सुशील और साक्षी बने राष्ट्रीय चैंपियन

सुशील और साक्षी बने राष्ट्रीय चैंपियन

इंदौर। लगातार ओलंपिक में दो पदक जीतने वाले एकमात्र भारतीय खिलाड़ी पहलवान सुशील कुमार ने तीन साल के लंबे अंतराल के बाद मैट पर सफल वापसी करते हुए 62वीं पुरुष फ्रीस्टाइल और ग्रीको रोमन स्टाइल तथा 2०वीं महिला कुश्ती प्रतियोगिता में 74 किग्रा फ्री स्टाइल वर्ग में शुक्रवार को नया चैंपियन बनने का गौरव हासिल कर लिया। सुशील के अलावा इस प्रतियोगिता में उतरी रियो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता महिला पहलवान साक्षी मलिक ने भी राष्ट्रीय चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। साक्षी ने 62 किग्रा वर्ग में पूजा तोमर को 1०-० से हराया। दंगल फेम गीता फोगाट ने भी रवीरा को चित कर स्वर्ण पदक जीता। प्रतियोगिता के दूसरे सभी निगाहें सिर्फ और सिर्फ सुशील तथा साक्षी पर लगी हुई थी। बीजिंग ओलंपिक 2००8 में कांस्य पदक जीतने वाले और लंदन ओलंपिक 2०12 में रजत पदक जीतने वाले सुशील 2०14 के ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के बाद पहली बार किसी टूर्नामेंट में उतर रहे थे। सुशील के दबदबे का आलम यह रहा कि फाइनल समेत उनके तीन प्रतिद्वंद्वी पहलवानों ने उन्हें वाकओवर दे दिया। सुशील ने अपने शुरुआती दो मुकाबले जीते और अगले तीन मुकाबलों में उन्हें वाकओवर मिल गया। सुशील की कुश्ती देखने के लिए स्टेडियम खचाखच भरा हुआ था और सुशील ने अपने प्रशंसकों को निराश नहीं किया। सुशील ने अपने पहले दो राउंड के मुकाबले जीतने में ढाई मिनट से भी कम का समय लगाया। उन्होंने पहले राउंड में मिजोरम के लालमलसावमा को 48 सेकेंड में ही लगातार 1० अंक बटोरकर धो दिया। उन्होंने दूसरे राउंड में मुकुल मिश्रा को एक मिनट 45 सेकेंड में ही चित कर दिया। उन्हें क्वार्टरफाइनल में वाकओवर में मिला और फिर सेमीफाइनल में सचिन दहिया ने भी वाकओवर दे दिया। ओलंपिक पदक विजेता पहलावान का फाइनल में अपने छत्रसाल स्टेडियम अखाड़े के साथी पहलवान प्रवीण राणा से मुकाबला था और राणा ने भी सुशील को वाकओवर दे दिया। सुशील ने इस तरह स्वर्ण पदक के साथ मैट पर सफल वापसी कर ली। सुशील ने राष्ट्रीय चैंयनशिप में उतरने से पहले जॉर्जिया में एक सप्ताह की ट्रेनिंग की थी। सुशील ने चैंपियनशिप से पहले कहा था कि उनका लक्ष्य अगले साल होने वाले राष्ट्रमंडल और एशियाई खेल तथा 2०2० के टोक्यो ओलंपिक है और वह राष्ट्रीय चैंपियनशिप के जरिये खुद को परखना चाहते हैं। इस दिग्गज पहलवान के गुरु महाबली सतपाल ने अपनी शिष्य की कामयाबी पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा,Þ मैंने उसे चैंपियनशिप में उतरने से पहले इतना ही कहा था कि वह अपनी इच्छा के अुनसार मुकाबले में उतरे और खुद को परखे। वह तो अखाड़े में अपने से ज्यादा वजन के पहलवानों को पटखनी देता है। मुझे पूरा यकीन है कि वह ना केवल राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों बल्कि टोक्यो ओलंपिक में भी देश के लिए स्वर्ण पदक जीतेगा। ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर इतिहास बनाने वाली महिला पहलवान साक्षी मलिक ने अपनी श्रेष्ठता कायम रखते हुए 62 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीत लिया। एशियाई चैंपियनशिप की रजत विजेता साक्षी ने फाइनल में पूजा तोमर को एकतरफा अंदाज में 1०-० से पीटकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। साक्षी ने पहले राउंड में अपनी प्रतिद्वंद्वी को मात्र 39 सेकेंड में चित कर दिया था। इस बीच दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता और आमिर खान की दंंगल से लोकप्रियता पाने वाली गीता फोगाट ने हरियाणा की रवीरा को चित कर स्वर्ण पदक जीता। प्रतियोगिता के पहले दिन विनेश फोगाट और रितू फोगाट ने भी स्वर्ण पदक जीते थे। विनेश ने तो खुद पर लगा भारतीय कुश्ती महासंघ का निलंबन हटने के बाद शानदार वापसी करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया था। हरियाणा की रितू ने 48 किग्रा और रेलवे की विनेश ने 55 किग्रा में स्वर्ण पदक जीते। विनेश ने हरियाणा की मनीषा को हराया जबकि रितू ने हरियाणा की निर्मला देवी को पराजित किया। पहले दिन ग्रीको रोमन वर्ग में हरियाणा के पहलवानों ने अपना दबदबा बनाते हुए चार स्वर्ण पदक जीते। हरियाणा के राजिन्दर ने गुरुवार को ग्रीको रोमन के 55 किग्रा, मनीष ने 6० किग्रा, मनीष ने 67 किग्रा और सुनील कुमार ने 87 किग्रा में स्वर्ण पदक जीते। पंजाब के पहलवानों ने भी हरियाणा के दबदबे को चुनौती देते हुए तीन स्वर्ण पदक जीते। पंजाब के आदित्य कुंडू ने 72 किग्रा, गुरप्रीत ने 77 किग्रा और हरप्रीत सिंह ने 82 किग्रा में स्वर्ण पदक जीते। रेलवे के हरदीप ने 97 किग्रा, सेना के नवीन ने 13० किग्रा और सेना के ही गौरव कुमार ने 63 किग्रा में स्वर्ण पदक हासिल किये। ग्रीको रोमन के 55 किग्रा में राजिन्दर ने नवीन को हराया। 6० किग्रा में मनीष ने सेना के ज्ञानेंद्र को, 67 किग्रा में मनीष ने रेलवे के अनिल को और 87 किग्रा में सुनील कुमार ने पंजाब के प्रभपाल को हराया। सेना के गौरव शर्मा ने 63 किग्रा में हिमाचल के विकास को, पजांब के आदित्य ने 72 किग्रा में हरियाणा के कुलदीप मलिक को, पंजाब के गुरप्रीत ने 77 किग्रा में दिल्ली के मंजीत को, पंजाब के हरप्रीत ने 82 किग्रा में रेलवे के अमरनाथ यादव को, रेलवे के हरदीप ने 97 किग्रा में सेना के सुमित को और सेना के नवीन ने 13० किग्रा में पश्चिम बंगाल के सोनू को हराकर स्वर्ण पदक जीते।

Share it
Top