'अगर भाजपा को केंद्र में प्रधानमंत्री पद चाहिए तो राज्य में शिवसेना का मुख्यमंत्री होना चाहिए'

अगर भाजपा को केंद्र में प्रधानमंत्री पद चाहिए तो राज्य में शिवसेना का मुख्यमंत्री होना चाहिए

मुख्यमंत्री पद के लिए अड़ी शिवसेना,गठबंधन की बात फिर बिगड़ी

मुंबई। शिवसेना के प्रवक्ता संजय राऊत ने गुरुवार को मुंबई में पत्रकारों को बताया कि अगर भाजपा को केंद्र में प्रधानमंत्री पद चाहिए तो राज्य में शिवसेना का मुख्यमंत्री होना चाहिए। जब तक इसका निर्णय नहीं हो जाता, चुनावी गठबंधन की बात करना ही बेमानी है। राऊत के इस बयान के बाद दोनों दलों में चल रही गठबंधन की बात फिर से बिगड़ गई है।

उल्लेखनीय है कि भारतीय जनता पार्टी व शिवसेना के बीच गठबंधन को लेकर दोनों दलों में जोरदार खींचतान चल रही है। हिंदुत्व मतों का बटवारा रोकने के लिए भाजपा की ओर से शिवसेना से गठबंधन का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है,लेकिन शिवसेना की ओर से इस बारे में टालमटोल किया जा रहा है। बुधवार को भाजपा की ओर से शिवसेना को लोकसभा की 22 सीटें तथा विधानसभा की 143 सीटें दिए जाने की तैयारी दिखाई गई थी। लोकसभा की कुल 48 सीटों में से भाजपा अपने हिस्से में 26 सीटें तो विधानसभा की कुल 288 सीटों में अपने हिस्से में 145 सीटें रखनेवाली थी। लेकिन गुरुवार को संजय राऊत ने इस मामले पर फिर से पानी फेर दिया है। संजय राऊत से पूछा गया कि भाजपा नेता मातोश्री पर चर्चा के लिए आने वाले हैं, इस पर राउत ने कहा कि मातोश्री पर जो भी नेता आएगा , उसका स्वागत है, लेकिन शिवसेना को जब तक मुख्यमंत्री पद का आश्वासन नहीं मिलता, तब तक शिवसेना इस संदर्भ में कोई निर्णय नहीं लेने वाली है।

उल्लेखनीय है कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह व नितीन गडक़री की मातोश्री बंगले पर जाने की जोरदार चर्चा हो रही थी, लेकिन गुरुवार को संजय राऊत के इस बयान के बाद भाजपा नेताओं में तीव्र नाराजगी देखी जा रही है। दबी आवाज में एक भाजपा नेता ने कहा कि भाजपा को भी गठबंधन की नहीं पड़ी है,भाजपा भी स्वबल पर लडऩे को तैयार है।


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