आर्थिक आंकड़े, तिमाही परिणाम तय करेंगे शेयर बाजार की चाल

आर्थिक आंकड़े, तिमाही परिणाम तय करेंगे शेयर बाजार की चाल


मुम्बई । नये साल की शुरूआत साप्ताहिक गिरावट से करने वाले घरेलू शेयर बाजार में बीते सप्ताह रौनक लौटी और बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 314.74 अंक की साप्ताहिक तेजी दर्ज करता हुआ 36,009.84 अंक पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 57.6 अंक की बढ़त के साथ 10,784.95 अंक पर बंद हुआ।

आलाेच्य सप्ताह के दौरान दिग्गज कंपनियों की अपेक्षा छोटी और मंझोली कंपनियों में कम लिवाली रही। बीएसई का मिडकैप 29.43 अंक की साप्ताहिक बढ़त के साथ 15,177.03 अंक पर और स्मॉलकैप 7.96 अंक की तेजी के साथ 14,600.37 अंक पर पहुंच गया।

आगामी सप्ताह शेयर बाजार पर न सिर्फ कंपनियों के तिमाही परिणाम और आर्थिक अांकड़ों का असर दिखेगा बल्कि भारतीय मुद्रा की चाल और अंर्तराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें भी निवेश धारणा को प्रभावित करेंगी। इसके अलावा वैश्विक संकेतों पर भी निवेशक की नजर रहेगी।

बीते सप्ताह कारोबार के समय के बाद आईटी क्षेत्र की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी इंफोसिस के परिणाम जारी हुये, जिसके मुताबिक चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में उसका शुद्ध लाभ 30 फीसदी घटकर 3,610 करोड़ रुपये पर आ गया । कंपनी ने 8,260 करोड़ रुपये की लागत से 10.32 करोड़ से अधिक शेयर पुनर्खरीद करने की घोषणा भी की है। इसके अलावा बीते शुक्रवार को ही औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े भी जारी किये गये। देश की आर्थिक गतिविधियों का पैमाना कहे जाने वाला औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में वृद्धि नवंबर 2018 में 17 महीने के निचले स्तर 0.5 प्रतिशत रही जबकि अक्टूबर 2018 में यह 8.4 प्रतिशत और नवंबर 2017 में 8.5 प्रतिशत रही थी। औद्योगिक उत्पादन में यह वृद्धि जून 2017 में 0.3 प्रतिशत के बाद की सबसे कम रही है। ये दोनों आंकड़े भी अगले सप्ताह निवेश धारणा को प्रभावित करेंगे।

अगले सप्ताह 14 जनवरी को थोक महंगाई दर और खुदरा महंगाई दर के आंकड़े जारी होने हैं आैर 15 जनवरी को व्यापार संतुलन संबंधी आंकड़ा जारी होना है। शेयर बाजार पर इन आंकड़ों का प्रभाव रहेगा। इसके अलावा अगले सप्ताह कई दिग्गज कंपनियां तिमाही वित्तीय परिणाम जारी करेंगी। अगली 16 जनवरी को डीसीबी बैंक, 17 जनवरी को रिलायंस इंडस्ट्रीज, हिंदुस्तसन यूनीलीवर, फेडरल बैंक, 18 जनवरी को विप्रो तथा 19 जनवरी को एचडीएफसी बैंक के तिमाही परिणाम जारी होने हैं।

अमेरिका में जारी शटडाउन का असर वैश्विक बाजारों के साथ घरेलू शेयर बाजार पर भी रह सकता है। कच्चे तेल के उतार-चढाव और डॉलर की तुलना में रुपये की स्थिति पर भी निवेशकों की नजर रहेगी।


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