इसमें मेरी क्या गलती है: सुशील

इसमें मेरी क्या गलती है: सुशील

नयी दिल्ली। लगातार तीन वाकओवर मिलने से राष्ट्रीय चैंपियन बने पहलवान सुशील कुमार ने आलोचकों को आड़े हाथों लेते हुये रविवार को कहा कि इसमें उनकी क्या गलती है कि जब सामने वाला लडऩा ही नहीं चाहता। इंदौर में 74 किग्रा फ्री स्टाइल वर्ग में राष्ट्रीय चैंपियन बनने के बाद दिल्ली लौटे सुशील ने वाकओवर को लेकर उठे विवाद पर कहा मैं तो पूरी तरह तैयार था। मेरा एक उसूल है कि मैं जब तैयार होता हूं तभी मैट पर उतरता हूं। मैं तो लडऩा चाहता था लेकिन सामने वाला लडऩे के लिये तैयार नहीं था तो इसमें मेरी क्या गलती है।
सुशील आठ साल बाद राष्ट्रीय चैंपियनशिप में और तीन साल बाद अपने पहले टूर्नामेंट में खेलने उतरे। उन्होंने इंदौर में आयोजित सीनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप में 74 किग्रा फ्री स्टाइल वर्ग में खिताब जीता। सुशील ने पहले दो राउंड ढाई मिनट के अंदर ही जीत लिये थे। उन्हें क्वार्टरफाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल में विपक्षी पहलवानों से वाकओवर मिल गया जिससे वह राष्ट्रीय चैंपियन बन गये। लेकिन आलोचकों ने उनके इस तरह राष्ट्रीय चैंपियन बनने पर ही सवाल उठा दिये। इन आलोचनाओं और वॉकओवर पर सुशील ने साफ शब्दों में कहा, तीनों विपक्षी पहलवान मैट पर आये और उन्होंने कोच से कह दिया कि वे नहीं लड़ेंगे। अब इसमें मैं क्या कर सकता हूं। मैं किसी को घर से उठाकर लडऩे के लिये तो नहीं लाऊंगा। उल्लेखनीय है कि इस मुद्दे पर केंद्रीय खेल मंत्री राज्यवर्धन राठौर ने आज कहा मेरा मानना है कि हर खिलाड़ी के पास वापसी करने का हक है और खासकर सुशील जैसे खिलाड़ी को जिन्होंने इस खेल के लिये बहुत कुछ किया है।
34 वर्षीय दो बार के ओलंपिक पदक विजेता पहलवान ने साथ ही कहा मुझे लगता है कि सवाल मुझसे नहीं बल्कि उन पहलवानों से किये जाने चाहिये जिन्होंने मेरे खिलाफ लडऩे से ही मना कर दिया। खेल में ऐसा होता है और जो लोग कुश्ती को नहीं समझते हैं वही इस तरह के सवाल खड़े कर रहे हैं। सुशील ने कहा कि उन्हें राष्ट्रीय चैंपियनशिप में ट्रायल के दौरान भी वाकओवर मिला था। उन्होंने कहा, मैं हमेशा मैट पर लडऩे के लिये तैयार रहता हूं और फिट नहीं होने पर मैट पर बिल्कुल भी नहीं उतरता हूं। मैं इस बार फिट था इसलिये राष्ट्रीय चैंपियनशिप में उतरा। यदि सामने वाले पहलवान उतरने तो मैं उन्हें एक बार में चित कर देता। लगातार दो बार ओलंपिक पदक जीतने वाले एकमात्र भारतीय खिलाड़ी सुशील ने 2018 में होने वाले राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों को अपनी वापसी का लक्ष्य बना रखा है। साथ ही वह 2020 के टोक्यो ओलंपिक में देश के लिये स्वर्ण पदक जीतना चाहते हैं।

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