अनिरूद्ध युवा ओलंपिक का टिकट पाने वाले एकमात्र पहलवान

अनिरूद्ध युवा ओलंपिक का टिकट पाने वाले एकमात्र पहलवान


नयी दिल्ली। द्रोणाचार्य महाबली सतपाल के शिष्य अनिरूद्ध ने उज्बेकिस्तान के ताशकंद में हुई एशियाई कैडेट कुश्ती प्रतियोगिता में 110 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीतकर इस साल अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में होने वाले युवा ओलंपिक खेलों के लिये क्वालीफाई कर लिया है।
अनिरूद्ध युवा ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करने वाले एकमात्र फ्री स्टाइल पहलवान हैं। महाबली सतपाल के छत्रसाल स्टेडियम अखाड़े में कुश्ती के दांव पेंच सीखने वाले 16 साल के अनिरूद्ध ने ताशकंद में 110 किग्रा में रजत पदक हासिल किया था।
हरियाणा के जिला सोनीपत के पुरखाज गांव के अनिरूद्ध पांच साल से छत्रसाल स्टेडियम अखाड़े में हैं। छत्रसाल स्टेडियम के कोच वीरेंद्र ने यह जानकारी देते हुये बताया कि इसी अखाड़े से ग्रीको रोमन पहलवान दीपक को भी युवा ओलंपिक में खेलने का मौका मिल सकता है। वीरेंद्र ने बताया कि दीपक ने ताशकंद में 71 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक हासिल किया था।
वीरेंद्र ने बताया कि कांस्य पदक जीतने वाले दो पहलवानों के बीच फिर बाद में भिड़ंत कराई गयी जिसमें दीपक ने बाजी मार ली। उन्होंने कहाÞ इस मुकाबले को कराने का मकसद युवा ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करने वाले पहलवान का फैसला करना था। हालांकि अभी यह फैसला नहीं हुआ है लेकिन उम्मीद है कि दीपक भी युवा ओलंपिक में जा सकता है। उन्होंने बताया कि ताशकंद चैंपियनशिप में छत्रसाल स्टेडियम अखाड़े के पांच पहलवानों ने हिस्सा लिया जिनमें से चार ने पदक जीते। अनिरूद्ध के रजत और दीपक के कांस्य पदक के अलावा मोनू दहिया ने 92 किग्रा फ्री स्टाइल वर्ग में कांस्य पदक और अंकित वत्स ने 80 किग्रा फ्री स्टाइल वर्ग में कांस्य पदक जीता।

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