स्वप्ना ने स्वर्ण कोच को दिया और उनके पैर छुए

स्वप्ना ने स्वर्ण कोच को दिया और उनके पैर छुए

जकार्ता । इंडोनेशिया के जकार्ता में 18वें एशियाई खेलों में महिलाओं की हेप्टाथलन स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने वाली भारत की स्वप्ना बर्मन पदक वितरण समारोह के खत्म होने के बाद सीधे एक दाढ़ी वाले अधेड़ उम्र के आदमी के पास गयीं और अपना स्वर्ण पदक उनके हाथों में देकर उनके पैर छुए। 55 वर्षीय यह आदमी कोई और नहीं बल्कि स्वप्ना के कोच सुभाष सरकार हैं। पीठ पर बैग टांगे सुभाष सरकार पदक को अपनी हथेली पर देखकर भावुक हो गए।

इससे चंद मिनट पहले सुभाष अपने कोचिंग करियर के स्वर्णिम क्षणों को साधारण से दिखने वाले अपने फोन में कैद करने की कोशिश कर रहे थे। गले में तिरंगा लपेटे हुए स्वप्ना पोडियम पर शीर्ष पर खड़ीं थीं और राष्ट्रगान की धुन बज रही थी। स्वप्ना और सुभाष दाेनों के लिए यह पल कभी न भुला देने वाले होंगे। एशियाई खेलों की हेप्टाथलन स्पर्धा में भारत का यह पहला पदक है।

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