प्रो कबड्डी का नया चैलेंजिंग फॉर्मेट लेगा फिटनेस का टेस्ट

प्रो कबड्डी का नया चैलेंजिंग फॉर्मेट लेगा फिटनेस का टेस्ट

नयी दिल्ली। वीवो प्रो कबड्डी लीग की टीम दबंग दिल्ली के प्रमुख कोच रमेश भेंडिगिरि और टीम के अनुभवी खिलाडी नीलेश शिंदे का मानना है कि टूर्नामेंट के पांचवें सत्र का नया फॉर्मेट काफी चैले जिग है और इससे खिलाडिय़ों की फिटनेस का पूरा टेस्ट होगा। दबंग दिल्ली टीम के कई खिलाड़ी रविवार सुबह राजधानी के कनाट प्लेस में राहगीरी के दौरान मौजूद थे। उन्होंने अपने प्रशंसकों से मुलाकात की और साथ ही उनके साथ कबड्डी भी खेली। प्रशंसकों के लिए इस तरह मैट पर कबड्डी खेलना एक दिलचस्प अनुभव था। टीम के प्रमुख कोच रमेश ने इस बार तीन महीने तक चलने वाले पांचवें सत्र और उसके खिलाडिय़ों पर पडऩे वाले असर के बारे में पूछने पर कहा इस बार 12 टीमों की वजह से सत्र लम्बा हो गया है इसलिए हम खिलाडिय़ों की फिटनेस पर खासा ध्यान दे रहे हैं। हमारा गुडगाँव में अभ्यास चल रहा है जिसमें सबसे ज्यादा जोर खिलाडिय़ों की फिटनेस पर है कि किस तरह उन्हें पूरे तीन महीने तक खुद को फिट रखना है। टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ी नीलेश ने भी कोच की बात का समर्थन करते हुए कहा गुडगाँव में सुबह छह बजे हमारा अभ्यास फिटनेस से ही शुरू होता है। दोपहर में हम वेट करते हैं और शाम को स्किल पर धयान देते हैं।
कबड्डी में पीएचडी कर चुके महाराष्ट्र के रमेश ने कहाटूर्नामेंट लम्बा है। यह आपसी टकराव वाला खेल है जिसमें चोट लगने की संभावना बनी रहती है इसलिए फिटनेस बनाये रखना बहुत जरूरी है। हमें तो चौथे सत्र में ही यह सुनाई देने लगा था कि पांचवें सत्र में टीमें बढ़ेंगी और टूर्नामेंट लम्बा होगा। प्रो कबड्डी के पिछले चार सत्रों से चले आ रहे प्रारूप को पांचवें सत्र के लिये पूरी तरह बदल दिया गया है पांचवें संस्करण की शुरूआत 28 जुलाई को हैदराबाद से होगी और इसका फाइनल 28 अक्टूबर को चेन्नई में खेला जाएगा। कबड्डी में भी प्लेऑफ की शुरूआत की जा रही है और इसमें तीन क्वालिफायर और दो एलिमिनेटर के बाद फाइनल होगा। टूर्नामेंट में 12 टीमें कुल 138 मैच खेलेंगी और टूर्नामेंट 12 शहरों में खेला जाएगा। पिछले चार सत्रों में आठ टीमें होम एंड अवे आधार पर खेलती थीं लेकिन इस बार बदलाव करते हुये 12 टीमों को दो जोन में बांटा गया है। हर ग्रुप की टीम अपने ग्रुप की शेष पांच टीमों से तीन-तीन मैच खेलेगी और फिर दूसरे जोन की छह टीमों से एक एक मैच भी खेलेगी। इसके अलावा जोनल में वह एक अतिरिक्त मैच भी खेलेगी। इस तरह लीग में हर टीम कुल 22 मैच खेलेगी। इस लम्बे फॉर्मेट के बारे में पूछने पर रमेश ने कहा एक नया प्रयोग किया गया है। यही कारण है कि सभी टीमें फिटनेस पर सबसे ज्यादा जोर दे रहीं हैं क्योंकि यदि फिटनेस नहीं होगी तो आप इतना लम्बा सत्र नहीं खेल पाएंगे। यह लम्बा फॉर्मेट कितना कामयाब हो पाता है इसका पता तो सत्र शुरू होने के बाद ही चलेगा कि लोग इसे किस तरह लेते हैं।

Share it
Top