Read latest updates about "अजब गज़ब" - Page 2

  • बाल जगत/जानकारी: उल्काओं का रहस्यमय संसार

    दिन रविवार सत्ताइस नवम्बर सन् 2011, समय शाम साढ़े छह बजे, स्थान दिल्ली के गाँधी नगर के चाँद मुहल्ले का एक घर। घटना, एक दहकता हुआ आग का गोला आकर गिरा जिसे देखने के लिए लोगों का ताँता लग गया। लोग अलग-अलग ढंग से इसकी व्याख्या कर रहे थे। कुछ लोग इसे आतिशबाज़ी समझ रहे थे तो कुछ लोग...

  • वाहन के रेडिएटर का पानी पीकर सात दिन जिंदा रही युवती

    वाशिंगटन । अमेरिका में कैलिफोर्निया तट के पास एक चोटी के नीचे भीषण दुर्घटना का शिकार हुई ओरेगॉन की एक युवती ने अपने क्षतिग्रस्त वाहन के रेडिएटर के पानी से सात दिन तक गुजारा किया और अपनी जान बचायी। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि पोर्टलैंड निवासी एंजेला हर्नांडेज (23) को एक यात्री युगल ने शुक्रवार...

  • जीना इनसे सीखें : पैरों से करते हैं ट्रैक्टर से खेत जुताई व मशीन से चारा काटने का काम

    पलवल। बुलंद हौसले व कड़ी मेहनत के बूते किसी भी चुनौती पर पार पाया जा सकता है। वह चुनौती चाहे दिव्यांगता ही क्यों न हो। दिव्यांगता अभिशाप नहीं है, इसको गांव कोंडल के किसान ने स्पष्ट कर दिया है। दिव्यांग को चुनौती दे नई लकीर खींचने का काम दिव्यांग किसान धर्मवीर कर रहे हैं। किसान धर्मवीर दोनों हाथ न...

  • States Posted at: Jun 28 2018 5:23PM गोरखपुर में 36 इंच के दूल्हा को आखिरकार मिल गयी हमसफर

    गोरखपुर । एक लम्बे समय के इन्तजार के बाद अखिरकार 36 इंच के दुूल्हे को उसकी जीवन की हमसफर मिल गयी।उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में गत सोमवार को हुई अनोखी शादी पूरे शहर में चर्चा का विषय रही। शादी के बाद 36 इंच का दूल्हा एवं 34 इंच की दुल्हन एक-दूसरे के हमसफर बने। शादी में आने वाले लोगों में...

  • तीन फुट के दूल्हा की संगिनी बनेगी दो फुट की दुल्हन

    गोरखपुर। आप मानें या न मानें ईश्वर ने ऊपर से ही जोड़ियां बनाईं हैं। इसे हम और बस साकार रूप देते हैं। खजनी थाना क्षेत्र के विशुनपुरा गांव के डॉ. सुनील पाठक के पिता ने यह सोचा ही नहीं था कि वे अपने बेटे की शादी भी कर पाएंगे। न ही प्रज्ञा नगर कॉलोनी रानीबाग गोरखपुर के निवासी भगवती मिश्र ने अपनी दो फुट...

  • रहस्य रोमांच: जब पशु-पक्षी भी अदालत के कटघरे में खड़े किए जाते थे

    आज से लगभग 400 वर्ष पूर्व तक मनुष्यों को यह मान्यता थी कि जानवरों तथा पशु-पक्षियों केे भी मनुष्यों के समान अधिकार और कर्तव्य होते हैं। अत: यदि कोई पशु-पक्षी आदि अपने कर्तव्यों का पालन नहीं करता तो मनुष्यों के समान उसे भी सजा मिलनी चाहिए।किन्तु अब वह मान्यता समाप्त हो गई है। अब किसी भी अपराध के लिए...

  • एक ही अर्थी पर बच्ची और सांप का हुआ अंतिम संस्कार

    लखीमपुर खीरी। ग्रामीण क्षेत्रों में जहरीले जंगली जीवों से होने वाली मौतों में लगातार इजाफा हो रहा है। इसके पीछे तमाम कारण सामने आ रहे हैं। ऐसे में एक बार फिर गुरुवार की रात ऐसी घटना सामने आई जिसने ग्रामीण अंचलों में रहने वालों को खौफजदा किया है।यह मामला एक कोबरा सांप द्वारा बच्ची को डसे जाने का है।...

  • अनोखी मिसाल: भैंसे की तेरहवीं में कराया गांव को भोज

    बैतूल। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के चिचोली ब्लाक के एक गांव में पशु प्रेम की अनोखी मिसाल देखने को मिली है। चूड़िया गांव के एक किसान ने पिछले 25 साल से अपने परिवार के 'सदस्य' रहे एक भैंसे की तेरहवीं में सोमवार को पूरे गांव को भोजन कराया। किसान परिवार की आर्थिक उन्नति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले...

  • रहस्य रोमांच: कुछ प्रतियोगिताएं ऐसी भी

    आज का युग प्रतियोगिता का युग है। जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में प्रतियोगिता ही प्रतियोगिता दिखलायी पड़ती हैं परन्तु हम आपको कुछ ऐसी अनोखी प्रतियोगिताओं के विषय में बतायेंगे जिनके विषय में आपने अभी तक कल्पना तक न की होगी। स्वीडन में 'पत्थर फेंक प्रतियोगिता' का आयोजन प्रतिवर्ष सितंबर माह में किया...

  • हजारों साल पुराने कल्पवृक्ष में खिलने लगे कमल जैसे फूल

    गर्मी के मौसम में पूरी तरह से सूख जाता है यह विशालकाय वृक्षहमीरपुर। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिला मुख्यालय में यमुना नदी किनारे उत्तर दिशा में लगे कल्पवृक्ष का इतिहास करीब डेढ़ हजार साल पुराना है। इस वृक्ष की खासियत देखिये कि इस बार भी गर्मी के मौसम में वृक्ष के सूखने के बावजूद कमल की तरह बड़े सफेद...

  • इस शहर में इंसानों की जगह रहते हैं भूत..!

    कभी आईलैंड कंट्री साइप्रस का वरोशा शहर पर्यटकों का पसंदीदा गंतव्य स्थल था लेकिन अब ये दुनिया का सबसे बड़ा भूतिया शहर बन गया है। पर्यटकों के साथ ही यहां आम लोगों के जाने पर भी प्रतिबंध लग गया है। 1974 में इस शहर पर तुर्की का हमला हुआ और इस हमले के बाद ये शहर पूरी तरह खाली हो गया। करीब 40...

  • रहस्य-रोमांच: वह बंद आंखों से सभी कुछ पढ़ लेती है?

    - परमानन्द परमवह अन्य बन्दरों की तरह पेड़ों पर नहीं चढ़ पाती तथा इन्सानों की तरह ही गलियों में चलती है। वह रजाई में घुसकर सोती है, सुबह उठकर पानी से मुंह धोकर गिलास में चाय पीती है। उसे शीतल पेय बहुत ही पसन्द हैं। वह गांव के किसी भी घर में बेधड़क घुस जाती है और वहां के छोटे बच्चे को गोद में खिलाती...

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