‘यदि स्कूल में पढ़ना है तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसे बाल कटाने होंगे’..स्कूल में अभिभावकों ने किया हंगामा

‘यदि स्कूल में पढ़ना है तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसे बाल कटाने होंगे’..स्कूल में अभिभावकों ने किया हंगामा

मेरठ। सदर थाना क्षेत्र स्थित ऋषभ एकेडमी के बाहर गुरुवार को कुछ छात्रों के अभिभावकों ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन उनके बच्चों पर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसे बाल कटाकर स्कूल आने का दबाव बना रहा है। ऐसा न करने पर उन्हें स्कूल से निकालने की धमकी दी जा रही है। इस बात को लेकर संप्रदाय विशेष के अभिभावकों ने जमकर हंगामा किया। बाद में पुलिस और मीडिया के पहुंचने पर स्कूल प्रबंधन ने स्कूल से निकाले गए बच्चों को गेट के भीतर कर लिया।
हाईकोर्ट का आदेश, इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रावास 25 मई तक खाली कराएं..!

वेस्ट एंड रोड स्थित ऋषभ एकेडमी के बाहर सुबह स्कूल खुलने के समय कई अभिभावक अपने बच्चों को लेकर पहुंचे। जिनमें से कई संप्रदाय विशेष के थे। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल के सचिव रंजीत जैन उनके बच्चों को बात-बात पर प्रताड़ित करते हैं और उनके साथ अकारण मारपीट की जाती है। अभिभावकों का आरोप था कि रंजीत जैन ने उनके बच्चों को यह कहकर स्कूल से निकाल दिया है, कि यदि स्कूल में पढ़ना है तो उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसे बाल कटाने होंगे। संप्रदाय विशेष के अभिभावकों ने बाल छोटे रखने की बात का समर्थन किया, लेकिन अपने धर्म के बच्चों की तुलना किसी योगी से किए जाने पर विरोध जताया। उनका कहना था कि यदि बाल छोटे कराने के लिए ही कहना था तो फौजी कट या कुछ और कहा जा सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन शिक्षा की आड़ में सांप्रदायिकता फैला रहा है। उधर, हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस की फैंटम भी मौके पर पहुंच गई।
ईमानदारी है डीजीपी सुलखान सिंह की असली ‘पूंजी’, 37 सालों में बना पाए तीन कमरों का घर

आरोप है कि शुरूआत में फैंटम के पुलिसकर्मियों ने उल्टा अभिभावकों को हड़काना शुरू कर दिया, लेकिन जब अभिभावकों ने विरोध किया तो वह स्कूल प्रबंधन की गलती बताने लगे। हंगामे की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंचे मीडियाकर्मियों को देख स्कूल प्रबंधन ने छात्रों को स्कूल के भीतर करते हुए ताला लगा लिया। वहीं मामले की जानकारी करने पहुंचे मीडियाकर्मियों से स्कूल के सचिव रंजीत जैन ने बात करने से इंकार कर दिया। उन्होंने मीडियाकर्मियों के साथ बदसलूकी करते हुए स्कूल के गेट बंद करा दिए। वहीं सचिव के इस तुगलकी फरमान को लेकर अभिभावकों में रोष है। अभिभावकों ने मामले की शिकायत कमिश्नर से करने की बात कही है।

Share it
Share it
Share it
Top