सीजीएफ कोर्ट से डांट खाने वाले अधिकारियों के पक्ष में आया आईओए

सीजीएफ कोर्ट से डांट खाने वाले अधिकारियों के पक्ष में आया आईओए

नयी दिल्ली। भारतीय ओलम्पिक संघ (आईओए) गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों के अपने अधिकारियों विक्रम सिंह सिसोदिया, नामदेव शिरगांवकर और रविंदर चौधरी के पक्ष में आ खड़ा हुआ है जिन्होंने राष्ट्रमंडल खेल महासंघ (सीजीएफ) कोर्ट के फटकार लगाने के फैसले की समीक्षा करने की अपील की है। राष्ट्रमंडल खेलों की नो नीडल पॉलिसी के उल्लंघन मामले में भारत के दो एथलीट राकेश बाबू और इरफान कोलोथुम दोषी पाए गए थे। इस मामले की सुनवाई में एथलीटों के अलावा तीन भारतीय अधिकारियों को सीजीएफ के सामने पेश होना पड़ा था। सीजीएफ अध्यक्ष मार्टिन लुइस ने बताया था कि सीजीएफ कोर्ट के सामने हुई सुनवाई में भारतीय दल प्रमुख विक्रम सिंह सिसोदिया, टीम प्रबंधक नामदेव शिरगांवकर और एथलेटिक्स टीम मैनेजर रविंदर चौधरी को फटकार लगायी गयी थी।
टीम मैनेजर नामदेव ने सीजीएफ का विरोध जताते हुये उस समय कहा था, हम सीजीएफ के इस फैसले को स्वीकार नहीं करते हैं और अपने प्रशासन से इस मामले पर बातचीत करेंगे। हम फैसले के खिलाफ अपील करेंगे। यहां मामले को लेकर बहुत दुविधा है। हमें नहीं पता कि हमारे एथलीटों को निलंबित क्यों किया गया है। बाबू के बैग में सिरिंज मिली थी लेकिन इरफान को भी बैन कर दिया गया है। कैसे सीजीएफ को इतना विश्वास है कि दोनों एथलीटों ने एक ही सिरिंज इस्तेमाल की है। बाबू ने माना है कि यह उनका सिरिंज है लेकिन इरफान पर यह आरोप गलत है।

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