जीएसटी देश के इतिहास में नया कीर्तिमान – मोदी

जीएसटी देश के इतिहास में नया कीर्तिमान – मोदी

 जीएसटी देश के इतिहास में नया कीर्तिमान - मोदीनयी दिल्ली।  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) पर आम राय कायम करने के लिये सभी मुख्यमंत्रियों श्रेय देते हुए कहा कि यह हमारी “ एक राष्ट्र , एक आकांक्षा और एक दृढ संकल्प ” की भावनाओं को परिलक्षित करता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मादी ने नीति आयोग की शासकीय परिषद की राष्ट्रपति भवन में तीसरी बैठक की आज अध्यक्षता की । मोदी के बैठक में शुरूआती संबोधन के हवाले से जारी बयान में कहा गया कि जीएसटी देश के ईतिहास में नया कीर्तिमान रचेगा कि किस तरह राज्यों और केन्द्र के आपसी तालमेल से इतना बड़ा कदम उठाया जा सका । बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मौजूद नहीं थे। दिल्ली की तरफ से उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया बैठक में थे।
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मोदी ने कहा बिना राज्यों और उनके मुख्यमंत्रियों के सहयोग और सामुहिक प्रयास से नये भारत का सपना पूरा हो सकता । उन्होंने देश को तेजी से तरक्की के रास्ते पर ले जाने के लिये नया नारा “ एक राष्ट्र, एक आकांक्षा और एक दृढ संकल्प ” दिया। श्री मोदी ने कहा कि सभी मुख्यमंत्रियों ने अपने आदर्श और राजनीतिक मतभेदों को एक तरफ कर जीएसटी के लिये एक मंच पर आने में आम राय बनायी । गौरतलब है कि संसद के बजट सत्र में जीएसटी से जुड़े चार महत्वपूर्ण विधेयकों को संसद के दोनों सदनों की मंजूरी मिलने के बाद राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने भी 13 अप्रैल को इन्हें कानून बनाने के लिये अपनी मंजूरी दे दी। देश में आर्थिक सुधारों की दिशा में मानेजाने वाले इस सबसे बड़े कदम को सरकार की योजना है कि इस वर्ष एक जुलाई से लागू कर दिया जाये। जीएसटी में सभी केन्द्रीय उत्पाद कर, सेवा कर, मूल्य वर्द्धित कर(वैट) और अन्य स्थानीय करों को मिलाकर एक कर प्रणाली का आगाज होगा जिससे पूरा देश में एक बाजार के रूप में स्थापित होगा और सामान की आवाजाही में कोई बाधा नहीं होगी। 

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