
लखनऊ। प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा हिंदू महासभा के नेता कमलेश तिवारी की शुक्रवार को हुई हत्या का उत्तर...
लखनऊ। प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा हिंदू महासभा के नेता कमलेश तिवारी की शुक्रवार को हुई हत्या का उत्तर प्रदेश पुलिस ने 24 घंटा में खुलासा करने का दावा किया है। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओ.पी. सिंह ने दावा किया कि इस हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता फैजान यूनुस भाई के साथ दो लोगों को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने प्रेस कान्फ्रेंस में बताया कि यूपी पुलिस ने गुजरात एटीएस की मदद से कमलेश तिवारी हत्याकांड का राजफाश किया है। उन्होंने बताया कि हत्या का षडयंत्र दो महीने पहले दुबई में रचा गया और 18 अक्टूबर को हत्या की पूरी तैयारी की गई, जिसमें वो कामयाब हो गये। उन्होंने बताया कि गुजरात पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने कमलेश तिवारी की सनसनीखेज हत्या के मामले को 24 घंटे के भीतर सुलझाते हुए तीन प्रमुख साजिशकर्ताओं को शनिवार को सूरत से गिरफ्तार कर लिया, जबकि अन्य दो हत्यारों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओ.पी. सिंह ने बताया कि कमलेश तिवारी की हत्या के षडयंत्र के मामले में गुजरात से मौलाना शेख सलीम, फैजान और राशिद पठान को हिरासत में लिया गया है। सभी युवा हैं। फैजान ने ही सूरत में दुकान से मिठाई खरीदी थी। फैजान की उम्र 21 साल है। सूरत में रहता है और जूते की शॉप में नौकरी करता है। फैजान कम्प्यूटर का जानकार है। मौलाना मोहसिन शेख की उम्र 24 वर्ष है, वह सूरत में ही एक साड़ी की दुकान में काम करता है। रशीद अहमद पठान को कम्प्यूटर का अच्छा खासा ज्ञान है, लेकिन दर्जी का काम करता है। 23 वर्षीय राशिद अहमद खुर्शीद अहमद पठान ने शुरुआती प्लान बनाया था और उसी को मौलाना सलीम शेख ने उकसाने का काम किया। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार लोगों के दो अन्य साथियों, जिन्होंने हत्या को अंजाम दिया है, उनकी भी पहचान हो गयी है और उनकी जल्द ही गिरफ्तारी हो सकती है। उन्होंने कहा कि हत्या का षडयंत्र दो महीने पहले दुबई में रचा गया और 18 अक्टूबर को हत्या की पूरी तैयारी की गई, जिसमें वो कामयाब हो गये। आरोपियों ने वर्ष 2०15 में ही श्री तिवारी की हत्या की योजना बनायी थी, पर तब ऐसा नहीं हो सका। राशिद बाद में दुबई चला गया और दो साल रह कर लौटा। इन लोगों ने हाल में फिर से यह योजना बनायी और दोनों हत्यारे गत 16 अक्टूबर को सूरत से लखनऊ रवाना हुए थे। डीजीपी ने बताया कि मौका-ए-वारदात से मिले मिठाई के एक डिब्बा मिला, जिसे हत्यारे सूरत के उधना की एक दुकान से खरीद कर ले गये थे और मृतक तिवारी के फोन से मिले सुराग के आधार पर इस मामले को सुलझाया गया है। डीजीपी ने बताया कि प्रारम्भिक जानकारी में यह रसीद पठान का प्लान था। मौलाना मोहसिन ने इसे आगे बढ़ाया। अभी मुख्य साजिशकर्ता फैजान से पूछताछ जारी है। वह मिठाई खरीदने में शामिल था, हमको जो डिब्बा मिला, उसी पर आगे बढ़े। डीजीपी ने कहा कि 2०15 में विवादित बयान के कारण कमलेश तिवारी की हत्या की गई है। कमलेश तिवारी हत्याकांड में अभी तक किसी आतंकवादी संगठन से कनेक्शन नहीं पाया गया। डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि अब लखनऊ पुलिस की एक और टीम गुजरात जाएगी। जहां पर तीनों को रिमांड पर लेकर लखनऊ लाएंगे। इनके साथ ही शुक्रवार देर रात में बिजनौर से भी तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। डीजीपी ने कहा कि हम बिजनौर कनेक्शन की भी जांच कर रहे हैं। वहां मौलाना के साथ दो अन्य पर नजर है। उनसे काफी देर पूछताछ की गई है। दो को फिलहाल रिहा किया गया है, लेकिन हम उन पर भी नजर बनाए हुए हैं। डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि कमलेश तिवारी के परिजनों की प्राथमिकी में बिजनौर निवासी अनवारूल हक और नईम काजमी के नाम हैं और उन्हें भी हिरासत में ले कर पूछताछ की जा रही है। दूसरी ओर कमलेश की मां ने भाजपा के सीतापुर के रहने वाले शिव कुमार गुप्ता पर हत्या का आरोप लगाया है। कमलेश की मां ने कहा कि भाजपा नेता अपराधी किस्म का है और उस पर 5०० से ज्यादा मुकदमे हैं। उसने ही मेरे बेटे की हत्या कराई है।
मुरादाबाद में पांच संदिग्ध हिरासत में
मुरादाबाद। हिन्दूवादी नेता कमलेश तिवारी की हत्या के आरोप में मुरादाबाद पुलिस ने शनिवार को यहां पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अमित पाठक ने बताया कि गोरखपुर से देहरादून जा रही राप्ती-गंगा एक्सप्रेस में कमलेश तिवारी हत्याकांड से जुड़े संदिग्धों के होने की सूचना पर मुरादाबाद में छापेमारी की गई। पुलिस और एटीएस की टीम ने ट्रेन को कटघर रेलवे स्टेशन के पास रोक लिया और करीब आधे घंटे की तलाशी के बाद पांच लोगों को पूछताछ के लिए उठा लिया। उन्होंने बताया कि ट्रेन को कटघर में सुबह 8.58 बजे रोका गया। इसके बाद पुलिस ने ट्रेन के हर कोच में संदिग्धों की तलाश की। पुलिस संदिग्ध हत्यारों का स्केच लिए हुए थीं। करीब 4० सुरक्षा कर्मियों ने यात्रियों को फोटो दिखाकर पूछताछ की। तलाशी के बीच पांच लोग ट्रेन के इंजन के पास स्लीपर और जनरल कोच से उतारे गए। इसके बाद ट्रेन 9.34 बजे रवाना हुई। इनसे कटघर थाने में अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं।



