सुशील का एशियाड में पदक सपना टूटा

सुशील का एशियाड में पदक सपना टूटा

जकार्ता। दो बार के ओलंपिक पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार का 12 साल के लंबे अंतराल के बाद एशियाई खेलों में पदक जीतने का सपना टूट गया।

भारत की स्वर्ण पदक उम्मीद माने जा रहे सुशील को 74 किग्रा फ्री स्टाइल वर्ग के क्वालिफिकेशन में बहरीन के एडम बातीरोव से 3-5 का सामना करना पड़ा। सुशील के लिये पदक की अंतिम उम्मीद यही बची थी कि बातीरोव इस वर्ग के फाइनल में पहुंचे जिससे उन्हें कांस्य पदक के लिये रेपचे•ा में उतरने का मौका मिल जाए।

लेकिन बहरीन के पहलवान को क्वार्टरफाइनल में जापान के फूजीनामी यूही से 2-8 से हार का सामना करना पड़ा और इसके साथ ही सुशील एशियाई खेलों से बाहर हो गये। राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्णिम हैट्रिक बनाने वाले सुशील जार्जिया में दो बार अभ्यास करने के बाद एशियाई खेलों में उतरे थे और उन्होंने विश्वास जताया था कि वह इन खेलों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे। लेकिन बहरीन के पहलवान ने सुशील का सपना तोड़ दिया। इस साल गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण विजेता सुशील ने बातीरोव के खिलाफ अच्छी शुरूआत की थी और पहले राउंड में 2-1 की बढ़त बना ली। लेकिन एडम ने दूसरे राउंड में सुशील का पैर पकड़ लिया जिससे भारतीय पहलवान दो अंक गंवा 2-3 से पिछड़ गये। बातीरोव ने दूसरा राउंड 4-1 से जीता और 5-3 से मुकाबला अपने पक्ष में कर लिया।

भारतीय कुश्ती के लिये सुशील की यह हार बड़ा झटका रही। राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीतने के बाद सुशील को जुलाई में जार्जिया में तिबलिस ग्रां प्री टूर्नामेंट में हार का सामना करना पड़ा था जो चार वर्षाें में उनकी पहली हार थी। विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक, एशियाई चैंपियनशिप में स्वर्ण और लगातार दो ओलम्पिक में कांस्य तथा रजत पदक जीत चुके सुशील 12 वर्ष के अंतराल के बाद एशियाई खेलों में उतरे लेकिन इन खेलों में स्वर्ण पदक का सपना पूरा नहीं कर सके। सुशील ने 2006 के दोहा एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता था लेकिन अगले दो एशियाई खेलों में उन्होंने हिस्सा नहीं लिया। सुशील 2014 में राष्ट्रमंडल खेलों का स्वर्ण पदक जीतने के तीन साल बाद 2017 में राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में उतरे थे जहां उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया था। गोल्ड कोस्ट में स्वर्ण जीतने के बाद जकार्ता में भी उन्हें पदक दावेदार माना जा रहा था लेकिन वह उम्मीदों को पूरा नहीं कर सके।

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