नियंत्रण रेखा के पार सैन्य कार्रवाई के बाद बाजार धराशायी

नियंत्रण रेखा के पार सैन्य कार्रवाई के बाद बाजार धराशायी

sensex 1मुंबई । नियंत्रण रेखा के पार पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकवादी शिविरों पर सीमित सैन्य कार्रवाई की खबरों के बाद आज घरेलू शेयर बाजार में अफरा-तफरी मच गयी। चौतरफा बिकवाली के दबाव में बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 465.28 अंक यानी 1.64 फीसदी टूटकर 28 हजार के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे 27827.53 अंक पर आ गया। नेशनल सटॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी भी 153.901 अंक अर्थात् 1.76 प्रतिशत गिरकर 8591.25 अंक पर रहा। दोनों का यह स्तर 26 अगस्त के बाद का निचला स्तर है। कारोबारियों ने बताया कि पिछले दिवस के मुकाबले हरे निशान में खुलने के बाद जैसे ही सीमित सैन्य कार्रवाई की खबर आयी, भू-राजनैतिक अनिश्चितता को देखते हुये निवेशकों बिकवाली शुरू कर दी। बीएसई के सभी 20 समूह गिरावट में रहे। रियलिटी में सर्वाधिक 6.31 प्रतिशत की गिरावट रही। पावर समूह चार प्रतिशत से ज्यादा लुढ़का।
मुजफ्फरनगर मण्डी में गुड़ एवं चीनी के भाव
पाँच समूहों में तीन प्रतिशत से अधिक तथा आठ समूहों में दो प्रतिशत से अधिक की गिरावट रही। छोटी तथा मझौली कंपनियों में भारी बिकवाली देखी गई। बीएसई का मिडकैप 3.60 प्रतिशत तथा स्मॉलकैप 4.02 प्रतिशत का गोता लगाकर क्रमश: 12,914.71 अंक पर तथा 12,514.50 अंक पर रहा। सेंसेक्स की 30 में से 29 कंपनियों के शेयर गिरावट में बंद हुये। निफ्टी की भी 51 में से 46 कंपनियाँ लाल निशान में रहीं। सेंसेक्स में सबसे ज्यादा 5.01 प्रतिशत की गिरावट अदानी पोर्ट्स में रही। सनफार्मा, आईसीआईसीआई बैंक, गेल, टाटा स्टील तथा ल्युपिन के शेयर भी तीन फीसदी से ज्यादा टूटे। मुनाफा कमाने वाली एकमात्र कंपनी टीसीएस रही।
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इसके शेयरों के भाव 0.46 फीसदी चढ़े। सेना के सैन्य संचालन महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने आज बताया कि भारतीय सेना ने कल रात जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा पार करके पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर स्थित आतंकवादियों के कुछ लांचिंग पैड पर सीमित सैन्य (सर्जिकल स्ट्राइक) कार्रवाई करके कई आतंकवादियों को मार गिराया। उद्योग संगठन पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज तथा एसोचैम का कहना है कि बाजार की यह गिरावट तात्कालिक है। यह लंबे समय तक नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ व्यापारिक संबंध टूटने से भी भारतीय व्यापार तथा अर्थव्यवस्था पर कोई खास असर नहीं होगा।  

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