वाशिंगटन/नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आर्थिक सुस्ती के प्रभाव को कम करने के लिए दुनिया भर के देशों से मिलकर प्रयास करने की अपील करते...
वाशिंगटन/नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आर्थिक सुस्ती के प्रभाव को कम करने के लिए दुनिया भर के देशों से मिलकर प्रयास करने की अपील करते हुए कहा कि वैश्विक विकास को गति देने के लिए बहुस्तरीय पहल की जानी चाहिए। श्रीमती सीतारमण ने यहां अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक समूह की वार्षित बैठकों में भारतीय प्रतिनिधिमंडल के साथ भाग लिया। उन्होंने डेवलपमेंट कमेटी के वर्किंग लँच सत्र में भी भाग लिया। यह कमेटी विश्व बैंक और आईएमएफ की मंत्री स्तरी समिति है। इस बैठक में वैश्विक आर्थिक परिदृष्य पर चर्चा की गई। इस दौरान श्रीमती सीतारमण ने चर्चा के दौरान हस्तक्षेप करते हुए कहा कि व्यापारिक युद्ध और संरक्षणवाद की नीति से अनिश्चितता का माहौल बना है, जिससे अंतत: पूंजी, वस्तुओं और सेवाओं के प्रवाह प्रभावित हुए हैं। उन्होंने पूरी दुनिया मे आई इस आर्थिक सुस्ती से निपटने के लिए सम्मिलित पहल करने की अपील करते हुए कहा कि वैश्विक विकास को पटरी पर लाने के लिए बहुस्तरीय उपाय किये जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि व्यापार एकीकरण, भू राजनैतिक अनिश्चितता और उच्च स्तर पर पहुंच ऋण से निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर सशक्त समन्वय की जरूरत है क्योंकि हमें सुस्ती के एक संकट का रूप धरने तक इंतजार नहीं करना चाहिए। इस दौरान श्रीमती सीतारमण ने भारतीय प्रतिनिधि मंडल के साथ आईएमएफ की अंतरराष्ट्रीय मौद्रिक एवं वित्तीय समिति की 4०वी बैठक में भी भाग लिया। कल आईएमएफ के संसाधन और गर्वेनेंस पर एक विशेष सत्र भी आयोजित किया गया जिमसें भारतीय प्रतिनिधिमंडल की आर्थिक मामलों के सचिव अतनु चक्रवर्ती ने अगुवाई की। इससे पहले श्रीमती सीतारमण ने जी 2० देशों के वित्त मंत्रियों और केन्द्रीय बैंक के गवर्नरों की बैठकों में भारतीय प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई की। इसमें उन्होंने डिजिटलीकरण से उत्पन्न चुनौतियों पर चर्चा की। इन बैठकों के इतर वित्त मंत्री ने कई देशों के वित्त मंत्रियों और उप प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी की।



