यह उक्ति लगभग सभी सुनते हैं फिर भी चिन्ताओं से त्रस्त होकर लोग न जानें क्या-क्या कर बैठते हैं। चिंता के कारण लोग अपने मन को झूठी मुस्कान से बहलाने का प्रयत्न करते हैं, दूसरों को झूठी मुस्कान दिखाते हैं, दिल खोलकर हंसते ही नहीं। चिन्ताओं को कम किया जा सकता है, यदि हम अपने जीवन में...

  • अनमोल वचन

    र हैं। शालीनता और शिष्टता अलग-अलग हो सकते हैं, विभिन्न संस्कृतियों और विभिन्न क्षेत्रों में शिष्टता के मूल्य अलग-अलग हो सकते हैं, परन्तु उसका मूलाधार शिष्टाचार ही होता है। शिष्टाचार वह अनुशासन है, जो लोगों के जीवन जीने और आपसी सम्बन्धों की रक्षा के लिये नियम सिखाता है। उसका आधार यही है कि दूसरों के...

  • अनमोल वचन

    संसार में मनुष्य रूप में जिसने भी जन्म लिया है, स्वाभाविक रूप से उसमें कुछ न कुछ कामनाएं अवश्य होगी, जिनकी पूर्ति के लिये वह प्रयास भी करता है। कामनाएं सत्य पर आधारित और धर्मानुसार होंगी तो उनकी पूर्ति भी अवश्य होगी। असम्भव कामनाओं की पूर्ति न कभी करनी चाहिए और उनकी पूर्ति भी नहीं हो पाती।...

  • अनमोल वचन

    धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष ये चार पुरूषार्थ हैं। कामना पूर्ति करना भी पुरूषार्थ है, धर्म का अनुसरण करना भी पुरूषार्थ है। जन्म-मरण आदि सारे कार्यों से पार पा लेना, साथ ही मोक्ष पा लेना भी पुरूषार्थ है, परन्तु वर्तमान में जिसका प्रभाव सबसे अधिक दिख रहा है, वह अर्थ पुरूषार्थ है, जबकि अर्थ पुरूषार्थ को...

  • अनमोल वचन

    प्रकृति का प्रत्येक कार्य जिस प्रकार नियमबद्ध होकर चल रहा है, वह हमें अनुशासन की सीख देने के लिये पर्याप्त है। सूर्य और चन्द्रमा को हम नित्य देखते हैं, वे प्रतिदिन अपने समय पर आकर अपने-अपने कत्र्तव्य को पूरा करते हैं, अनुशासन का सर्वोत्तम उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। सूर्यदेव अपनी किरणों के माध्यम से...

  • अनमोल वचन

    परिवार हो, समाज हो अथवा देश हो, उन्नति उसी की होगी, जो अनुशासन में रहते हैं, अनुशासन के महत्व को समझते हैं। हमारी सफलता और उन्नति का अनुशासन से क्या सम्बन्ध है? इस पर विचार करने से पहले हम अनुशासन की परिभाषा समझने का प्रयास करें कि अनुशासन कहते किसे हें? अनुशासन का अर्थ या भाव यह है कि अपने ऊपर...

  • अनमोल वचन

    आदमी को कडा परिश्रम करते हुए अपनी शक्ति और क्षमता पर भरोसा रखते हुए स्वावलम्बी बनना चाहिए। स्वावलम्बी और आत्मनिर्भर व्यक्ति कभी निराश नहीं होता। स्वावलम्बी व्यक्ति अपनी शक्तियों को पहचानता है। जो अपनी शक्तियों के बारे में अनजान है, वह स्वावलम्बी बन ही नहीं सकता। आत्मविश्वास के अभाव में वह सहारे के...

  • अनमोल वचन

    यदि आप अपनी सफलता को सुनिश्चित करना चाहते हैं तो आपको अपने लख्य के प्रति निष्ठावान होना चाहिए। यदि लक्ष्य में निष्ठा नहीं होगी तो सफलता भी नहीं मिलेगी। आपने जिस कार्य को पूर्ण करने का निश्चय कर लिया है, उसे क्षणिक असफलता के कारण छोडे नहीं। यह मानकर चलें कि जब कोई काम करते हैं तो उसके मार्ग में...

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