मैं मां हूं, मैं धोखा नहीं कर सकती हूं: सेरेना

मैं मां हूं, मैं धोखा नहीं कर सकती हूं: सेरेना


न्यूयार्क। 23 बार की ग्रैंड स्लेम चैंपियन और दुनिया की बेहतरीन टेनिस खिलाड़ियों में शुमार अमेरिका की सेरेना विलियम्स को शायद पहली बार किसी मुकाबले में विवादों के साथ आरोपों का सामना करना पड़ा है, और यह सब उनके घरेलू मैदान पर पसंदीदा यूएस ओपन टूर्नामेंट के फाइनल में हुआ जहां उन्हें करियर की सबसे निराशाजनक हार का घूंट भी पीना पड़ गया।

सेेरेना और जापान की नाओमी ओसाका के बीच यूएस ओपन का महिला एकल फाइनल वर्ष के आखिरी ग्रैंड स्लेम का सबसे विवादास्पद मैच बन गया है जहां ओसाका ने लगातार सेटों में 6-2, 6-4 से जीत अपने नाम कर लिया। हालांकि इस मैच में अमेरिकी खिलाड़ी शुरूआत से विवादों में घिरी रहीं जहां उनका मार्गेट कोर्ट के रिकार्ड 24वें

ग्रैंड स्लेम की बराबरी का सपना तो टूटा ही मैच में उनपर धोखा करने का आरोप भी लग गया। सेरेना पर पुर्तगाली चेयर अंपायर कार्लाेस रामोस ने बॉक्स में बैठे कोच पैट्रिक मोरातोगलु से निर्देश लेने का आरोप लगाते हुये उनपर अंक पेनल्टी लगा दी।

सेरेना को मैच में एक नहीं तीन बार नियम उल्लंघन के लिये पेनल्टी झेलनी पड़ी। उन्हें चेयर अंपायर रामोस के निर्णय पर गुस्सा दिखाते हुये उनपर जुबानी हमला करने के लिये एक गेम की पेनल्टी भी लगायी गयी। सेरेना के ओसाका द्वारा उनकी सर्विस ब्रेक करने के बाद रैकेट पटककर खेल भावना के विपरीत व्यवहार के लिये भी पेनल्टी मिली।

अमेरिकी खिलाड़ी जब 20वीं सीड जापानी खिलाड़ी से पहला सेट हार गयी थीं तो रामोस ने सेरेना को दूसरे सेट के शुरूआत में बॉक्स में बैठे कोच से निर्देश लेने के आरोप में पहले नियम उल्लंघन की चेतावनी दी। सेरेना के कोच पैट्रिक ने बाद में स्वीकारा कि वह अमेरिकी खिलाड़ी को निर्देश दे रहे थे, हालांकि उन्होंने माना कि उन्हें नहीं लगता कि सेरेना उनकी ओर देख रही थीं। पैट्रिक ने साथ ही कहा कि ओसाका के कोच साशा बाजिन ने भी अपनी खिलाड़ी को निर्देश दिये थे।

सेरेना के कोच ने कहा," मैं सच कहूं तो हां मैं सेरेना की बॉक्स से कोचिंग कर रहा था लेकिन मुझे नहीं लगता कि वह मेरी ओर देख रही थीं। हालांकि साशा हर अंक पर ओसाका की कोचिंग कर रहे थे।"

छह बार की यूएस अोपन चैंपियन ने चेयर अंपायर रामोस की ओर देखते हुये कहा," मैं मां हूं, मैं धोखा नहीं करती हूं, मैं जीतने के लिये धोखा नहीं करती हूं। इससे बेहतर तो होगा कि मैं हार जाऊं, मैं सिर्फ तुम्हें यह बताना चाहती हूं।"

मैच के बाद संवाददाता सम्मेलन में भी सेरेना ने बताया कि उन्होंने अपने कोच पैट्रिक से भी इस बात की नाराजगी जताते हुये कहा कि उन्होंने यह बात क्यों कही कि वह उन्हें कोचिंग दे रहे थे। अमेरिकी खिलाड़ी ने कहा," मैंने अभी पैट्रिक को मैसेज किया है, कि वह यह सब क्या बातें कर रहे हैं। मैं यह समझने की कोशिश कर रही हूं कि उन्होंने ऐसा क्यों कहा।"

छह बार की यूएस ओपन चैंपियन ने रामोस के खिलाफ चेंजओवर के दौरान विरोध किया और फिर ओसाका की सर्विस ब्रेक कर दूसरे सेट में 3-1 की बढ़त बनाई। हालांकि अगले गेम में ओसाका ने सेरेना की सर्विस ब्रेक कर दी। इससे सेरेना का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उन्होंने अपना रैकेट कोर्ट पर दे मारा। इस पर सेरेना को एक और अंक पेनल्टी मिल गयी।

सेरेना ने एक अंक कम होने के बाद दूसरे चेंजओवर में फिर से रामोस के खिलाफ गुस्सा दिखाया और उन्हें उनके अंक चुराने वाला चोर बता डाला। उन्होंने इस पर कहा," मैंने अपने जीवन में किसी को धोखा नहीं दिया है। मेरी एक बेटी है और मैं हमेशा उसके लिये खड़ी हूं। मैंने कभी धोखा नहीं किया और रामोस को मुझसे माफी मांगनी चाहिये।"

पूर्व नंबर एक खिलाड़ी ने चेयर अंपायर पर टिप्पणी करते हुये कहा," तुम जब तक जिंदा रहोगे मेरे किसी अन्य कोर्ट पर मौजूद नहीं रहोगे। कहो कि तुम माफी मांगते हो। कहो कि तुमने मेरा अंक चुराया। तुम एक चोर हो।"

सेरेना ने साथ ही रामोस पर आरोप लगाया कि उन्होंने ऐसा कभी किसी पुरूष खिलाड़ी के साथ नहीं किया और न ही किसी अन्य अंपायर ने पुरूषों के मैच में ऐसा किया। उन्होंने कहा कि अन्य महिला खिलाड़ी एलाइज़ काेर्नेट पर तो कोर्ट पर शर्ट बदलने के लिये ही पेनल्टी लगा दी गयी थी।

सेरेना ने रामोस को महिला विरोध बताते हुये कहा," रामोस ने मेरा मैच मुझसे छिन लिया है, वह एक चोर हैं। कभी किसी पुरूष खिलाड़ी के साथ ऐसा नहीं होता। यह पूरी तरह से महिला विरोधी कदम है। मैं महिलाओं के अधिकारों के लिये लड़ती हूं और हमारे अधिकार बराबरी के होने चाहिये। यह खतरनाक है।"


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