मेरे पास इंग्लिश परिस्थितियों का व्यापक अनुभव: पुजारा

मेरे पास इंग्लिश परिस्थितियों का व्यापक अनुभव: पुजारा

नयी दिल्ली। भारतीय बल्लेबाज हमेशा इंग्लैंड की परिस्थितियों में लडख़ड़ाते रहे हैं लेकिन टीम के विश्वसनीय बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा मानते हैं कि उनके पास इन परिस्थितियों का व्यापक अनुभव है और वह इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में बेहतर प्रदर्शन करेंगे।

पुजारा ने क्रिकेट मंथली को दिये साक्षात्कार में कहा, इंग्लैंड दौरा हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है। लेकिन आप यहां की पिच और उसकी उछाल पर भरोसा कर सकते हैं। यदि आप अपने शॉट खेलते हैं तो विकेट पर टिके रह सकते हैं। मैंने इंग्लैंड में खासतौर पर काउंटी क्रिकेट में काफी खेला है और मुझे यहां 2014 की सीरीज में भी खेलने का अनुभव है। इसलिये यहां की परिस्थितियां मेरे लिये मनमाफिक हैं।

शीर्ष क्रम के बल्लेबाज पुजारा ने इंग्लैंड में 29 प्रथम श्रेणी मैच में 1532 रन बनाये हैं और उनका औसत 34.04 का है। इन रनों में चार शतक सहित नौ 50 प्लस स्कोर शामिल है। उनका इंग्लैंड में सर्वाधिक स्कोर नाबाद 208 रन है जो उन्होंने भारत ए की ओर से खेलते हुये वेस्टइंडीज ए के खिलाफ बनाया था।

इंग्लैंड के पिछले दौरे से मिले सबक के बारे में पूछने पर पुजारा ने कहा, मैं खुद पर काफी दबाव डाल रहा था। मैंने अपने करियर के शुरूआती दौर में कई दोहरे शतक बनाये थे और मुझे लग रहा था कि मैं इंग्लैंड में भी दोहरा शतक बना लूंगा। लेकिन आपके पास ऐसी सोच नहीं होनी चाहिये। एक बल्लेबा•ा के तौर पर आपको परिस्थितियों के हिसाब से खेलना चाहिये और टीम के लिये अच्छा स्कोर बनाना चाहिये। आपका फोकस अपने लिये रन बनाने पर नहीं होना चाहिये।

पुजारा ने इंग्लैंड में पांच टेस्टों में मात्र 22 का औसत होने के बारे में बड़ी ईमानदारी से कहा, कई बार आप असफल होते हैं। लेकिन आपको एक व्यक्ति के तौर पर खुद पर दबाव नहीं डालना चाहिये। मुझे लगता है कि मुझे खुद को किसी अन्य के मुकाबले अपने सामने साबित करने की जरूरत है। मैं जानता हूं कि मैंने काउंटी क्रिकेट में और भारत ए के लिये पर्याप्त रन बनाये हैं।

टीम इंडिया के दूसरे श्रीमान भरोसेमंद कहे जाने वाले पुजारा ने कहा, हमेशा बड़ा शतक बनाने की बात नहीं होनी चाहिये। मैं जितना संभव हो उतने रन बनाना पसंद करता हूं। यदि आप इंग्लैंड में औसत स्कोर देखें तो यह भारत जैसा नहीं है जहां आप पांच टेस्टों में तीन या चार शतक बना देते हैं। इंग्लैंड में शीर्ष बल्लेबाज भी दो शतक या कुछ अर्धशतक ही बना पाते हैं। इसलिये यहां औसत स्कोर आस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका या भारत के मुकाबले अलग है।

पुजारा ने साथ ही कहा, आपको एक बात स्वीकार करनी होगी, इंग्लैंड की पिचें चुनौतीपूर्ण हैं। आप आउट हो सकते हैं। आपको अपनी तकनीक और एकाग्रता से तालमेल बैठाने की जरूरत होगी तभी आप ज्यादा सफल हो पाएंगे। मुझे लगता है कि मेरे पास यह सभी खूबियां हैं। मैंने बड़ी मुश्किल परिस्थितियों में भी खेला है। इस साल जनवरी में जोहानसबर्ग में तीसरे टेस्ट की विकेट सबसे ज्यादा मुश्किल थी। इसके बावजूद मैंने अर्धशतक बनाया था इसलिये मुझे विश्वास है कि मैं इंग्लैंड में इस बार रन बना सकूंगा।

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