युवाओं के लिए बड़ा मंच है खेलो इंडिया: पहलवान अंजू

युवाओं के लिए बड़ा मंच है खेलो इंडिया: पहलवान अंजू

पुणे। अंजू कुमारी ने यहां जारी खेलो इंडिया यूथ गेम्स-2019 में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुश्ती के 53 किलोग्राम भारवर्ग का स्वर्ण पदक अपने नाम किया। अंजू ने फिनलैंड में 2017 में हुई विश्व जूनियर कुश्ती चैम्पियनशिप में भी कांस्य पदक जीता था और उन्होंने माना कि खेलो इंडिया देश के युवा खिलाडिय़ों को अपना कौशल दिखाने के लिए अच्छा मंच प्रदान कर रहा है। अंजू ने कहा, ''मेरा लक्ष्य भारत के लिए हर संभव टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीतने का है। खेलो इंडिया यूथ गेम्स मेरे जैसे खिलाडिय़ों के लिए एक बड़ा और प्रेरणादायक मंच है। इसके जरिए न केवल हम देश का प्रतिनिधित्व कर पाएंगे बल्कि यह एक ऐसा सिस्टम भी बना रहा है, जो फिटनेस को बढ़ावा देता है। हरियाणा की अंजू को जगदीश कौर कोचिंग देती हैं। अंजू की मां ने ही उनका पालन-पोषण किया है और उनकी मां ही उनके लिए सबसे बड़ी प्रेरणा का स्रोत हैं। अंजू ने कहा, ''उन्होंने मेरे सपनों को संभव बनाने के लिए कड़ी मेहनत की है और मैं बस जीतकर उन्हें खुश करना चाहती हूं। अंजू ने नौवीं कक्षा में कुश्ती शुरू की थी और वह मानती हैं कि उन्हें अपनी तकनीक पर काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, ''एक अच्छा पहलवान बनने के लिए तकनीक बहुत जरूरी है और आने वाले समय में मैं अपना पूरा ध्यान उस पर ही केंद्रित करुंगी। हरियाणा की टीम के साथ मौजूद कुश्ती के कोच विजेंदर सिंह ने राज्य सरकार की भी प्रशंसा की। विजेंदर ने कहा, ''हमारी सरकार के समर्थन, बुनियादी सुविधाओं और मौकों ने इन लड़कियों का आत्मविश्वास बढ़ाया है। वह पिछडऩे के बाद भी निडर होकर मुकाबला करती हैं और जीत की मन में ठानकर आखिरी दम तक लड़ती हैं। मैं समझता हूं कि इससे अंतर पैदा हुआ है। [रॉयल बुलेटिन अब आपके मोबाइल पर भी उपलब्ध, ROYALBULLETIN पर क्लिक करें और डाउनलोड करे मोबाइल एप]

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