Read latest updates about "कहानी" - Page 3

  • बाल कहानी: सिराज की अक्लमंदी

    मुगलगढ़ के एक शाही मेहमानखाने में तीन युवक आकर ठहरे- मूसा, अहमद और सुल्तान। तीनों एक ही उम्र के थे, तो जल्द ही उनकी दोस्ती हो गई। एक दिन उन्होंने मिलकर शहर घूमने का मन बनाया और सुबह से ही शहर की खास जगहों पर घूमने के लिए निकल पड़े। कई जगह देखने के बाद वह तीनों शाही बाग में पहुंचे जहां एक बड़ा...

  • बाल कथा: आशाराम और निराशाराम

    एक गांव में बहुत से ग्वाले रहते थे। गाय-भैंस पालना उनका प्रमुख व्यवसाय था। गांव में एक तालाब था, जिसमें बहुत से मेंढक रहते थे। उन्हीं मेंढकों में आशाराम और निराशाराम नाम के दो जुड़वां भाई भी थे। निराशाराम की आदत थी कि वह किसी भी कठिनाई से घबराकर बहुत जल्दी हार मान लेता था। इसी कारण वह निरंतर दुखी...

  • बाल कथा: सैनिकों के कदम

    एक दिन राजेश के पापा सपरिवार पिकनिक मनाने पहाड़ पर आए थे। सभी खुश नजर आ रहे थे। उछल कूद करते-करते राजेश अपनी बड़ी बहन सोनी और रूमा के साथ खेलते-खेलते दूर निकल गया। अचानक उसकी नजर बहुत दूर एक नदी के ऊपर बने पुल से गुजरती सैनिक टुकड़ी पर पड़ी। राजेश ने इसे बहन को दिखाने के लिए कहा, 'दीदी, वह देखो,...

  • बाल कथा: कहानी एक पत्ते की

    एक था पत्ता। वह एक पेड़ पर रहता था। पेड़ का तना बहुत मोटा था। पत्ते का घर पेड़ की एक डाल पर था। उस पेड़ पर और भी बहुत से पत्ते रहते थे। सभी के घर डालों पर थे। कुछ पत्ते बूढ़े थे। कुछ अभी नन्हे बच्चे थे। तेज हवा चलती तो बूढ़े पत्ते नीचे गिर जाते परंतु नन्हे पत्ते हमेशा डाल से चिपके रहते थे। पत्तों...

  • मध्य प्रदेश का राज्य पक्षी-दूधराज

    भारत का राष्ट्रीय पक्षी है मोर, यह हम सभी जानते हैं। क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत के सबसे बड़े प्रदेश मध्य प्रदेश के राज्य पक्षी से आप परिचित नहीं होंगे। मध्य प्रदेश के राज्य पक्षी का नाम है दूधराज। जैसा नाम वैसा ही रंग रूप। देखने में बहुत ही खूबसूरत परन्तु कर्कश गले का स्वामी, तब भी मनभावन है यह। ...

  • बाल कहानी: गंदे सूअर

    एक घने जंगल में अनेक पशु-पक्षी रहते थे। जंगल का राजा था एक बाघ जो बहुत शक्तिशाली और बुद्धिमान था। वह भूख लगने पर ही पशुओं का शिकार करता था। अकारण ही पशुओं को नहीं मारता था। इसी वजह से जंगल के सभी पशु उस से डरते भी थे और उस का आदर भी करते थे। एक दिन जब वह भरपेट आहार ले चुका तो पानी पीने के लिए नदी...

  • बाल कहानी: आदर्श मित्रता

    डामन और पिथियस दो मित्र थे। दोनों में बहुत प्रेम था। एक बार उस देश के अत्याचारी राजा ने डामन को फांसी देने का हुक्म दे दिया। डामन के बीवी बच्चे बहुत दूर समुद्र के पार रहते थे। डामन ने उनसे मिलने की इच्छा प्रकट कंी। राजा ने कहलवाया 'यदि डामन के बदले कोई दूसरा आदमी जेल में रहने को तैयार हो और यदि...

  • बाल कथा: कुत्ता कुत्ते का वैरी

    कुत्ता शेरू और कुत्ता वीरू, दोनों लंगोटिया यार थे। जहां भी जाते, दोनों साथ जाते। दोनों मुहल्ले के दादा थे। दोनों साथ-साथ अपने मुहल्ले में घूम रहे थे कि शेरू ने कहा, 'यार वीरू, बहुत दिनों से भौंकने का मौका ही नहीं मिला क्या करें?' 'मेरा तो मौन व्रत हो गया' वीरू ने जवाब दिया। 'यार वीरू, चल आज दूसरे...

  • आओ जीना सीखें

    कुछ लोग जीते नहीं, जीने की तैयारी में ही जीवन गुजार देते हैं। जीना भी एक कला है। जीते तो सभी हैं लेकिन कलापूर्ण एवं सफल जीवन जीना एक कला से कम नहीं। जीवन में कुछ बातों को अपनाने एवं कुछ बातों को त्यागने से आने वाली मुसीबतों से बचा जा सकता है। बड़े बुजुर्गों की कही बातों से हमें सदा सीखते रहना ...

  • बाल कथा: ढोल की पोल

    रिटायर होकर अध्यापक गजराज सिंह ने जंगल में पाठशाला खोली। उस पाठशाला में पढऩे आते थे गधा ढेंचू राम, भालू मिठ्ठन प्रसाद, बिल्ली म्याऊं देवी, बंदर खो-खो सिंह, कुत्ता भौंकूचंद। सबकी कापी पर सिंह साहब लिखते 'बहुत अच्छा' और ढेंचू की कापी पर 'बेकार'। ढेंचू गुस्से में दांत किटकिटाता हुआ रह जाता। सारा दिन...

  • बाल कथा: इंसान का दिल

    सृष्टि के प्रारंभ में ईश्वर के चार बच्चे थे सूर्य, चंद्रमा, अंधकार और वर्षा। ईश्वर ने अपने इन बच्चों के खेलने के लिए मुक्त आकाश और विस्तृत पृथ्वी बनाई। सूर्य और चंद्र आकाश में लुकाछिपी का खेल खेलते जबकि वर्षा और अंधकार असीम पृथ्वी पर क्रीड़ाएं करते। उनके खेलने के लिए नदी, पहाड़,...

  • बोध कथा: प्रेम भाव

    एक करोड़पति बहुत परेशानी में था। करोड़ों का घाटा हो गया था और सारी जीवन की जमापूंजी डूबने के करीब थी। जीवन की नौका डगमगा रही थी। वह कभी मंदिर नहीं गया था, उसने कभी प्रार्थना भी न की थी। फुरसत ही न मिली थी कभी व्यापार से! हालांकि पूजा के लिए उसने पुजारी रख छोड़े थे, कई मंदिर भी बनवाये थे, जहां वे...

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