लोढ़ा समिति की सिफारिशों के अमल में बाधा पहुंचा रहे हैं पूर्व पदाधिकारी

लोढ़ा समिति की सिफारिशों के अमल में बाधा पहुंचा रहे हैं पूर्व पदाधिकारी

नयी दिल्ली। क्रिकेट प्रशासकों की समिति (सीओए) ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के पूर्व पदाधिकारी निजी हितों के कारण लोढा समिति की सुधार की योजनाओं को अमली जामा पहनाने में बाधा पहुंचा रहे हैं। उच्चतम न्यायालय में सीओए द्वारा पेश की गयी स्थिति रिपोर्ट में कहा गया है कि निरंजन शाह और एन. श्रीनिवासन जैसे अयोग्य पदाधिकारी अपने निजी हितों के चलते लोढा समिति की सिफारिशों को लागू करने में बाधा पैदा कर रहे हैं। न्यायालय 14 जुलाई को बीसीसीआई से संबंधित मामले पर सुनवाई करने वाला है।सीओए की यह चौथी रिपोर्ट है। इससे पहले सीओए ने 27 फरवरी, 17 मार्च और सात अप्रैल को भी स्थिति रिपोर्ट जमा करायी थी। समिति ने कार्यवाहक सचिव अमिताभ चौधरी की तारीफ करते हुए कहा है कि चौधरी लोढा समिति की सिफारिशों पर अमल कराने के लिए प्रयासरत हैं। समिति ने श्रीनिवासन के विश्वासपात्र अनिरुद्ध चौधरी पर मूक दर्शक बने रहने का आरोप भी लगाया गया है। सीओए ने प्रदेश इकाइयों में सहमति बनाने में भी असमर्थता जताई। रिपोर्ट के सातवें बिदु में कहा गया है, कि तीसरी रिपोर्ट जमा करने के बाद से तीन महीने के भीतर सीओए ने बीसीसीआई की सदस्य इकाइयों में नया संविधान लागू करने के लिए सहमति बनाने की हरसंभव कोशिश की थी। सीओए की उनके साथ दो बैठकें छह मई और 25 जून को हो चुकी है, लेकिन सहमति बनाने के तमाम प्रयास विफल रहे।

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