बहरीन ओपन भारतीय खिलाडिय़ों ने जीते 12 पदक

बहरीन ओपन भारतीय खिलाडिय़ों ने जीते 12 पदक

नई दिल्ली। बहरीन के मनामा में आयोजित बहरीन जूनियर एवं कैडेट ओपन टेबल टेनिस प्रतियोगिता में भारतीय खिलाडिय़ों ने आठ और पदक अपने नाम कर लिए। इनमें दो स्वर्ण, तीन रजत और तीन कांस्य पदक शामिल हैं। भारत ने इस तरह कुल 12 पदकों के साथ प्रतियोगिता में अपने अभियान का समापन किया। भारत के लिए अंडर-15 में वल्र्ड नंबर-4 पायस जैन ने लड़कों के एकल स्पर्धा के फाइनल में चेक गणराज्य के सिमोन बेलिक को 3-1 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। लड़कियों के कैडेट वर्ग में पांच युवा खिलाडिय़ों ने क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। हालांकि इन पांच में से केवल दो ही सेमीफाइनल तक पहुंच सके। अनज्र्ञया मंजूनाथ और यश्चिनी घोरपांडे की जोड़ी ने ग्रीस की मालामेटिना पापादिमीत्रियू और मिस्र की हाना गोदा को 3-0 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। सुहाना सैनी और स्वास्तिका घोष को क्रमश: मिनी कैडेट और जूनियर वर्ग में कांस्य पदक से ही संतोष करना पड़ा। अंडर-15 वर्ग में सुहाना को वल्र्ड नंबर-42 हाना गोदा से सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा। वहीं, स्वास्तिका को रुस की क्रिस्टिना कजांतसेवा से शिकस्त खाकर कांस्य से संतोष करना पड़ा। युगल वर्ग में अनज्र्ञया मंजूनाथ और सुहाना सैनी तथा मनुश्री पाटिल और स्वास्तिका घोष की जोड़ी ने लड़कियों की जूनियर वर्ग के फाइनल में अपनी जगह बनाई। फाइनल में मंजूनाथ और सुहाना की जोड़ी को क्रिस्टिना और ओल्गा विश्नियाकोवा की जोड़ी से पराजेय झेलनी पड़ी। इसके अलावा स्वास्तिका और मनुश्री की जोड़ी को भी फाइनल में रुस की जोड़ी से 2-3 से हारकर रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा। लड़कों के युगल वर्ग में पायस जैन और दीपित पाटिल को भी फाइनल में रुस के अर्टेम टिखोनोव और लेव कात्समन की जोड़ी से शिकस्त का सामना करना पड़ा। भारतीय जोड़ी को रजत पदक मिला। भारतीय खिलाडिय़ों ने इससे पहले चार और पदक जीते थे और उसने कुल 12 पदकों के साथ प्रतियोगिता का समापन किया।

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