सुशील का इतिहास दोहराने की चुनौती

सुशील का इतिहास दोहराने की चुनौती

नई दिल्ली। भारतीय सीनियर कुश्ती टीम के सामने 21 से 26 अगस्त तक फ्रांस के पेरिस में होने वाली विश्व कुश्ती प्रतियोगिता में दिग्गज पहलवान सुशील कुमार का इतिहास दोहराने की चुनौती रहेगी। भारत की 24 सदस्यीय टीम इस प्रतियोगिता में पुरुष फ्री स्टाइल और ग्रीको रोमन वर्ग तथा महिला वर्ग में अपनी दमदार चुनौती रखेगी। भारत को प्रतियोगिता में रियो ओलम्पिक की कांस्य पदक विजेता पहलवान साक्षी मलिक और विनेश फोगाट तथा पुरुषों में बजरंग, संदीप तोमर और प्रवीण राणा से उम्मीदें रहेंगी। भारतीय टीम चैंपियनशिप से पहले पेरिस में 18 अगस्त तक विशेष ट्रेनिंग कैंप में हिस्सा लेगी। ट्रेनिंग कैंप के दौरान बजरंग और राहुल मान के बीच अंतिन चयन ट्रायल भी होगा और विजेता पहलवान 65 किलोग्राम फ्री स्टाइल वर्ग में उतरेगा। भारत ने विश्व कुश्ती प्रतियोगिता के इतिहास में एक स्वर्ण, दो रजत और आठ कांस्य सहित कुल 11 पदक जीते हैं। दो बार ओलम्पिक में लगातार पदक जीतकर इतिहास बनाने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी सुशील ने 2010 में रूस में हुई विश्व चैंपियनशिप में 66 किलोग्राम फ्री स्टाइल वर्ग में रूस के एलन गोगायेव को हराकर स्वर्ण पदक जीता था जो विश्व चैंपियनशिप में अब तक भारत का एकमात्र स्वर्ण पदक है।
भारतीय पहलवानों से यदि उम्मीदों को देखा जाए तो इस साल भारत की मेजबानी में हुई एशियाई चैंपियनशिप के प्रदर्शन को आधार माना जा सकता है। एशियाई चैंपियनशिप में भारत को एक स्वर्ण, पांच रजत और चार कांस्य सहित कुल 10 पदक जीते थे। बजरंग पूनिया ने 65 किग्रा फ्री स्टाइल वर्ग में भारत को एकमात्र स्वर्ण पदक दिलाया था जबकि सुमित 125 किग्रा फ्री स्टाइल वर्ग में रजत जीत पाये थे। ग्रीको रोमन में हरप्रीत सिंह ने 80 और अनिल कुमार ने 85 किग्रा में रजत पदक जीते थे। महिला पहलवानों ने ओलंपिक कांस्य विजेता साक्षी मलिक ने 60, विनेश फोगाट ने 55, सरिता ने 58 और दिव्या काकरान ने 69 किग्रा में रजत पदक जीते थे। रितु फोगाट ने 48 किग्रा और ज्योति ने 75 किग्रा में कांस्य पदक जीते थे। विश्व चैंपियनशिप में सबसे ज्यादा दबाव साक्षी पर रहेगा जिन्होंने एशियाई चैंपियनशिप के फाइनल में जापान की रिसाको कवाई के हाथों हारने के बाद एक विवादास्पद बयान दिया था कि उन्हें जापानी पहलवान को हराने के लिये दूसरा जन्म लेना होगा। विश्व चैंपियनशिप भारतीय पहलवानों के लिये कड़ी परीक्षा साबित होगी। हाल में फिनलैंड में हुई जूनियर विश्व चैंपियनशिप में भारत ने तीन कांस्य पदक जीते थे। ओलंपिक पदक विजेता पहलवान योगेश्वर दत्त का मानना है कि इस विश्व चैंपियनशिप में भारतीय पहलवान पदक जीत सकते हैं और उनका कहना है कि बजरंग, संदीप तोमर, प्रवीण राणा, साक्षी मलिक और विनेश फोगाट विश्व चैंपियनशिप में देश के लिये पदक ला सकते हैं।

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