बच्चों ,महिलाओं के लिये पोषक है मोरला मछली

बच्चों ,महिलाओं के लिये पोषक है मोरला मछली

 बच्चों ,महिलाओं के लिये पोषक है मोरला मछली नयी दिल्ली ।  छोटी देसी मोरला मछली न केवल खाने में बेहद स्वादिष्ट है बल्कि उच्च पोषक तत्वों और सूक्ष्म पोषक तत्वों के कारण यह महिलाओं तथा बच्चों के स्वास्थ्य के लिये बहुत ही अनुकूल मानी जाती है लेकिन वैज्ञानिक तरीके से इसका विकास नहीं किये जाने के कारण व्यावसायिक पैमाने पर इसका उत्पादन नहीं हो सका है । मोरला को जिसे अंग्रेजी में मोला कारप्लेट ,असमी में मोअल या मोवा , बंगला में मौराला , बिहार में धवई , और उड़िया में मोरला के नाम से जाना जाता है । यह मछली दक्षिण भारत में भी पायी जाती है । वैज्ञानिक अध्ययन में पाया गया है कि मोरला में भरपूर मात्रा में विटामिन ए , कैल्शियम , अयस्क ,जस्ता तथा अन्य सूक्ष्म पोषक तत्व पाये जाते हैं । यह विशेषकर बच्चों और महिलाओं के लिये उच्च पोषक तत्वों वाली खुराक मानी जाती है । राष्ट्रीय मत्स्यकी विकास बोर्ड के अनुसार पूर्वोत्तर के राज्यों में बेहद पसंद की जाने वाली यह मछली दक्षिण पूर्व एशिया में पायी जाती है ।
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यह म्यांमार , बंगलादेश , पाकिस्तान और अफगानिस्तान में भी मिलती जाती है । पूर्वोत्तर के राज्यों में यह नदी , धान के खेतों , नालों , तालाबों और नहरों आदि में पायी जाती है । वैसे तो यह सर्वभक्षी है लेकिन यह जलीय पौधों को बड़े चाव से खाती है । 

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