राष्ट्रीय चैम्पियनशिप और कुश्ती लीग में ताल ठोकूंगा: सुशील

राष्ट्रीय चैम्पियनशिप और कुश्ती लीग में ताल ठोकूंगा: सुशील

नई दिल्ली। ओलम्पिक में लगातार दो बार व्यक्तिगत पदक जीतने वाले एकमात्र भारतीय खिलाड़ी पहलवान सुशील कुमार आठ साल बाद राष्ट्रीय कुश्ती चैम्पियनशिप में भाग लेने लौट रहे हैं और इसके साथ ही उन्होंने कुश्ती लीग को भी अपना लक्ष्य बना रखा है। सुशील इंदौर में 15 से 18 नवम्बर तक आयोजित होने वाली राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में रेलवे की ओर से भाग लेंगे। सुशील आखिरी बार 2009 में राष्ट्रीय चैंपियनशिप में खेले थे। सुशील का 2014 के राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के बाद यह पहला टूर्नाममेंट होगा। भारत के सबसे बड़े पहलवान सुशील एक सप्ताह तक जॉर्जिया में ट्रेनिंग करने के बाद दिल्ली लौटे हैं और राष्ट्रीय चैंपियनशिप के लिए उनकी तैयारियां जोरों पर हैं। सुशील ने राष्ट्रीय चैंपियनशिप में ताल ठोकने की पुष्टि करते हुए कहा कि मैं इस समय शारीरिक और मानसिक रूप से अपनी सर्वश्रेष्ठ लय पा चुका हूं और प्रतियोगी स्तर पर उतरने के लिए पूरी तरह तैयार हूं। सुशील ने साथ ही कहा कि उन्हें विश्वास है कि कुश्ती प्रेमी पहले उन्हें राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में और फिर प्रो रेसलिंग लीग में एक नए उत्साह से खेलते हुए देखेंगे। सुशील 2009 में राष्ट्रीय चैंपियनशिप में 66 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में खेले थे लेकिन इस बार वह 74 किलोग्राम वर्ग में उतरेंगे जो उनका नया वजन वर्ग है। इस बार राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में रेलवे की दो टीमें भाग लेंगी। 74 किलो वजन में ए टीम में प्रवीण राणा का और बी टीम में दिनेश का चयन किया गया था। सुशील के इस प्रतियोगिता में उतरने की घोषणा के बाद दिनेश कुमार (उत्तर मध्य रेलवे) और सुशील ( उत्तर रेलवे ) के बीच शनिवार को ट्रायल आयोजित किया गया, जहां दिनेश ने सुशील को वॉकओवर दे दिया।
सुशील राष्ट्रीय चैंपियनशिप के लिए 15 नवम्बर को इंदौर रवाना होंगे जहां उनका मु$काबला 17 नवम्बर को होना है। सुशील ने कहा कि मैं अपनी वापसी के लिये तैयारियों में लगा हुआ हूं। पिछले चार महीने से मेरी कड़ी तैयारी चल रही थी और मैंने जॉर्जिया में भी एक महीने की कड़ी ट्रेनिंग की। लगातार दो ओलंपिक पदक जीत चुके लेकिन पिछले रियो ओलंपिक में उतरने से दूर रह गये पहलवान सुशील का साथ ही कहना है कि उनके अंदर अभी ओलंपिक स्वर्ण जीतने की कसक बाकी है। ओलंपिक में रजत और कांस्य पदक जीत चुके सुशील का सबसे बड़ा लक्ष्य 2020 के टोक्यो ओलंपिक में उतरकर देश के लिये स्वर्ण पदक जीतना है। इससे पहले वह 2018 में होने वाले राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों में भी उतरना चाहते हैं। अगले साल होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों को भी लक्ष्य मानकर चल रहे सुशील ने कहा कि भारतीय कुश्ती में वापसी के लिये एक सिस्टम है जिसके तहत पहले मुझे राष्ट्रीय चैंपियनशिप में उतरना होगा जिसमें मैं उतरने जा रहा हूं। मेरे अंदर अब भी कहीं न कहीं ओलंपिक स्वर्ण की कसक बाकी है।

Share it
Top