बैडमिंटन की नयी सुपरपावर बन रहा है भारत: सिंधू-सायना

बैडमिंटन की नयी सुपरपावर बन रहा है भारत: सिंधू-सायना

नयी दिल्ली। विश्व चैंपियनशिप में रजत जीतने वाली पीवी सिंधू और कांस्य पदक जीतने वाली सायना नेहवाल ने केंद्रीय खेल मंत्री विजय गोयल द्वारा यहां आयोजित सम्मान समारोह में गुरूवार को एक स्वर में कहा कि भारत बैडमिंटन की नयी सुपर पावर बन रहा है। खेल मंत्री गोयल ने अपने निवास पर भारतीय बैडमिंटन की इन दोनों दिग्गज महिला खिलाड़यिों के लिये सम्मान समारोह आयोजित किया था। समारोह में राष्ट्रीय बैडमिंटन कोच पुलेला गोपीचंद, सायना के कोच विमल कुमार और शीर्ष पुरूष खिलाड़ी किदाम्बी श्रीकांत भी मौजूद थे। गोयल ने सभी खिलाड़यिों और कोचों को चमचमाती ट्राफी देकर सम्मानित किया। सिंधू और सायना तथा उनके कोचों ने इस अवसर पर सरकार और खासतौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद करते हुये कहा पीएम सर खुद खेलों में बहुत दिलचस्पी लेते हैं और खिलाड़यिों को हमेशा प्रोत्साहित करते रहते हैं। यह हम सभी के लिये बड़े गर्व की बात है। खिलाड़यिों को कोई टूर्नामेंट खेलने और अच्छा परिणाम देने के बाद जब ऐसा सम्मान मिलता है तो उसका मनोबल ऊंचा हो जाता है। विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में रजत जीतने वाली सिंधू ने कहा बैडमिंटन इस समय नयी ऊंचाइयों पर पहुंच चुका है। खिलाड़ी लगातार अच्छे परिणाम दे रहे हैं। मेरा फाइनल मुकाबला बहुत मुश्किल था और यह बैडमिंटन इतिहास के सबसे लंबे मैचों में से एक था। मैंने अपनी ओर से भरपूर कोशिश की थी। 20-20 के स्कोर पर परिणाम किसी के पक्ष में भी जा सकता था। जापानी खिलाड़ी ने भी शानदार खेल दिखाया।
विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक के जरिये अपने आत्मविश्वास में वापसी करने वाली सायना ने कहा भगवान की दया है कि मैं अपने पैरों पर खड़ी हो सकी। मैं विश्वास दिलाती हूं कि आगे भी अच्छा प्रदर्शन करूंगी। मैं अपने सभी शुभचिंतकों को भी धन्यवाद देना चाहती हूं। सायना ने साथ ही कहा सरकार और गोयल सर हमें लगातार अपना समर्थन दे रहे हैं और सुविधाएं भी मिल रही हैं। मुझे लगता है कि अब चैंपियन तैयार करना मुश्किल नहीं है क्योंकि जैसी सुविधाएं मिल रही हैं वे खिलाड़यिों के लिये बहुत कारगर है। लेकिन खिलाड़यिों को खुद भी अच्छा करना होगा और परिणाम देने होंगे। भारतीय टीम अब चीन, जापान और कोरिया जैसी मजबूत टीम बन चुकी है। विश्व चैंपियनशिप में क्वार्टरफाइनल तक पहुंचे शीर्ष पुरूष खिलाड़ी श्रीकांत ने कहा मैं पिछले महीने भी यहां एक स्वागत समारोह में आया था। मैं सरकार को उसके सहयोग के लिये धन्यवाद देना चाहता हूं। किसी टूर्नामेंट में खेलने और वापिस आने पर ऐसा स्वागत मिलने से किसी भी खिलाड़ी का मनोबल ऊंचा होता है। मैं अपने कोच गोपी सर को भी उनके लगातार सहयोग के लिये धन्यवाद देता हूं। मैं क्वार्टरफाइनल में हार गया था लेकिन मैंने वहां से बहुत कुछ सीखा है। राष्ट्रीय कोच गोपीचंद ने कहा, हमारे साथ इस समय दो विश्व चैंपियनशिप के पदक विजेता बैठे हैं। पिछले दो ओलंपिक और कई विश्व चैंपियनशिप में हमने लगातार कई अच्छे परिणाम दिये। हमारे खिलाड़ी टूर्नामेंटों में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं और कोई न कोई जरूर खिताब जीतता है।

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