शहीद विक्रांत पंचतत्व में विलीन, डेढ़ वर्षीय बेटे ने दी मुखाग्नि

शहीद विक्रांत पंचतत्व में विलीन, डेढ़ वर्षीय बेटे ने दी मुखाग्नि


झज्जर। जम्मू-कश्‍मीर के बडगाम में वायुसेना के विमान हादसे में शहीद हुए सार्जेंट विक्रांत सहरावत का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव भदानी में शुक्रवार को किया गया। डेढ़ वर्षीय बेटे ने चिता को मुखाग्नि दी।

अंतिम यात्रा में भारी भीड़ उमड़ी। शहीद को श्रद्धांजलि देने मुख्यमंत्री मनोहर लाल, वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु, कृषिमंत्री ओपी धनखड़, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर, सांसद दीपेंद्र हुड्डा, झज्जर विधायक गीता भुक्कल, दिल्ली विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष योगानंद शास्त्री सहित कई प्रमुख लोग मौजूद थे।

झज्जर के सिविल अस्पताल से लेकर गांव भदानी तक आठ किलोमीटर तक शहीद की अंतिम यात्रा के साथ ग्रामीणों का काफिला चला। सुबह साढ़े आठ बजे सिविल अस्पताल से शहीद की अंतिम यात्रा शुरू हुई। करीब पांच घंटे बाद गांव में शहीद का पार्थिव शरीर पहुंचा। घर पहुंचने पर तिरंगे में लिपटे शहीद बेटे को देखकर पिता कृष्ण सहरावत, मां कांतादेवी, पत्नी सुमन, बेटी काव्या और बेटा वरदान रो पड़े। शहीद विक्रांत को देखकर माहौल गमगीन हो गया।

मुख्यमंत्री ने शहीद के परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और उनके परिवार के किसी एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है। कृषिमंत्री धनखड़ ने कहा कि पूरे देश को जवानों की शहादत पर गर्व है।

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