महाबली सतपाल के शिष्य सुमित बने भारत केसरी

महाबली सतपाल के शिष्य सुमित बने भारत केसरी

नई दिल्ली। पद्मभूषण से सम्मानित महाबली सतपाल के शिष्य सुमित मलिक ने गुरू हनुमान अखाड़े के नासिर हुसैन को कड़े मुकाबले में 3-0 से हराकर भारतीय कुश्ती के पितामह गुरू हनुमान के 119वें जन्मदिवस पर आयोजित दंगल में भारत केसरी खिताब जीत लिया। सुमित ने नासिर को 3-0 से पराजित किया और भारत केसरी खिताब के साथ दो लाख 11 हजार रूपये का पुरस्कार जीता। नासिर को एक लाख रूपये मिले। छत्रसाल स्टेडियम के सतेंद्र और गुरू हनुमान अखाड़े के कपिल धामा को तीसरा स्थान मिला। सतेंद्र और कपिल को 41-41 हजार रूपये की पुरस्कार राशि मिली। भारत कुमार का खिताब नौसेना के संजीत ने छत्रसाल स्टेडियम के दीपक को हराकर जीता। स्कोर हालांकि 2-2 रहा लेकिन आखिरी अंक जीतने के कारण संजीत विजेता बन गये। छत्रसाल स्टेडियम के जितेश और गुरू हनुमान अखाड़े के नीरज को तीसरा स्थान मिला। जितेश और नीरज को 26-26 हजार रूपये की पुरस्कार राशि मिली। बाल केसरी दंगल में गुरू हनुमान अखाड़े के संदीप मलिक ने छत्रसाल स्टेडियम के मनीष को 9-3 से पराजित कर खिताब जीता। संदीप को 21 हजार रूपये और मनीष को 15 हजार रूपये मिले। तीसरे स्थान पर रहे गुरू हनुमान के मंगल और बहादुरगढ़ के राहुल को 8-8 हजार रूपये की पुरस्कार राशि मिली। दंगल के दौरान दो बार के ओलंपिक पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार को गुरू हनुमान खेल रत्न अवार्ड श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर कैलाश नंदजी महाराज ने प्रदान किया। गुरू हनुमान भारतीय खेल संस्था के पदाधिकारियों की ओर से सुशील को एक लाख रूपये और प्रशस्ति पत्र दिया गया। दंगल समारोह में मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री डा. हर्षवर्धन थे जिन्होंने गुरू हनुमान अखाड़े को पूरी सहायता देने का आश्वासन दिया। रौशनारा बाग में दंगल का आयोजन गुरू हनुमान अखाड़े के चेयरमैन सतपाल, गुरू हनुमान भारतीय खेल संस्था के अध्यक्ष राज सिंह, सचिव दिलबाग पहलवान, कोषाध्यक्ष रमेश मोर की निगरानी में किया गया। भारत केसरी पहलवान नवीन मोर ने दंगल का संचालन किया और द्रोणाचार्य अवार्डी महासिंह राव तथा अंतरराष्ट्रीय रेफरी जगबीर सिंह ने कुश्तियों का निर्विवाद संचालन किया। ओलंपिक पदक विजेता योगेश्वर दत्त, द्रोणाचार्य रामफल मान, द्रोणाचार्य महावीर प्रसाद, अर्जुन अवार्डी महावीर, अंतरराष्ट्रीय पहलवान चरणदास, अर्जुन अवार्डी नरेश, नरेंद्र, रोहतास, शौकिंदर तोमर, राजकुमार सांगवान, ध्यानचंद अवार्डी राजकुमार, अंतरराष्ट्रीय कोच रोहताश सिंह, भारत केसरी भगत पहलवान तथा अन्य अंतरराष्ट्रीय पहलवानों ने दंगल में गुरू हनुमान को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

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