निठारी कांड के दसवें केस में सुरेन्द्र कोली को फांसी की सजा, सीबीआई की विशेष अदालत ने सुनाया फैसला

निठारी कांड के दसवें केस में सुरेन्द्र कोली को फांसी की सजा, सीबीआई की विशेष अदालत ने सुनाया फैसला


गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश में नोएडा के बहुचर्चित निठारी कांड के दसवें मामले में सीबीआई के विशेष न्यायाधीश अमितवीर सिंह ने शनिवार को मुख्य अभियुक्त सुरेंद्र कोली को फांसी की सजा सुनाई है और एक लाख दस हजार रूपये का जुर्माना भी लगाया है।

अदालत ने शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई के बाद कोहली को एक किशोरी का अपहरण, दुष्कर्म का प्रयास और हत्या करने व उसका मांस पकाकर खाने के मामले में दोषी करार दिया था। अदालत ने सजा पर बहस के लिए आज की तारीख तय की थी। अभी तक निठारी कांड के दस मामलों में सीबीआई कोर्ट सजा सुना चुकी है। जिसमें नौ में कोली को फांसी की सजा सुनाई गई है। दसवें मामले में भी आज कोली को फांसी की सजा सुनाई गयी। हालांकि एक मामले में हाईकोर्ट ने सीबीआई कोर्ट के फैसले को पलटते हुए उम्र कैद में परिवर्तित कर दिया था।

अभियोजन पक्ष के मुताबिक, इस मामले में सीबीआई ने नौ अप्रैल 2008 को चार्जशीट दाखिल की थी। सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में कहा था कि सुरेंद्र कोली ने नोएडा के सेक्टर 31 स्थित डी-5 कोठी के सामने से 15 मार्च 2005 को किशोरी का अपहरण किया था और उसके साथ दुराचार करने का प्रयास किया था। इतना ही नहीं उसने किशोरी के शव को क्षत-विक्षत कर दिया था और उसके शरीर का मास पकाकर खाया था। अदालत में मामले की सुनवाई कुल 271 दिन सीबीआई कोर्ट में चली। शनिवार को कोहली कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अदालत में पेश किया गया। जहां उसकी सजा पर बहस हुई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने उसे फांसी की सजा सुनाई।

निठारी मामला

निठारी कांड मई 2005 में सुर्खियों में आया था और उस इस घटना ने पूरे देश को झकझोर के रख दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई जांच के आदेश दिए गए थे। सीबीआई ने पूरे मामले की जांच के बाद कुल 19 मामलों में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जिसमें दो में सीबीआई ने अदालत में अंतिम रिपोर्ट लगा दी थी, जबकि 17 में अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। किशोरी का मामला उन्हीं में से एक था। इस मामले में अभी तक सीबीआई कोर्ट कुल दस मामलों में सुजा सुना चुकी है। जिसमें कोली को अब तक 10 मामलों में फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है। एक मामले में कोली के साथ डी -5 कोठी के मालिक मनेंद्र सिंह पंधेर को भी फांसी की सजा सुनाई थी, लेकिन हाईकोर्ट ने इसे उम्र कैद में तब्दील कर दिया था। इन सभी मामलों में सीबीआई की ओर से वरिष्ठ लोक अभियोजक जेपी शर्मा ने पैरवी की।


Share it
Top