तीनों प्रारूपों में खेलना चाहता हूं: जडेजा

तीनों प्रारूपों में खेलना चाहता हूं: जडेजा

लंदन। पिछले काफी अर्से से सीमित प्रारूप से बाहर चल रहे भारतीय स्पिनर रवींद्र जडेजा ने कहा है कि वह राष्ट्रीय टीम के लिये तीनों प्रारूपों में खेलना चाहते हैं। इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें और अंतिम क्रिकेट टेस्ट में भारतीय टीम में अंतिम एकादश का हिस्सा जडेजा ने पहली पारी में मेजबान टीम के 57 रन पर दो विकेट निकाले। वह पांच मैचों की सीरी में पहली बार अंतिम एकादश का हिस्सा बने हैं। ओवल मैदान पर चल रहे मैच के पहले दिन की समाप्ति के बाद उन्होंने कहा, मेरे लिये सबसे बड़ी बात है कि मैं भारत के लिये खेल रहा हूं और जब मैं और बेहतर करने लगूंगा तो उम्मीद है कि मैं वापिस तीनों प्रारूपों में खेल पाऊं। उन्होंने कहा, मेरा ध्यान फिलहाल मिले हुये मौके का पूरा फायदा उठाना है। क्योंकि जब आप एक ही प्रारूप में खेल रहे होते हैं तो आपकी लय खराब हो जाती है और बीच में खेल के लंबा अंतर आ जाता है। एक ही प्रारूप में खेलने से आपको अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कम खेलने को मिलता है। ऐसे में जब भी मौका आता है आप उसका फायदा उठाना चाहते हैं। मेरे पास जो भी काबिलियत है मैं उसे मैदान पर लाना चाहता हूं।

जडेजा ने केवल स्पिनर के बजाय अपनी ऑलराउंडर की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा, मेरे पास भारत के लिये खेलने का जब भी मौका आयेगा मैं केवल गेंदबाजी ही नहीं बल्लेबाजी में भी अपना शत प्रतिशत प्रदर्शन करूंगा। मैं भारतीय टीम का भरोसेमंद खिलाड़ी बनना चाहता हूं और ऑलराउंडर की भूमिका में खेलना चाहता हूं। मैं पहले भी ऐसा कर चुका हूं और मेरे लिये यह कोई नयी बात नहीं है। यह केवल समय की बात है।

जडेजा ने कहा, कि जब आप बुरे दौर से गुजर रहे होते हैं तो आपको अपनी लय हासिल करने के लिये अधिक खेलने की जरूरत होती है। मेरे लिये यह तब ही संभव है जब मैं अधिक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहा हूं। मैं तीनों प्रारूपों में जितना अधिक खेलूंगा उतना ही अधिक मेरा खेल बेहतर होगा। इंग्लैंड से पांच मैचों की सीरी•ा 1-3 से गंवा चुकी भारतीय टीम ने आखिरी मैच की अच्छी शुरूआत की और मेजबान टीम के पहली पारी में सात विकेट झटक लिये। जडेजा ने गेंदबाजों की प्रशंसा करते हुये कहा कि सभी गेंदबाजों ने एक साथ अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा, सभी ने अच्छी गेंदबाजी की। मोइन और एलेस्टेयर कुक की साझेदारी को तोडऩा और बाउंड्री रोकना हमारी योजना में था। हमें पता था कि यदि उन्हें बाउंड्री नहीं मिलेगी तो वे हड़बड़ाहट में गलतियां करेंगे और गलत शॉट खेलकर अपने विकेट गंवा देंगे और ऐसा ही हुआ।

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